सलबा पोल्ट्री फार्म को बंद कराने ग्रामीणों की गुहार, विधायक समेत प्रशासन को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
दुर्गंध और मक्खियों से बीमारी फैलने की आशंका, बर्ड फ्लू के बीच ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

बैकुंठपुर/कोरिया।कोरिया जिले के ग्राम पंचायत सलबा में संचालित कलाम पोल्ट्री फार्म को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने पोल्ट्री फार्म को बंद कराने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक, कलेक्टर, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बर्ड फ्लू के मामलों के सामने आने के बाद भी संबंधित पोल्ट्री फार्म में चिकन की बिक्री जारी है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। उनका कहना है कि पोल्ट्री फार्म से लगातार दुर्गंध आती है और बड़ी संख्या में मक्खियां आसपास के रहवासी क्षेत्र में फैल रही हैं, जिससे लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि क्षेत्र में कुछ लोग बीमार भी पड़े हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मुद्दा नया नहीं है।

लंबे समय से शासन-प्रशासन के समक्ष शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में निराशा और नाराजगी बढ़ रही है। उनका आरोप है कि रहवासी इलाके में पोल्ट्री फार्म का संचालन नहीं होना चाहिए, बावजूद इसके नियमों की अनदेखी कर इसका संचालन किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आसपास रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जाए तथा यदि स्वास्थ्य संबंधी खतरा या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो पोल्ट्री फार्म के संचालन पर रोक लगाई जाए।
इस आवेदन पर ग्राम पंचायत सलबा के सरपंच सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को भी भेजी गई है।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्रशासन अथवा संबंधित पोल्ट्री फार्म संचालक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अथवा प्रशासनिक जांच अभी शेष है।









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