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योग के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन की पहल एनआईटी रायपुर में 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र आयोजित
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए 21 दिवसीय योग प्रोटोकॉल अभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष योग सत्र 1 जून से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक संस्थान परिसर में नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।
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संस्थान द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हुए लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा तनावमुक्त एवं संतुलित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, कार्य का बढ़ता दबाव और मानसिक तनाव के बीच योग को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। इसी उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर द्वारा यह अभ्यास सत्र आयोजित किया जा रहा है।

आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकीकृत ‘योग प्रोटोकॉल’ के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास शामिल किए गए हैं। यह प्रोटोकॉल इस प्रकार तैयार किया गया है कि शुरुआती अभ्यासी, विद्यार्थी, शोधार्थी, वरिष्ठ नागरिक तथा नियमित योग साधक सभी इसका लाभ उठा सकें। योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को सही तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धति से योगाभ्यास कराया जा रहा है।
संस्थान परिसर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम योग हॉल में आयोजित इन सत्रों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं उनके परिवारजनों के साथ-साथ संस्थान से बाहर के इच्छुक नागरिक भी भाग ले सकते हैं। योग अभ्यास सत्र सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक तथा सायं 4 बजे से 5:30 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं।
संस्थान प्रबंधन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित यह अभ्यास सत्र प्रतिभागियों को योग के प्रति जागरूक करने तथा नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बड़ी संख्या में प्रतिभागी इन सत्रों में उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। सत्र में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी अधिक जानकारी के लिए डॉ. मंजू शुक्ला (7587068170) एवं श्री सूरज निषाद (9713214096) से संपर्क कर सकते हैं।
चिरमिरी में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधारोपण, "एक पेड़ मां के नाम" अभियान को मिला जनसमर्थन
चिरमिरी, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग चिरमिरी द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वनपरिक्षेत्र अधिकारी चिरमिरी, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ मुकुंदपुर ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


एसईसीएल मुख्यालय में महाप्रबंधक समन्वय बैठक सम्पन्न
एसईसीएल मुख्यालय, बिलासपुर में दिनांक 02 जून 2026 को महाप्रबंधक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कंपनी के उत्पादन, प्रेषण, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मानव संसाधन प्रबंधन तथा विभिन्न परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए खदानों एवं परियोजनाओं में आवश्यक तैयारियों तथा सुरक्षा उपायों पर भी संक्षिप्त चर्चा की गई।


दिव्यांग सशक्तिकरण को बल एनटीपीसी लारा ने वितरित किए कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग
समावेशी एवं सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) लिमिटेड की लारा परियोजना ने दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया है। परियोजना के आसपास के क्षेत्रों में निवासरत दिव्यांग हितग्राहियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें आत्मनिर्भर, गतिशील एवं सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से एनटीपीसी लारा की सामाजिक संस्था प्रेरिता महिला समिति द्वारा कृत्रिम अंगों का वितरण किया गया।
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दिनांक 2 जून 2026 को आयोजित कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेखा ठाकुर ने दिव्यांग हितग्राहियों को कृत्रिम अंग प्रदान किए। यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन स्तर में सुधार लाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक एवं स्वतंत्र रूप से जीवनयापन करने में सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृत्रिम अंग वितरण से पूर्व विशेषज्ञ चिकित्सकों की सहायता से हितग्राहियों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यकता का आकलन किया गया। इसके आधार पर प्रत्येक हितग्राही के लिए विशेष रूप से अनुकूलित (कस्टमाइज्ड) कृत्रिम अंग तैयार कर उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें अधिक सुविधा और बेहतर उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर श्रीमती रेखा ठाकुर ने कहा कि प्रेरिता महिला समिति समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य ऐसा समाज विकसित करना है, जहां प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, आत्मनिर्भरता और समान अवसरों के साथ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि यह पहल एनटीपीसी की उस व्यापक सामाजिक प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबित करती है, जिसके अंतर्गत संस्था विद्युत उत्पादन के साथ-साथ अपने परियोजना क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में भी सक्रिय योगदान दे रही है।
लाभार्थियों ने कृत्रिम अंग प्राप्त करने पर राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड, लारा तथा प्रेरिता महिला समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उन्हें दैनिक कार्यों को अधिक सुगमता और आत्मनिर्भरता के साथ करने में मदद मिलेगी तथा आजीविका के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। लाभार्थियों ने बताया कि कृत्रिम अंगों की सहायता से अब वे अधिक स्वतंत्रता के साथ चल-फिर सकेंगे तथा उन्हें बैसाखियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
एनटीपीसी लारा द्वारा संचालित इस प्रकार की सामाजिक पहलें संस्था की एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक के रूप में प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं। साथ ही, ये प्रयास दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा एक समावेशी, संवेदनशील और सबको साथ लेकर चलने वाले समाज के निर्माण को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती तृप्ति पावगी, महासचिव श्रीमती ममता साहू, वरिष्ठ सदस्या श्रीमती शबनम अहमद सहित समिति की अन्य पदाधिकारी एवं सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में दिव्यांग हितग्राही उपस्थित थे।
आईआईटी भिलाई की बड़ी उपलब्धि शोधकर्ताओं ने मौखिक दवाओं को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए विकसित की स्मार्ट दवा वितरण तकनीक
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई के शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य सामग्री (हेल्थकेयर मैटेरियल्स) के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक नई 'स्मार्ट' दवा-वितरण (ड्रग-डिलिवरी) सामग्री विकसित की है। डॉ. संजीब बैनर्जी के नेतृत्व में शोधकर्ता स्वरूप माईती, सुदीप्त पॉल, संदीपन घोष और डॉ. संजय कुमार गुप्ता की टीम द्वारा तैयार की गई यह अनूठी तकनीक दवाओं को पेट के तेज एसिड से सुरक्षित रखते हुए आंत में नियंत्रित तरीके से छोड़ने में पूरी तरह सक्षम है। यह नवाचार भविष्य में मुंह से ली जाने वाली (मौखिक) दवाओं को अधिक सुरक्षित, सटीक और अत्यधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

आमतौर पर मुंह से ली जाने वाली कई महत्वपूर्ण दवाएं पेट के अत्यधिक अम्लीय (एसिडिक) वातावरण के कारण आंत तक पहुंचने से पहले ही अपनी प्रभावशीलता खो देती हैं। पेट का एसिड दवा के लक्षित स्थान पर पहुंचने से पहले ही उसके सक्रिय तत्वों को नुकसान पहुंचा देता है, जिससे दवा का असर काफी कम हो जाता है और मरीजों को बीमारी के इलाज के लिए बार-बार या अधिक मात्रा में दवा लेने की आवश्यकता पड़ती है। इस गंभीर चिकित्सा चुनौती का दीर्घकालिक समाधान खोजने के लिए आईआईटी भिलाई की टीम ने एक ऐसा 'स्मार्ट वाहक' (स्मार्ट कैरियर) विकसित किया है, जो दवा के ऊपर एक मजबूत सुरक्षात्मक कवच की तरह काम करता है। यह उन्नत सामग्री पेट के तीव्र अम्लीय वातावरण में पूरी तरह स्थिर रहती है और जैसे ही यह आंत के अनुकूल वातावरण में पहुंचती है, यह अपने-आप सक्रिय होकर दवा को धीरे-धीरे व आवश्यकतानुसार नियंत्रित तरीके से छोड़ती है।
इस अभूतपूर्व शोध की सबसे बड़ी विशेषता इस सामग्री का "स्मार्ट" और संवेदनशील होना है, जो मानव शरीर के आंतरिक बदलावों व जैविक संकेतों को महसूस कर उसी के अनुरूप सटीक प्रतिक्रिया देती है। इसके अतिरिक्त, इस सामग्री में शोधकर्ताओं द्वारा एक 'इनबिल्ट चमक' (फ्लोरोसेंस) भी शामिल की गई है, जिसकी मदद से वैज्ञानिक शरीर के भीतर दवा की सुरक्षित आवाजाही और उसकी सटीक गतिशीलता को आसानी से ट्रैक (निगरानी) कर सकते हैं। प्रयोगशाला और पशुओं पर किए गए शुरुआती अध्ययनों (प्री-क्लीनिकल ट्रायल्स) में इस तकनीक के बेहद उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं, जहाँ इस सामग्री ने पेट जैसी कठिन परिस्थितियों में भी दवा की सफलतापूर्वक रक्षा की, जिससे भविष्य में दवाओं के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट्स) कम होने और चिकित्सीय प्रभाव में भारी सुधार होने की प्रबल संभावना है।
आईआईटी भिलाई के मुख्य शोधकर्ता डॉ. संजीब बैनर्जी ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह शोध चिकित्सा जगत को अधिक स्मार्ट, सटीक और लक्षित दवाओं (टारगेटेड मेडिसिन) की दिशा में एक कदम आगे ले जाता है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य ऐसी उन्नत प्रणालियां विकसित करना है जो दवाओं की बर्बादी को रोकें, उन्हें शरीर के सही स्थान पर पहुंचाएं और वैश्विक स्तर पर मरीजों की सुरक्षा व चिकित्सा सुविधा को और बेहतर बना सकें। उल्लेखनीय है कि यह महत्वपूर्ण शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त जर्नल 'एसीएस एप्लाइड मैटेरियल्स एंड इंटरफेसेज' (ACS Applied Materials & Interfaces) में भी प्रकाशित हुआ है, जो भविष्य की स्मार्ट दवा-वितरण तकनीकों में भारत के बढ़ते कदमों और इस नवाचार की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
अंबिकापुर से निकलेगी पावन तीर्थ यात्रा, खाटू श्याम सहित कई प्रसिद्ध धामों के होंगे दर्शन
अंबिकापुर। धार्मिक आस्था, भक्ति और सेवा भाव से ओतप्रोत एक भव्य पावन तीर्थ यात्रा का आयोजन आगामी 8 जून 2026 से किया जा रहा है। कमला एकादशी के पावन अवसर पर आयोजित इस विशेष तीर्थ यात्रा में श्रद्धालुओं को देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से इस पुण्य यात्रा में शामिल होने की अपील की है।
कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन, साथ में बैठकर लिया न्यौता भोज का आंनद
माननीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने एसईसीएल के कार्यों की समीक्षा की


बीएसपी की यूनिवर्सल रेल मिल ने दैनिक उत्पादन का नया सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड बनाया
भिलाई स्टील प्लांट की यूनिवर्सल रेल मिल ने रेल रोलिंग में अब तक का सबसे अधिक एक दिवसीय उत्पादन दर्ज करके रेल उत्पादन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 260 मीटर लंबे रेल पैनल बनाने वाली इस मिल ने 22 मई, 2026 को R260-60E1 रेल प्रोफाइल में 462 ब्लूम सहित 3,867 टन रेल का उत्पादन करके एक नया "दिवसीय उत्पादन रिकॉर्ड" बनाया। यह उपलब्धि 12 मार्च, 2025 को बनाए गए 455 ब्लूम सहित 3,852 टन के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ती है।

इस उपलब्धि पर टीम को बधाई देते हुए, एसएआईएल-भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक श्री चित्तरंजन मोहपात्रा और कार्यकारी निदेशक (कार्य) श्री राकेश कुमार ने यूनिवर्सल रेल मिल के सभी कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर्मचारियों से चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसी भावना और समर्पण को बनाए रखने और भविष्य में नए मुकाम हासिल करने का आह्वान किया।

मुख्य महाप्रबंधक और विभागाध्यक्ष (ब्लूमिंग और रेल मिल एवं यूनिवर्सल रेल मिल), श्री योगेश शास्त्री ने इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रेल मिल की पूरी टीम द्वारा निरंतर निगरानी, प्रभावी समन्वय और अथक परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने स्टील मेल्टिंग शॉप-2, स्टील मेल्टिंग शॉप-3, यातायात विभाग, उत्पादन योजना एवं नियंत्रण, रेल शीतलन लाइन, इंस्ट्रूमेंटेशन, ऑटोमेशन एवं ड्राइव्स, केंद्रीय विद्युत, केंद्रीय यांत्रिक टीमों और तृतीय-पक्ष निरीक्षण एजेंसी, आरआईटीईईएस सहित संबद्ध विभागों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सहयोग को भी स्वीकार किया।
श्री शास्त्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यूनिवर्सल रेल मिल आने वाले वर्षों में कई नए मुकाम हासिल करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे मिल का प्रमुख ग्राहक बना हुआ है और संयंत्र उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और समय पर उत्पादन के माध्यम से 100 प्रतिशत ग्राहक संतुष्टि सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
भिलाई स्टील प्लांट के यूनिवर्सल रेल मिल में निर्मित 260 मीटर लंबे रेल पैनल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और देश भर में राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नशा मुक्ति अभियान एवं संगीन अपराधों में उत्कृष्ट कार्यवाही पर स्वास्थ्य मंत्री के हाथों बंसल न्यूज़ ने थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह को किया सम्मानित
चिरमिरी (एमसीबी)। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, नशा एवं सूखा नशा के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करने तथा संगीन अपराधों के त्वरित खुलासे में उल्लेखनीय योगदान देने वाले थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह को बंसल न्यूज़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में स्वास्थ्य मंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।
चिरमिरी के श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचे जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी, पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद
एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित प्रसिद्ध श्री श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर में उस समय भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया, जब जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी मंदिर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी में की प्रेसवार्ता जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों पर रखी सरकार की प्राथमिकताएं
एमसीबी,चिरमिरी। सुशासन तिहार के तहत एमसीबी, कोरिया और सूरजपुर जिले के दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चिरमिरी में रात्रि विश्राम करने के बाद अगले दिन आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, कानून व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास कार्यों को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इससे पहले प्रदेश के मुखिया चिरमिरी में स्थित जगत के नाथ जगन्नाथ स्वामी के दरबार पहुंचे यहाँ उन्होंने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की और प्रदेश के खुशहाली की कामना की।

भाकृअनुप एनआईबीएसएम (ICAR NIBSM) द्वारा रायपुर में उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
विज्ञान-आधारित पोषक तत्व प्रबंधन (उर्वरकों का संतुलित उपयोग) अपनाने के राष्ट्रीय जागरूकता अभियान के तहत, 'मेरा गांव मेरा गौरव' (MGMG) कार्यक्रम के अंतर्गत आज रायपुर जिले के अदसेना गांव में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच टिकाऊ कृषि, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

इस अवसर पर वैज्ञानिकों ने मिट्टी की उर्वरता और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए संतुलित उर्वरक अनुप्रयोग, मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card), फसल चक्र, हरी खाद, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्टिंग) और कुशल जल प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही, किसानों को बीजामृत, जीवामृत और घनजीवामृत तैयार करने और उनके उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया, साथ ही मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने में हरी खाद के रूप में ढैंचा की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के साथ जैविक और प्राकृतिक इनपुट को एकीकृत करके पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस जागरूकता कार्यक्रम में गांव के सरपंच डॉ. तेज राम पाल सहित लगभग 35 किसानों ने भाग लिया और टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकियों और पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं पर वैज्ञानिकों के साथ सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया। यह कार्यक्रम भाकृअनुप-एनआईबीएसएम (ICAR-NIBSM) के वरिष्ठ वैज्ञानिकों डॉ. श्रीधर जे., डॉ. मल्लिकाजुर्न जे. और डॉ. विनोद वासनिक के साथ डॉ. पी. मूवेंथन, वरिष्ठ वैज्ञानिक (कृषि विस्तार) द्वारा समन्वित किया गया था, जबकि एमजीएमजी (MGMG) कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ए. अमरेंद्र रेड्डी हैं।
कृषि सीजन और उपभोक्ताओं की भारी मांग के बावजूद पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध वर्तमान में आपूर्ति दल परिवहन नेटवर्क टर्मिनल संचालन तथा चयनित रिटेल आउटलेट्स 24 घंटे कार्यरत
श्री नितिन चव्हाण ने स्पष्ट किया कि खेतों में जारी व्यस्तताओं के अतिरिक्त, अन्य निजी आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में कम और नियंत्रित कीमतों के कारण भी आम उपभोक्ताओं का रुझान सार्वजनिक क्षेत्र के रिटेल आउटलेट्स की ओर काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही, कई संस्थागत एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा भी अब सीधे रिटेल ईंधन आउटलेट्स की ओर रुख किया गया है। इस अभूतपूर्व मांग को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनियाँ अपने व्यापक राष्ट्रीय नेटवर्क — जिसमें टर्मिनल, डिपो, पाइपलाइन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट एवं रिटेल आउटलेट्स शामिल हैं — के माध्यम से अपनी बैक-एंड व्यवस्था को निरंतर मजबूत कर रही हैं। वर्तमान में इन कंपनियों के आपूर्ति दल, परिवहन नेटवर्क, टर्मिनल संचालन तथा चयनित रिटेल आउटलेट्स चौबीसों घंटे (24x7) कार्यरत हैं ताकि उत्पादों की निर्बाध आवाजाही एवं समयबद्ध रीफिलिंग सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, ईंधन की इस सुचारु सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए स्थानीय राज्य प्रशासनों के साथ भी लगातार निकट समन्वय स्थापित किया गया है।
मई 2026 के दौरान ऑटोमोटिव ईंधन की बिक्री में बेहद मजबूत बढ़त देखी गई है, जिसके तहत पेट्रोल की बिक्री में लगभग 4% तथा डीज़ल की बिक्री में लगभग 17% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, यदि पिछले माह की तुलना में देखा जाए तो पेट्रोल बिक्री की कुल मात्रा में लगभग 22% का उछाल आया है, जबकि डीज़ल की बिक्री में लगभग 17% की वृद्धि दर्ज की गई है। ऑटोमोटिव ईंधनों की मांग में यह अस्थायी वृद्धि मुख्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में जारी कृषि सीजन के साथ-साथ शहरी व अर्ध-शहरी उपभोक्ताओं द्वारा कुछ स्थानों पर की जा रही पैनिक बाइंग (आशंका जनित खरीदारी) का नतीजा है।
घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति को भी तेल कंपनियों द्वारा शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है तथा एलपीजी बैकलॉग में कोई विशेष वृद्धि नहीं होने दी गई है। वर्तमान में बैकलॉग की स्थिति महज 3.5 दिनों की है, जो पूरी तरह सामान्य श्रेणी में आती है। बिक्री के ये अंतिम आंकड़े स्पष्ट रूप से प्रमाणित करते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर ऑटोमोटिव ईंधनों और एलपीजी दोनों की ही आपूर्ति बिना किसी बड़े व्यवधान के लगातार सामान्य रूप से बनी हुई है।
श्री नितिन चव्हाण ने तेल उद्योग की ओर से देश और राज्य के सभी उपभोक्ताओं को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा है कि देश भर में पेट्रोल, डीज़ल एवं एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बफ़र में उपलब्ध है और इसे बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियाँ रोजाना स्टॉक की स्थिति की समीक्षा कर रही हैं तथा इस बढ़ी हुई मांग को समय पर पूरा करने हेतु अपनी लॉजिस्टिक्स एवं वितरण योजना पर कड़ा नियंत्रण रखे हुए हैं।
अतः नागरिकों से विशेष अनुरोध है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, अपना सामान्य खरीद व्यवहार बनाए रखें एवं किसी भी प्रकार की अनावश्यक पैनिक बाइंग से बचें। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह किया जाता है कि वे ईंधन की उपलब्धता से संबंधित सही और सटीक जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों एवं तेल विपणन कंपनियों द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।कार्यरत हैं
कोल इंडिया के मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र के पावर एवं एनआरएस सेक्टर के कोयला उपभोक्ताओं की बैठक एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित

जिला प्रशासन का सख्त निर्देश: सिर्फ वाहनों को ही मिलेगा पेट्रोल-डीजल; अवैध खरीद-बिक्री पर होगी कड़ी कार्रवाई
लोकतंत्र में मीडिया की बड़ी भूमिका, प्रशासन और जनता के बीच सेतु- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव प्रेस कांफ्रेंस में कलेक्टर ने कहा-पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों को मिलेगी प्राथमिकता
कोरिया, 12 मई 2026/* जिले की नवपदस्थ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन और आम जनता के बीच मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य करती है।

नवपदस्थ एमसीबी कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े मीडिया से हुईं रूबरू,मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात
एमसीबी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने आज पहली बार जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक मुलाकात की। कलेक्टोरेट सभा गृह में आयोजित इस प्रेस वार्ता में उन्होंने जिले के विकास, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की। कलेक्टर बनने के बाद मीडिया के साथ उनकी यह पहली आधिकारिक बैठक रही, जिसमें जिले के पत्रकारों और विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।क

लेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में दोपहर 2 बजे आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने मीडिया को प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शिता और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करेगा।इ

स दौरान कलेक्टर ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और राजस्व संबंधी मामलों को प्राथमिकता में रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा।
चिरमिरी को मिलेगी 'रोशनी की आज़ादी' — 75 साल बाद पहली बार पहुंचेगी शहर के सभी वार्डो में सरकारी बिजली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर
एम सी बी, 09 मई 2026/ कल्पना कीजिए — देश आज़ाद हुआ, दशक बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के आस पास के हज़ारों परिवार आज तक एक बुनियादी सुविधा से महरूम रहे — वो सुविधा जिसे हम सब बहुत जरूरी मानते हैं...अपनी खुद की सरकारी बिजली।
सुशासन तिहार 2026- 5 मई से जिलास्तरीय शिविर, अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य शिविरों में मौके पर होगा समाधान, हितग्राहियों को मिलेगा सीधा लाभ












