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योग के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन की पहल एनआईटी रायपुर में 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र आयोजित

योग के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन की पहल एनआईटी रायपुर में 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र आयोजित

 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष योग सत्र 1 जून से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक संस्थान परिसर में नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।

संस्थान द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा तनावमुक्त एवं संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, कार्य का बढ़ता दबाव और मानसिक तनाव के बीच योग को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। इसी उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर द्वारा यह अभ्यास सत्र आयोजित किया जा रहा है।

आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकीकृत ‘योग प्रोटोकॉल’ के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास शामिल किए गए हैं। यह प्रोटोकॉल इस प्रकार तैयार किया गया है कि शुरुआती अभ्यासी, विद्यार्थी, शोधार्थी, वरिष्ठ नागरिक तथा नियमित योग साधक सभी इसका लाभ उठा सकें। योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को सही तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से योगाभ्यास कराया जा रहा है।

संस्थान परिसर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम योग हॉल में आयोजित इन सत्रों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं उनके परिवारजनों के साथ-साथ संस्थान से बाहर के इच्छुक नागरिक भी भाग ले सकते हैं। योग अभ्यास सत्र सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 4 बजे से 5:30 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं।

संस्थान प्रबंधन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित यह अभ्यास सत्र प्रतिभागियों को योग के प्रति जागरूक करने तथा नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बड़ी संख्या में प्रतिभागी इन सत्रों में उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। सत्र में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी अधिक जानकारी के लिए डॉ. मंजू शुक्ला (7587068170) एवं श्री सूरज निषाद (9713214096) से संपर्क कर सकते हैं।

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चिरमिरी में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधारोपण, "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को मिला जनसमर्थन

चिरमिरी में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधारोपण, "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को मिला जनसमर्थन

चिरमिरी, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग चिरमिरी द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वनपरिक्षेत्र अधिकारी चिरमिरी, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ मुकुंदपुर ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण कर उसकी देखभाल का संकल्प लेना चाहिए।
वनपरिक्षेत्र अधिकारी ने अभियान की महत्ता बताते हुए कहा कि "एक पेड़ मां के नाम" केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान
 
व्यक्त करने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने की अपील की।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। पौधारोपण के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर भी जागरूकता संदेश दिए गए।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
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एसईसीएल मुख्यालय में महाप्रबंधक समन्वय बैठक सम्पन्न

एसईसीएल मुख्यालय में महाप्रबंधक समन्वय बैठक सम्पन्न

एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में दिनांक 02 जून 2026 को महाप्रबंधक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कंपनी के उत्पादन, प्रेषण, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मानव संसाधन प्रबंधन तथा विभिन्न परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए खदानों एवं परियोजनाओं में आवश्यक तैयारियों तथा सुरक्षा उपायों पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई।



बैठक की अध्यक्षता सीएमडी श्री हरीश दुहन ने की। इस अवसर पर  तकनीकी (संचालन) श्री एन फ्रैंकलिन जयकुमार , निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, निदेशक (वित्त) श्री डी. सुनील कुमार, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चंद्र महापात्र  इसके अतिरिक्त सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं मुख्यालय के विभागाध्यक्ष भी बैठक में उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा कि कंपनी के समग्र प्रदर्शन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सभी क्षेत्रों एवं विभागों के बीच बेहतर समन्वय, कार्यकुशलता तथा नवाचार आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति, चुनौतियों एवं उपलब्धियों से संबंधित जानकारी साझा की तथा उत्पादन वृद्धि, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण एवं कार्य निष्पादन में सुधार हेतु विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक के अंत में मई माह के दौरान एसईसीएल से सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित अधिकारियों में श्री सी शक्तिवेल , महाप्रबंधक (ई&टी),  (ई&टी),  विभाग तथा श्री ए. के. पटनायक, महाप्रबंधक (सिविल), सायडिंग विभाग शामिल थे।

Kishan Reddy Gangapuram
Satish Chandra Dubey
Ministry of Coal,Government of India
Coal India Limited

#secl #teamsecl
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दिव्यांग सशक्तिकरण को बल एनटीपीसी लारा ने वितरित किए कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग

दिव्यांग सशक्तिकरण को बल एनटीपीसी लारा ने वितरित किए कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग

 समावेशी एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड की लारा परियोजना ने दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है। परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में निवासरत दिव्यांग हितग्राहियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर, गतिशील एवं सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से एनटीपीसी लारा की सामाजिक संस्था प्रेरिता महिला समिति द्वारा कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया।

दिनांक 2 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेखा ठाकुर ने दिव्यांग हितग्राहियों को कृत्रिम अंग प्रदान किए। यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन स्तर में सुधार लाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक एवं स्वतंत्र रूप से जीवनयापन करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृत्रिम अंग वितरण से पूर्व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता से हितग्राहियों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यकता का आकलन किया गया। इसके आधार पर प्रत्येक हितग्राही के लिए विशेष रूप से अनुकूलित (कस्टमाइज्ड) कृत्रिम अंग तैयार कर उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें अधिक सुविधा और बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर श्रीमती रेखा ठाकुर ने कहा कि प्रेरिता महिला समिति समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य ऐसा समाज विकसित करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों के साथ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि यह पहल एनटीपीसी की उस व्यापक सामाजिक प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसके अंतर्गत संस्था विद्युत उत्पादन के साथ-साथ अपने परियोजना क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी सक्रिय योगदान दे रही है।

लाभार्थियों ने कृत्रिम अंग प्राप्त करने पर राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड, लारा तथा प्रेरिता महिला समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उन्हें दैनिक कार्यों को अधिक सुगमता और आत्मनिर्भरता के साथ करने में मदद मिलेगी तथा आजीविका के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। लाभार्थियों ने बताया कि कृत्रिम अंगों की सहायता से अब वे अधिक स्वतंत्रता के साथ चल-फिर सकेंगे तथा उन्हें बैसाखियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

एनटीपीसी लारा द्वारा संचालित इस प्रकार की सामाजिक पहलें संस्था की एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। साथ ही, ये प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा एक समावेशी, संवेदनशील और सबको साथ लेकर चलने वाले समाज के निर्माण को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती तृप्ति पावगी, महासचिव श्रीमती ममता साहू, वरिष्ठ सदस्या श्रीमती शबनम अहमद सहित समिति की अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग हितग्राही उपस्थित थे।

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आईआईटी भिलाई की बड़ी उपलब्धि शोधकर्ताओं ने मौखिक दवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए विकसित की स्मार्ट दवा वितरण तकनीक

आईआईटी भिलाई की बड़ी उपलब्धि शोधकर्ताओं ने मौखिक दवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए विकसित की स्मार्ट दवा वितरण तकनीक

 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई के शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सामग्री (हेल्थकेयर मैटेरियल्स) के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक नई 'स्मार्ट' दवा-वितरण (ड्रग-डिलिवरी) सामग्री विकसित की है। डॉ. संजीब बैनर्जी के नेतृत्व में शोधकर्ता स्वरूप माईती, सुदीप्त पॉल, संदीपन घोष और डॉ. संजय कुमार गुप्ता की टीम द्वारा तैयार की गई यह अनूठी तकनीक दवाओं को पेट के तेज एसिड से सुरक्षित रखते हुए आंत में नियंत्रित तरीके से छोड़ने में पूरी तरह सक्षम है। यह नवाचार भविष्य में मुंह से ली जाने वाली (मौखिक) दवाओं को अधिक सुरक्षित, सटीक और अत्यधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

आमतौर पर मुंह से ली जाने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं पेट के अत्यधिक अम्लीय (एसिडिक) वातावरण के कारण आंत तक पहुंचने से पहले ही अपनी प्रभावशीलता खो देती हैं। पेट का एसिड दवा के लक्षित स्थान पर पहुंचने से पहले ही उसके सक्रिय तत्वों को नुकसान पहुंचा देता है, जिससे दवा का असर काफी कम हो जाता है और मरीजों को बीमारी के इलाज के लिए बार-बार या अधिक मात्रा में दवा लेने की आवश्यकता पड़ती है। इस गंभीर चिकित्सा चुनौती का दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए आईआईटी भिलाई की टीम ने एक ऐसा 'स्मार्ट वाहक' (स्मार्ट कैरियर) विकसित किया है, जो दवा के ऊपर एक मजबूत सुरक्षात्मक कवच की तरह काम करता है। यह उन्नत सामग्री पेट के तीव्र अम्लीय वातावरण में पूरी तरह स्थिर रहती है और जैसे ही यह आंत के अनुकूल वातावरण में पहुंचती है, यह अपने-आप सक्रिय होकर दवा को धीरे-धीरे व आवश्यकतानुसार नियंत्रित तरीके से छोड़ती है।

इस अभूतपूर्व शोध की सबसे बड़ी विशेषता इस सामग्री का "स्मार्ट" और संवेदनशील होना है, जो मानव शरीर के आंतरिक बदलावों व जैविक संकेतों को महसूस कर उसी के अनुरूप सटीक प्रतिक्रिया देती है। इसके अतिरिक्त, इस सामग्री में शोधकर्ताओं द्वारा एक 'इनबिल्ट चमक' (फ्लोरोसेंस) भी शामिल की गई है, जिसकी मदद से वैज्ञानिक शरीर के भीतर दवा की सुरक्षित आवाजाही और उसकी सटीक गतिशीलता को आसानी से ट्रैक (निगरानी) कर सकते हैं। प्रयोगशाला और पशुओं पर किए गए शुरुआती अध्ययनों (प्री-क्लीनिकल ट्रायल्स) में इस तकनीक के बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं, जहाँ इस सामग्री ने पेट जैसी कठिन परिस्थितियों में भी दवा की सफलतापूर्वक रक्षा की, जिससे भविष्य में दवाओं के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट्स) कम होने और चिकित्सीय प्रभाव में भारी सुधार होने की प्रबल संभावना है।

आईआईटी भिलाई के मुख्य शोधकर्ता डॉ. संजीब बैनर्जी ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह शोध चिकित्सा जगत को अधिक स्मार्ट, सटीक और लक्षित दवाओं (टारगेटेड मेडिसिन) की दिशा में एक कदम आगे ले जाता है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य ऐसी उन्नत प्रणालियां विकसित करना है जो दवाओं की बर्बादी को रोकें, उन्हें शरीर के सही स्थान पर पहुंचाएं और वैश्विक स्तर पर मरीजों की सुरक्षा व चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बना सकें। उल्लेखनीय है कि यह महत्वपूर्ण शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त जर्नल 'एसीएस एप्लाइड मैटेरियल्स एंड इंटरफेसेज' (ACS Applied Materials & Interfaces) में भी प्रकाशित हुआ है, जो भविष्य की स्मार्ट दवा-वितरण तकनीकों में भारत के बढ़ते कदमों और इस नवाचार की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।

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अंबिकापुर से निकलेगी पावन तीर्थ यात्रा, खाटू श्याम सहित कई प्रसिद्ध धामों के होंगे दर्शन

अंबिकापुर से निकलेगी पावन तीर्थ यात्रा, खाटू श्याम सहित कई प्रसिद्ध धामों के होंगे दर्शन

अंबिकापुर। धार्मिक आस्था, भक्ति और सेवा भाव से ओतप्रोत एक भव्य पावन तीर्थ यात्रा का आयोजन आगामी 8 जून 2026 से किया जा रहा है। कमला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष तीर्थ यात्रा में श्रद्धालुओं को देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इस पुण्य यात्रा में शामिल होने की अपील की है।

इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मध्यप्रदेश और राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा में प्रमुख रूप से कुबेश्वर धाम, महाकालेश्वर मंदिर, सांवरिया सेठ मंदिर तथा खाटू श्याम मंदिर जैसे प्रसिद्ध आस्था केंद्र शामिल हैं। श्रद्धालुओं को विधिवत दर्शन, पूजा-अर्चना एवं भजन-कीर्तन का अवसर भी प्राप्त होगा।
आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा पूर्णतः सेवा भाव और भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक समय के भोजन की व्यवस्था निशुल्क रूप से की जाएगी। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए सर्वसुविधायुक्त लग्जरी बस की व्यवस्था की गई है, जिसमें स्लीपर, लोअर सीट एवं आरामदायक यात्रा की विशेष सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पूरी यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुखद बनाने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया है।
कमला एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का भी संदेश देगी। आयोजकों का कहना है कि तीर्थ यात्रा के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होगी तथा जीवन में सकारात्मकता का संचार होगा। यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु विभिन्न पवित्र स्थलों पर दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
यात्रा 8 जून 2026 को अंबिकापुर से प्रारंभ होगी। श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर यात्रा में सहभागी बनने की अपील की गई है। आयोजकों ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं बल्कि भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति से जुड़ने का एक पावन अवसर है। सभी श्रद्धालु एवं भक्तजन सादर आमंत्रित हैं।
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कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, साथ में बैठकर लिया न्यौता भोज का आंनद

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, साथ में बैठकर लिया न्यौता भोज का आंनद

कोरिया, 26 मई 2026/ कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव आज बैकुंठपुर के तलवापारा स्थित बालगृह (बालक) में जन्म दिन मनाया और न्यौता भोज कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय बातचीत कर उनकी पढ़ाई-लिखाई, खेलकूद और बालगृह में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि वे कौन-कौन से खेल खेलते हैं। बच्चों ने बताया कि वे नियमित रूप से क्रिकेट, शतरंज, वॉलीबॉल और योगाभ्यास करते हैं। उन्होंने बच्चों से यह भी पूछा कि कौन-से विषय उन्हें कठिन या सरल लगते हैं और बड़े होकर वे क्या बनना चाहते हैं। इस पर बच्चों ने भाला फेंक खिलाड़ी, प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की इच्छा जताई।

कलेक्टर श्रीमती यादव ने बच्चों को बताया कि उन्होंने भी सरकारी स्कूल से पढ़ाई की है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल पढ़-लिखकर बड़ा व्यक्ति बनना नहीं, बल्कि एक अच्छा इंसान बनकर अपने सपनों को साकार करना है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कठिन मेहनत के साथ विनम्र व्यवहार और सहयोग की भावना भी जरूरी है।
उन्होंने बच्चों को गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों से नहीं घबराने, बल्कि उन्हें मेहनत से सीखने और समझने की सलाह दी। 

कलेक्टर ने कहा कि जीवन में सीखा गया हर ज्ञान और हुनर किसी न किसी समय उपयोगी साबित होता है। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, कला, विज्ञान, संगीत, नृत्य और योग जैसी गतिविधियों में भी रुचि लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

कलेक्टर ने समय के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों को समय का सदुपयोग करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि एक बार बीता हुआ समय वापस नहीं आता, इसलिए हर पल का सही उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ योगाभ्यास प्रस्तुत किया तथा सामूहिक गान भी सुनाया। इस अवसर पर बच्चों को पौष्टिक भोजन और फल वितरित किए गए। न्यौता भोज कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 
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माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की

माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की

एक-दिवसीय दौरे के दौरान आधारभूत संरचना एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े डिजिटल पोर्टलों का किया शुभारंभ, अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का किया लोकार्पण

माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री सतीश चन्द्र दुबे ने आज एसईसीएल के एक दिवसीय दौरे के दौरान कंपनी के कार्यों एवं उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने डिजिटल परिवर्तन एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ एवं लोकार्पण भी किया।

एसईसीएल मुख्यालय पहुँचने पर सर्वप्रथम माननीय मंत्री ने एसईसीएल मुख्यालय परिसर स्थित कोयला श्रमिक स्मारक पर माल्यार्पण कर कोयला श्रमिकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा राष्ट्र निर्माण एवं देश की ऊर्जा सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया।

इसके पश्चात एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए माननीय मंत्री ने कोयला उत्पादन, डिस्पैच, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा, कोल गैसीफिकेशन, माइन क्लोजर, पर्यावरणीय पहलों, डिजिटलीकरण, सीएसआर गतिविधियों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन, निदेशकगण, सीवीओ, विभागाध्यक्ष, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

माननीय मंत्री ने सुरक्षित एवं सतत खनन को बढ़ावा देने, परिचालन दक्षता में वृद्धि तथा आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा उत्पादन, गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में कंपनी द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीएसआर के माध्यम से कोयलांचल के अंतिम व्यक्ति तक विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक कोल इंडिया द्वारा अब तक किए गए 100 मिलियन टन उत्पादन में एसईसीएल ने 26.86 मिलियन टन के सर्वाधिक योगदान के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एसईसीएल निरंतर प्रतिबद्ध है।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

समीक्षा बैठक के दौरान माननीय मंत्री द्वारा ई-डाडास (डिज़ाइन एंड ड्राविंग्स एप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल एवं हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम पोर्टल का शुभारंभ किया गया। यह पहल एसईसीएल में डिजिटल परिवर्तन, कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

ई-डाडास पोर्टल के माध्यम से एफएमसी, सीएचपी-साइलो, रेलवे साइडिंग, इन-पिट कन्वेयर सिस्टम सहित अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं से संबंधित इंजीनियरिंग डिज़ाइन एवं ड्रॉइंग्स की ऑनलाइन जाँच, परीक्षण, निगरानी एवं अनुमोदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी।

वहीं, एचएमआईएस पोर्टल के माध्यम से एसईसीएल चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण, मरीजों के रिकॉर्ड के सुव्यवस्थित प्रबंधन, त्वरित चिकित्सा सुविधा तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवा निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक हेमेटोलॉजी यूनिट का लोकार्पण

दौरे के दौरान माननीय मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का लोकार्पण भी किया। यह मशीन श्वेत रक्त कोशिकाओं की 5-पार्ट डिफरेंशियल जाँच के माध्यम से संक्रमण एवं विभिन्न रोगों की अधिक सटीक पहचान सुनिश्चित करेगी।

स्वचालित परीक्षण प्रणाली से युक्त यह अत्याधुनिक मशीन तेज़, सटीक एवं त्रुटिरहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने में सहायक होगी, जिससे अस्पताल एवं प्रयोगशाला सेवाओं की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। 
लोकार्पण उपरांत माननीय मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण कर विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं का जायजा लिया एवं स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की। 

जनसम्पर्क अधिकारी 
एसईसीएल बिलासपुर
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बीएसपी की यूनिवर्सल रेल मिल ने दैनिक उत्पादन का नया सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया

बीएसपी की यूनिवर्सल रेल मिल ने दैनिक उत्पादन का नया सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया

 भिलाई स्टील प्लांट की यूनिवर्सल रेल मिल ने रेल रोलिंग में अब तक का सबसे अधिक एक दिवसीय उत्पादन दर्ज करके रेल उत्पादन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 260 मीटर लंबे रेल पैनल बनाने वाली इस मिल ने 22 मई, 2026 को R260-60E1 रेल प्रोफाइल में 462 ब्लूम सहित 3,867 टन रेल का उत्पादन करके एक नया "दिवसीय उत्पादन रिकॉर्ड" बनाया। यह उपलब्धि 12 मार्च, 2025 को बनाए गए 455 ब्लूम सहित 3,852 टन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ती है।

इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए, एसएआईएल-भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक श्री चित्तरंजन मोहपात्रा और कार्यकारी निदेशक (कार्य) श्री राकेश कुमार ने यूनिवर्सल रेल मिल के सभी कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर्मचारियों से चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसी भावना और समर्पण को बनाए रखने और भविष्य में नए मुकाम हासिल करने का आह्वान किया।

मुख्य महाप्रबंधक और विभागाध्यक्ष (ब्लूमिंग और रेल मिल एवं यूनिवर्सल रेल मिल), श्री योगेश शास्त्री ने इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रेल मिल की पूरी टीम द्वारा निरंतर निगरानी, ​​प्रभावी समन्वय और अथक परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने स्टील मेल्टिंग शॉप-2, स्टील मेल्टिंग शॉप-3, यातायात विभाग, उत्पादन योजना एवं नियंत्रण, रेल शीतलन लाइन, इंस्ट्रूमेंटेशन, ऑटोमेशन एवं ड्राइव्स, केंद्रीय विद्युत, केंद्रीय यांत्रिक टीमों और तृतीय-पक्ष निरीक्षण एजेंसी, आरआईटीईईएस सहित संबद्ध विभागों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सहयोग को भी स्वीकार किया।

श्री शास्त्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यूनिवर्सल रेल मिल आने वाले वर्षों में कई नए मुकाम हासिल करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे मिल का प्रमुख ग्राहक बना हुआ है और संयंत्र उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और समय पर उत्पादन के माध्यम से 100 प्रतिशत ग्राहक संतुष्टि सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।

भिलाई स्टील प्लांट के यूनिवर्सल रेल मिल में निर्मित 260 मीटर लंबे रेल पैनल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देश भर में राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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नशा मुक्ति अभियान एवं संगीन अपराधों में उत्कृष्ट कार्यवाही पर स्वास्थ्य मंत्री के हाथों बंसल न्यूज़ ने थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह को किया सम्मानित

नशा मुक्ति अभियान एवं संगीन अपराधों में उत्कृष्ट कार्यवाही पर स्वास्थ्य मंत्री के हाथों बंसल न्यूज़ ने थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह को किया सम्मानित

 चिरमिरी (एमसीबी)। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, नशा एवं सूखा नशा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करने तथा संगीन अपराधों के त्वरित खुलासे में उल्लेखनीय योगदान देने वाले थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह को बंसल न्यूज़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में स्वास्थ्य मंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान निरीक्षक विजय सिंह को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें चिरमिरी क्षेत्र में चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान, सूखा नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और चर्चित “निर्भया-2” जैसे संवेदनशील मामले में अंबिकापुर पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने के लिए प्रदान किया गया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने थाना प्रभारी विजय सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाजहित में पुलिस द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्य युवाओं और आम नागरिकों के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने नशा मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस की सक्रिय भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
ज्ञात हो कि थाना चिरमिरी पुलिस द्वारा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों, सूखा नशा कारोबारियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था मजबूत हुई है तथा आमजन में सुरक्षा का वातावरण बना है।
स्वास्थ्य मंत्री के हाथों मिले इस सम्मान से चिरमिरी पुलिस सहित पूरे जिले में हर्ष का माहौल है। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने इसे चिरमिरी पुलिस की उत्कृष्ट कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का सम्मान बताया है।
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चिरमिरी के श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचे जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी, पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद

चिरमिरी के श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचे जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी, पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद

एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित प्रसिद्ध श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में उस समय भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया, जब जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी मंदिर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे।


जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी जी के दर्शन किए तथा विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर देश, प्रदेश और समस्त मानव समाज के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्ति संगीत के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर उन्होंने मंदिर के बाबा महंत श्री पुरुषोत्तम पुरी जी से सौजन्य मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दोनों संतों के बीच धर्म, संस्कृति एवं समाजहित से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी ने बाबा महंत के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।

मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं द्वारा जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी का आत्मीय स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया। उनके आगमन से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला।

गौरतलब है कि चिरमिरी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी लगातार विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं। उनके प्रवास को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।
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सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी में की प्रेसवार्ता जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर रखी सरकार की प्राथमिकताएं

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी में की प्रेसवार्ता जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर रखी सरकार की प्राथमिकताएं

एमसीबी,चिरमिरी। सुशासन तिहार के तहत एमसीबी, कोरिया और सूरजपुर जिले के दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी में रात्रि विश्राम  करने के बाद अगले दिन आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास कार्यों को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इससे पहले प्रदेश के मुखिया चिरमिरी में स्थित जगत के नाथ जगन्नाथ स्वामी के दरबार पहुंचे यहाँ उन्होंने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की और प्रदेश के खुशहाली की कामना की।


पत्रकारों के संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “सुशासन तिहार” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का अभियान है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से अधिकारी और जनप्रतिनिधि सीधे गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं तथा मौके पर ही उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।

प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी दिशा में “डायल 112” जैसी आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल 112 सेवा आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है, जिससे संकट की स्थिति में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार तकनीक आधारित पुलिसिंग और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को लगातार मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसानों के हित में भी सरकार लगातार निर्णय ले रही है और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कई योजनाएं धरातल पर उतारी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास को केवल शहरों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ सरकार योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा कर रही है ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।

प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए और कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से सीधे जनता से संवाद स्थापित कर प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले, बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े, विशेष सचिव रजत बंसल सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विकास, जनसुविधाओं के विस्तार और शासन की विभिन्न योजनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।
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भाकृअनुप एनआईबीएसएम (ICAR NIBSM) द्वारा रायपुर में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

भाकृअनुप एनआईबीएसएम (ICAR NIBSM) द्वारा रायपुर में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

 विज्ञान-आधारित पोषक तत्व प्रबंधन (उर्वरकों का संतुलित उपयोग) अपनाने के राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के तहत, 'मेरा गांव मेरा गौरव' (MGMG) कार्यक्रम के अंतर्गत आज रायपुर जिले के अदसेना गांव में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच टिकाऊ कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने मिट्टी की उर्वरता और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए संतुलित उर्वरक अनुप्रयोग, मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card), फसल चक्र, हरी खाद, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्टिंग) और कुशल जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही, किसानों को बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत तैयार करने और उनके उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया, साथ ही मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने में हरी खाद के रूप में ढैंचा की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ जैविक और प्राकृतिक इनपुट को एकीकृत करके पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस जागरूकता कार्यक्रम में गांव के सरपंच डॉ. तेज राम पाल सहित लगभग 35 किसानों ने भाग लिया और टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकियों और पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं पर वैज्ञानिकों के साथ सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया। यह कार्यक्रम भाकृअनुप-एनआईबीएसएम (ICAR-NIBSM) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों डॉ. श्रीधर जे., डॉ. मल्लिकाजुर्न जे. और डॉ. विनोद वासनिक के साथ डॉ. पी. मूवेंथन, वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) द्वारा समन्वित किया गया था, जबकि एमजीएमजी (MGMG) कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ए. अमरेंद्र रेड्डी हैं।

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कृषि सीजन और उपभोक्ताओं की भारी मांग के बावजूद पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध वर्तमान में आपूर्ति दल परिवहन नेटवर्क टर्मिनल संचालन तथा चयनित रिटेल आउटलेट्स 24 घंटे कार्यरत

कृषि सीजन और उपभोक्ताओं की भारी मांग के बावजूद पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध वर्तमान में आपूर्ति दल परिवहन नेटवर्क टर्मिनल संचालन तथा चयनित रिटेल आउटलेट्स 24 घंटे कार्यरत

विभिन्न राज्यों में इस समय जारी मौसमी कृषि गतिविधियों और फसल कटाई के तेज कार्यों के चलते हाल के दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की मांग एवं उठाव में व्यापक वृद्धि दर्ज की गई है। इस कृषि सीजन के कारण ईंधन की मांग में आई इस तीव्र तेजी को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियाँ (OMCs) — इंडियनऑयल, बीपीसीएल (BPCL) एवं एचपीसीएल (HPCL) — देश भर में अपने परिचालन एवं लॉजिस्टिक समन्वय के माध्यम से पेट्रोल (MS), डीज़ल (HSD) एवं एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने में मुस्तैदी से जुट गई हैं। इंडियनऑयल के रायपुर डिविजनल रिटेल सेल्स हेड (DRSH) एवं छत्तीसगढ़ के राज्य स्तरीय समन्वयक श्री नितिन चव्हाण द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कृषि क्षेत्र की इस उच्च मांग के बावजूद देश और राज्य की पूरी आपूर्ति व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के सुचारु रूप से जारी रखा गया है।

श्री नितिन चव्हाण ने स्पष्ट किया कि खेतों में जारी व्यस्तताओं के अतिरिक्त, अन्य निजी आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम और नियंत्रित कीमतों के कारण भी आम उपभोक्ताओं का रुझान सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स की ओर काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही, कई संस्थागत एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा भी अब सीधे रिटेल ईंधन आउटलेट्स की ओर रुख किया गया है। इस अभूतपूर्व मांग को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनियाँ अपने व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क — जिसमें टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट एवं रिटेल आउटलेट्स शामिल हैं — के माध्यम से अपनी बैक-एंड व्यवस्था को निरंतर मजबूत कर रही हैं। वर्तमान में इन कंपनियों के आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन तथा चयनित रिटेल आउटलेट्स चौबीसों घंटे (24x7) कार्यरत हैं ताकि उत्पादों की निर्बाध आवाजाही एवं समयबद्ध रीफिलिंग सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, ईंधन की इस सुचारु सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए स्थानीय राज्य प्रशासनों के साथ भी लगातार निकट समन्वय स्थापित किया गया है।

मई 2026 के दौरान ऑटोमोटिव ईंधन की बिक्री में बेहद मजबूत बढ़त देखी गई है, जिसके तहत पेट्रोल की बिक्री में लगभग 4% तथा डीज़ल की बिक्री में लगभग 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, यदि पिछले माह की तुलना में देखा जाए तो पेट्रोल बिक्री की कुल मात्रा में लगभग 22% का उछाल आया है, जबकि डीज़ल की बिक्री में लगभग 17% की वृद्धि दर्ज की गई है। ऑटोमोटिव ईंधनों की मांग में यह अस्थायी वृद्धि मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में जारी कृषि सीजन के साथ-साथ शहरी व अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं द्वारा कुछ स्थानों पर की जा रही पैनिक बाइंग (आशंका जनित खरीदारी) का नतीजा है।


घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति को भी तेल कंपनियों द्वारा शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है तथा एलपीजी बैकलॉग में कोई विशेष वृद्धि नहीं होने दी गई है। वर्तमान में बैकलॉग की स्थिति महज 3.5 दिनों की है, जो पूरी तरह सामान्य श्रेणी में आती है। बिक्री के ये अंतिम आंकड़े स्पष्ट रूप से प्रमाणित करते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर ऑटोमोटिव ईंधनों और एलपीजी दोनों की ही आपूर्ति बिना किसी बड़े व्यवधान के लगातार सामान्य रूप से बनी हुई है।

श्री नितिन चव्हाण ने तेल उद्योग की ओर से देश और राज्य के सभी उपभोक्ताओं को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा है कि देश भर में पेट्रोल, डीज़ल एवं एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बफ़र में उपलब्ध है और इसे बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियाँ रोजाना स्टॉक की स्थिति की समीक्षा कर रही हैं तथा इस बढ़ी हुई मांग को समय पर पूरा करने हेतु अपनी लॉजिस्टिक्स एवं वितरण योजना पर कड़ा नियंत्रण रखे हुए हैं।

अतः नागरिकों से विशेष अनुरोध है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, अपना सामान्य खरीद व्यवहार बनाए रखें एवं किसी भी प्रकार की अनावश्यक पैनिक बाइंग से बचें। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह किया जाता है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सही और सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों एवं तेल विपणन कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।कार्यरत हैं

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कोल इंडिया के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के पावर एवं एनआरएस सेक्टर के कोयला उपभोक्ताओं की बैठक एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित

कोल इंडिया के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के पावर एवं एनआरएस सेक्टर के कोयला उपभोक्ताओं की बैठक एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित

दिनांक 19 मई 2026 कोल इंडिया के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के पावर एवं एनआरएस सेक्टर के कोयला उपभोक्ताओं की बैठक का आयोजन आज एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में किया गया। उपभोक्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने, कोल सप्लाई, गुणवत्ता प्रबंधन एवं परिचालन संबंधी विषयों पर संवाद को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस कंज़्यूमर मीट का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन, कोल इंडिया के निदेशक (विपणन) श्री मुकेश चौधरी, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार एवं निदेशक (योजना/परियोजना) श्री रमेशचंद्र महापात्र उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल अपने उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराने एवं समयबद्ध डिस्पैच सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कंपनी का इस वर्ष 195 मिलियन टन उत्पादन तथा 200 मिलियन टन ऑफटेक का लक्ष्य है, जिसे एसईसीएल पूरी प्रतिबद्धता एवं दक्षता के साथ प्राप्त करेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि एसईसीएल निरंतर बेहतर गुणवत्ता का कोयला उपलब्ध कराने तथा उपभोक्ता संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में कोल इंडिया के निदेशक (विपणन) श्री मुकेश चौधरी ने कहा कि कोल इंडिया अपने उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता का कोयला उपलब्ध कराने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध कोल सप्लाई सुनिश्चित करना तथा गुणवत्ता संबंधी समस्याओं एवं ग्रेड स्लिपेज को न्यूनतम स्तर पर रखना है। उन्होंने उपभोक्ताओं द्वारा बैठक के दौरान दिए गए सुझावों एवं फीडबैक का स्वागत करते हुए कहा कि सभी महत्वपूर्ण विषयों पर त्वरित एवं सकारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

कंज़्यूमर मीट में विभिन्न पावर एवं एनआरएस सेक्टर की उपभोक्ता कंपनियों के लगभग 125 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान कोल सप्लाई, गुणवत्ता प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स एवं बेहतर आपसी समन्वय से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपभोक्ताओं द्वारा अपने सुझाव एवं फीडबैक भी साझा किए गए, जिन पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।

बैठक में महाप्रबंधक (विक्रय एवं विपणन) श्री अजित चौधरी सहित एसईसीएल एवं कोल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके उपरांत संध्या एसईसीएल मुख्यालय स्थित सीएमडी कॉन्फ्रेंस हॉल में कोल इंडिया के निदेशक (विपणन) श्री मुकेश चौधरी एवं एसईसीएल के सीएमडी श्री हरीश दुहन ने छत्तीसगढ़ स्पॉन्ज आयरन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन तथा स्पॉन्ज आयरन उद्योग से जुड़े उपभोक्ताओं के साथ बैठक की एवं उद्योग से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जनसम्पर्क अधिकारी 
एसईसीएल बिलासपुर 
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जिला प्रशासन का सख्त निर्देश: सिर्फ वाहनों को ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल; अवैध खरीद-बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश: सिर्फ वाहनों को ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल; अवैध खरीद-बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई

जिले में ईंधन की जमाखोरी को रोकने और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है 
अपर कलेक्टर अनिल सिदार द्वारा जारी इस आदेश के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सिर्फ वाहनों को मिलेगा ईंधन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल पंप संचालक केवल वाहनों में ही डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति करेंगे ।
 किसी भी स्थिति में खुले बर्तनों, जरिकेन या अवैध रूप से ईंधन देने पर पाबंदी रहेगी ।
आवश्यक सेवाओं के लिए रहेगा रिजर्व स्टॉक
एम्बुलेंस, शासकीय वाहनों और सुरक्षा बलों के वाहनों के लिए ईंधन की कोई कमी नहीं होनी चाहिए ।
इन आवश्यक सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए सभी पंपों को पर्याप्त रिजर्व स्टॉक रखना अनिवार्य होगा ।
स्टॉक की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य
सभी पेट्रोल पंप संचालकों को अपने दैनिक स्टॉक की जानकारी अनिवार्य रूप से जिला कार्यालय की खाद्य शाखा को भेजनी होगी ।
यदि किसी पंप पर प्रतिदिन की औसत बिक्री के अनुसार दो दिन से कम का स्टॉक बचता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को देनी होगी ।
नए स्टॉक के लिए लोड बुक किए जाने की जानकारी भी लगातार खाद्य शाखा को देना अनिवार्य किया गया है ।
जिले में वर्तमान स्टॉक की स्थिति
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में जिले में ईंधन और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है 
पेट्रोल: 1,91,684 लीटर 
डीजल: 1,93,700 लीटर 
घरेलू गैस सिलेंडर (LPG): 1,572 नग
अवैध व्यवसाय करने वालों पर लगेगा 'आवश्यक वस्तु अधिनियम'
जिला प्रशासन गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के अवैध कारोबार पर पैनी नजर रख रहा है । यदि कोई भी संचालक या व्यक्ति ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (Essential Commodities Act) और संबंधित नियंत्रण आदेशों के तहत बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
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लोकतंत्र में मीडिया की बड़ी भूमिका, प्रशासन और जनता के बीच सेतु- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव प्रेस कांफ्रेंस में कलेक्टर ने कहा-पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

लोकतंत्र में मीडिया की बड़ी भूमिका, प्रशासन और जनता के बीच सेतु- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव प्रेस कांफ्रेंस में कलेक्टर ने कहा-पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता

कोरिया, 12 मई 2026/* जिले की नवपदस्थ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन और आम जनता के बीच मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करती है।

कलेक्टर श्रीमती यादव ने बताया कि करीब 21 वर्षों के शासकीय सेवा अनुभव में सरगुजा संभाग में कार्य करने का यह उनका पहला अवसर है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं, उपलब्धियों और जनहितकारी कार्यों को आम लोगों तक पहुंचाने में मीडिया का अहम योगदान होता है। साथ ही मीडिया प्रशासन को आईना दिखाने का भी कार्य करती है, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बनी रहती है।
 
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि कोरिया जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं और टीम वर्क के माध्यम से जिले के समग्र विकास के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।कलेक्टर ने कहा कि मुख्यालय एवं कार्यालयों में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को आवश्यक बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
 
सुशासन तिहार शिविरों के संबंध में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और बारीकी से परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री डी.डी. मण्डावी ने जिले में संचालित जनगणना कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। 
 
प्रेस कांफ्रेंस में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एडीएम श्री सुरेन्द्र वैद्य, जिला जनसंपर्क अधिकारी सहित बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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नवपदस्थ एमसीबी कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े मीडिया से हुईं रूबरू,मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात

नवपदस्थ एमसीबी कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े मीडिया से हुईं रूबरू,मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात

एमसीबी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने आज पहली बार जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात की। कलेक्टोरेट सभा गृह में आयोजित इस प्रेस वार्ता में उन्होंने जिले के विकास, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर बनने के बाद मीडिया के साथ उनकी यह पहली आधिकारिक बैठक रही, जिसमें जिले के पत्रकारों और विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।क


लेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में दोपहर 2 बजे आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने मीडिया को प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शिता और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करेगा।इ


स दौरान कलेक्टर ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और राजस्व संबंधी मामलों को प्राथमिकता में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा।

प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा जिले की विभिन्न समस्याओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया, जिन पर कलेक्टर ने सकारात्मक रूप से चर्चा करते हुए सुझाव आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि मीडिया द्वारा उठाए गए जनसमस्याओं के मुद्दों पर प्रशासन गंभीरता से कार्य करेगा और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा।
सुश्री जांगड़े ने कहा कि जिले में विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश देने की बात भी कही।
प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य मीडिया के माध्यम से प्रशासन और आम जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना, शासन की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना तथा जिले की समस्याओं और संभावनाओं पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करना रहा।
इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ पत्रकार, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधि सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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चिरमिरी को मिलेगी 'रोशनी की आज़ादी' — 75 साल बाद पहली बार पहुंचेगी शहर के सभी वार्डो में सरकारी बिजली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर

चिरमिरी को मिलेगी 'रोशनी की आज़ादी' — 75 साल बाद पहली बार पहुंचेगी शहर के सभी वार्डो में सरकारी बिजली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर

एम सी बी, 09 मई 2026/ कल्पना कीजिए — देश आज़ाद हुआ, दशक बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के आस पास के हज़ारों परिवार आज तक एक बुनियादी सुविधा से महरूम रहे — वो सुविधा जिसे हम सब बहुत जरूरी मानते हैं...अपनी खुद की सरकारी बिजली।

 
*75 साल की यह दास्तान अब खत्म हो रही है*
 
चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों के बीच रहते आए, लेकिन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) की सरकारी बिजली उनके घरों तक कभी नहीं पहुंची। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग यही सोचते रहे कि उन्हें शायद कोयला खदान की उस बिजली के भरोसे ही रहना होगा जो आती कम और जाती ज्यादा है।
 
*मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का वादा, अब हकीकत बना*
 
09 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर के प्रवास के दौरान नगर निगम चिरमिरी में CSPDCL से बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। यह महज एक राजनीतिक घोषणा नहीं थी — यह उन लाखों आंखों की उम्मीद थी जो दशकों से टकटकी लगाए बैठी थीं।
 
*अब वह वादा पूरा हो रहा है*
 
8 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य शासन की मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 30 मार्च 2026 को ₹53.08 करोड़ की राशि चिरमिरी नगर निगम को आवंटित की गई। पुराने बजट की शेष ₹0.49 करोड़ की राशि मिलाकर कुल ₹53.57 करोड़ से अधोसंरचना विकास कार्य अब वर्ष 2026-27  में प्रारंभ होगा।
 
 *स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया मुख्यमंत्री का आभार*
 
क्षेत्र के स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा —
 
*"यह सिर्फ सरकारी बिजली नहीं है, यह चिरमिरी के लोगों को उनका हक मिलना है। आज़ादी के बाद से जो सपना अधूरा था, मुख्यमंत्री जी की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से वो पूरा हो रहा है। मैं क्षेत्र की जनता की ओर से उनका अभिनंदन करता हूं।"*
 
 *अब बदलेगी ज़िंदगी, एक ऐतिहासिक क्षण*
 
₹53.08 करोड़ की इस परियोजना से चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के सभी वार्डो में CSPDCL का पूर्ण विद्युत अधोसंरचना नेटवर्क बिछाया जाएगा। जिस धरती ने देश को कोयले से रोशन किया, आज उसी धरती के लोगों को बिजली का उजाला मिलने जा रहा है। चिरमिरी के डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी व पोड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्र जहां सरकारी बिजली एक सपने जैसा था, वो क्षेत्र भी अब सरकारी बिजली से रोशन होने वाले है । यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय है। चिरमिरी की आंखों में आज जो चमक है वो किसी बल्ब की नहीं, उनकी उम्मीद पूरी होने की रोशनी है।
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सुशासन तिहार 2026- 5 मई से जिलास्तरीय शिविर, अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य शिविरों में मौके पर होगा समाधान, हितग्राहियों को मिलेगा सीधा लाभ

सुशासन तिहार 2026- 5 मई से जिलास्तरीय शिविर, अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य शिविरों में मौके पर होगा समाधान, हितग्राहियों को मिलेगा सीधा लाभ

कोरिया, 4 मई 2026/* जिले में सुशासन तिहार-2026 के तहत जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 5 मई से जिलास्तरीय शिविरों की शुरुआत की जा रही है। कलेक्टरेट सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने इस अभियान को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
 
सीईओ डॉ. चतुर्वेदी ने सभी जिलास्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को 5 मई से 9 जून तक आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया जाए तथा हितग्राही मूलक सामग्रियों का भी वितरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नागरिकों के साथ व्यवहार को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। सीईओ ने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले ग्रामीणों से विनम्रता और शालीनता के साथ संवाद किया जाए तथा यदि आवेदन में कोई कमी हो तो उन्हें भरने में सहयोग किया जाए। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि एक आवेदन में केवल एक ही समस्या या मांग का उल्लेख करें, ताकि उसका त्वरित और प्रभावी निराकरण किया जा सके।
 
प्रशासन द्वारा शिविरों में प्राप्त आवेदनों की डिजिटल प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जा रही है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी आवेदनों को मौके पर ही स्कैन कर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाए और मूल आवेदन संबंधित जनपद पंचायत को भेजे जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया है। जिला सूचना अधिकारी (डीआईओ) श्री सुखदेव पटेल ने अधिकारियों को पोर्टल संचालन, यूजर आईडी एवं अपलोड प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
 
सीईओ ने बताया कि बैकुण्ठपुर एवं सोनहत जनपद पंचायत क्षेत्रों के क्लस्टरवार ग्रामों में 11 दिवसीय शिविर आयोजित किए जाएंगे, जबकि जिले के तीनों नगरीय निकायों बैकुंठपुर, शिवपुर-चरचा तथा पटना में तीन दिवसीय शिविर लगाए जाएंगे। शिविर स्थलों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें साफ पेयजल, छाया एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं शामिल हैं।
 
उन्होंने जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से सतत संपर्क बनाए रखने और उन्हें शिविरों में आमंत्रित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को समय पर शिविर स्थलों पर पहुंचकर अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी आमजन को देने को कहा गया।
 
गर्मी और बदलते मौसम को देखते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि वे पूरी ऊर्जा के साथ इस जनहितकारी अभियान को सफल बना सकें।
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