नेपाल का ‘रक्त-चरित्र’: हथियारों से लैस प्रदर्शनकारी, जलते नेताओं के घर, बंद हुआ काठमांडू एयरपोर्ट, जानें ताज़ा अपडेट
काठमांडू। नेपाल में Gen-Z आंदोलन अब खतरनाक मोड़ ले चुका है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बावजूद हालात काबू से बाहर हैं। राजधानी काठमांडू सहित कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया है। हथियारों से लैस भीड़ सड़कों पर उतर आई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक घायल हुए हैं।
✦ पूर्व प्रधानमंत्रियों और नेताओं पर हमला
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आंदोलनकारियों ने 3 पूर्व प्रधानमंत्रियों—शेर बहादुर देउबा, झालानाथ खनाल और पुष्प कमल दहल (प्रचंड) के घरों को निशाना बनाया।
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झालानाथ खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार आग में जलकर मौत का शिकार हो गईं।
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पूर्व पीएम देउबा को घर में घुसकर पीटा गया, वहीं वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर काठमांडू में हमला हुआ।
✦ काठमांडू एयरपोर्ट बंद, भारत की फ्लाइट्स रद्द
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हालात बिगड़ने के बाद सेना ने त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कब्जा कर लिया।
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सभी हवाई अड्डे बुधवार दोपहर तक बंद रहेंगे।
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भारत-नेपाल के बीच चलने वाली Air India, Indigo और Nepal Airlines की दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
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रोजाना चलने वाली 250 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित हुईं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी है।
✦ सेना का कंट्रोल, सख्त चेतावनी
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नेपाली सेना ने मंगलवार रात 10 बजे से पूरे देश का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया।
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सेना ने बयान जारी कर कहा कि "कुछ समूह इस आंदोलन का फायदा उठाकर लूटपाट और आगजनी कर रहे हैं।"
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चेतावनी दी गई है कि अगर हिंसा नहीं रुकी तो और सैनिक तैनात किए जाएंगे।
✦ नेपाल में क्यों भड़का बवाल?
सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब सरकार-विरोधी जनआंदोलन में बदल चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार भ्रष्टाचार कर रही है और जनता की अनदेखी कर रही है।

















