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भिलाई इस्पात संयंत्र में अत्याधुनिक एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल लैब का शुभारंभ तकनीकी दक्षता बढ़ाने फर्स्ट पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
भिलाई इस्पात संयंत्र के मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल लैब में प्रशिक्षण गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ “इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रिकल फंडामेंटल्स” विषय पर आयोजित प्रथम पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ किया गया। यह पहल संयंत्र में व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण को नई दिशा देने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विभिन्न विभागों के कर्मियों की तकनीकी क्षमता, परिचालन उत्कृष्टता तथा कार्य दक्षता को और अधिक विकसित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित विशेष प्रशिक्षण श्रृंखला के तहत यह पहला पायलट कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) श्री प्रबीर कुमार सरकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल लैब की स्थापना उनके मार्गदर्शन में की गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संकाय सदस्य तथा प्रतिभागी भी मौजूद रहे।

औद्योगिक विद्युत प्रणालियों की मजबूत आधारभूत समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को विद्युत शक्ति के मूल सिद्धांत, मोटर नियंत्रण तकनीक, विद्युत मापन उपकरणों तथा ट्रबलशूटिंग प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में विद्युत सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल मल्टीमीटर, क्लैम्प मीटर, डायोड, थाइरिस्टर, इंसुलेटेड गेट बाइपोलर ट्रांजिस्टर, इंडक्शन मोटर, स्टार-डेल्टा स्टार्टर तथा वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक विषयों को शामिल किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता इसका व्यापक प्रायोगिक सत्र रहा, जिसमें प्रतिभागियों को आधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण उपकरणों पर प्रत्यक्ष अभ्यास का अवसर प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने वोल्टेज एवं करंट मापन, डायोड और थाइरिस्टर परीक्षण, मोटर स्टार्टिंग डायनेमिक्स के अध्ययन तथा वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव नियंत्रित मोटर प्रणालियों के संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस प्रयोगात्मक प्रशिक्षण ने सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच की दूरी को कम करते हुए सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास विभाग द्वारा महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-ज्ञानार्जन एवं विकास) श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि एडवांस्ड इलेक्ट्रिकल लैब भविष्य में संयंत्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए तकनीकी कौशल विकास का महत्वपूर्ण केंद्र सिद्ध होगी तथा आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
संतुलित उर्वरक उपयोग और जैव संसाधन केंद्रों से टिकाऊ खेती को मिलेगा बढ़ावा आईसीएआर एनआईबीएसएम
संतुलित उर्वरक उपयोग और जैव-संसाधन केंद्रों के माध्यम से टिकाऊ खेती पर जोरआईसीएआर-एनआईबीएसएम संस्थान में किसान उत्पादक संगठन सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर–एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा प्रोफेशनल असिस्टेंस फॉर डेवलपमेंट एक्शन (प्रदान) के सहयोग से गुरुवार को संस्थान परिसर में “किसान उत्पादक संगठन सदस्यों के लिए उर्वरकों के दक्ष उपयोग एवं जैव-संसाधन केंद्रों के प्रोत्साहन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) सदस्यों को संतुलित उर्वरक उपयोग, समेकित पोषक तत्व प्रबंधन तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना था, ताकि मृदा स्वास्थ्य में सुधार के साथ फसल उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटा एवं तिल्दा विकासखंडों के लगभग 30 किसान उत्पादक संगठन सदस्यों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी. के. राय ने टिकाऊ कृषि विकास के लिए उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरण अनुकूल तकनीकों तथा वैज्ञानिक मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्व पर बल दिया।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय फैलोशिप एवं ग्रामोदय मिशन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. ए. अमरेंद्र रेड्डी ने कार्यक्रम का समन्वय किया, जबकि सह-समन्वयक के रूप में डॉ. प्रियंका मीणा ने सहयोग प्रदान किया।
तकनीकी सत्रों में विभिन्न कृषि एवं अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञों ने जैव उर्वरकों, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा पोषक तत्व प्रबंधन की प्रभावी तकनीकों पर व्याख्यान दिए। इनमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान के डॉ. अनिल गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रिसैट) के डॉ. पुरुषोत्तम, राष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान (एनआईपीएचएम), हैदराबाद की डॉ. श्रीलता, विश्वभारती विश्वविद्यालय के डॉ. एस. के. शर्मा तथा डॉ. अर्का प्रवा शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में जैव-संसाधन केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद कर पोषक तत्व प्रबंधन एवं मृदा उर्वरता से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की।
व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को संस्थान के कृषि फार्म स्थित मूंग फसल क्षेत्र का भ्रमण कराया गया, जहां वैज्ञानिक फसल प्रबंधन तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इस भ्रमण में किसान उत्पादक संगठन सदस्यों ने विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम का समापन सहभागियों से प्राप्त सुझावों एवं प्रशिक्षण सामग्री वितरण के साथ हुआ।
भिलाई इस्पात संयंत्र ने आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के लिए कोक ओवन गैस रिसाव पर सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) द्वारा विगत दिनों में रोल टर्निंग शॉप (RTS) विभाग के फोर्जिंग एवं ब्रेजिंग सेक्शन में संभावित कोक ओवन गैस रिसाव आपदा की स्थिति से निपटने हेतु सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में संयंत्र के कर्मियों की त्वरित एवं सुरक्षित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना तथा विभागीय आपदा प्रबंधन तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।

मॉक ड्रिल के दौरान महाप्रबंधक (RTS) श्री एस. के. गुप्ता ने मुख्य नियंत्रक के रूप में संपूर्ण अभ्यास का नेतृत्व एवं पर्यवेक्षण किया। अभ्यास के अंतर्गत कोक ओवन गैस रिसाव की एक काल्पनिक आपात स्थिति निर्मित की गई थी, जिसके माध्यम से कर्मचारियों एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने नियंत्रित परिस्थितियों में समन्वित बचाव एवं सुरक्षा उपायों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।

इस मॉक ड्रिल के सफल संचालन में विभिन्न विभागों एवं सुरक्षा एजेंसियों की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग महत्वपूर्ण रहा। इस कार्यक्रम में अग्निशमन सेवा विभाग से अतिरिक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री संजय धवस, गैस सेफ्टी विभाग से श्री विजय देवांगन, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से श्री एस. के. पाण्डेय, सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग से श्री के. आर. साहू, सहायक महाप्रबंधक एवं विभागीय सुरक्षा अधिकारी (RSM) श्री सुनील शुक्ला, मानव संसाधन (मिल्स जोन-2) से सुश्री अनुराधा साहा, सिविल डिफेंस से श्री स्वतंत्र कुमार सहित आरटीएस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मॉक ड्रिल के उपरांत एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा कार्यस्थल सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था को भविष्य में और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव एवं अवलोकन भी साझा किए गए। यह मॉक ड्रिल भिलाई इस्पात संयंत्र की कार्यस्थल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन क्षमता एवं सतत सुरक्षा सुधार के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने बिलासपुर में रोजगार मेला कार्यक्रम में की सहभागिता एवं मोबाइल फोरेंसिक वैन-सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट का शुभारंभ
रोजगार सृजन एवं आधुनिक पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार प्रतिबद्ध : श्री तोखन साहू*


एचएनएलयू ने शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ताइवान के नेशनल ची नान यूनिवर्सिटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर ने ताइवान के नेशनल ची नान यूनिवर्सिटी (NCNU) के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर का उद्देश्य दोनों अग्रणी संस्थानों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। इस समझौते को ताइवान में एनसीएनयू (NCNU) परिसर में निष्पादित और हस्ताक्षरित किया गया, जो सीमा पार शैक्षणिक साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण है।
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इस ऐतिहासिक अवसर पर बोलते हुए, एचएनएलयू के कुलपति प्रो. विवेकानंदन ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन विभिन्न अंतर-विषयक क्षेत्रों (interdisciplinary areas) में दोनों संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग को प्रभावी ढंग से सुगम बनाएगा। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि यह संयुक्त साझेदारी भारत और ताइवान के बीच समग्र शैक्षणिक और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस सहयोग पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, नेशनल ची नान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष डॉ. डोंग-सिंग वू ने इस समझौते के अनूठे तालमेल पर प्रकाश डाला। पृष्ठभूमि से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर होने के नाते, डॉ. वू ने भारत के एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (National Law University) के साथ एक शैक्षणिक समझौते पर हस्ताक्षर करने पर गहरी खुशी व्यक्त की और अपनी आशावादिता साझा की कि यह साझेदारी विशेष रूप से कानून और आधुनिक तकनीक को जोड़ने वाले क्षेत्रों व विषयों में अधिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह नवनिर्मित संस्थागत ढांचे के तहत निरंतर शैक्षणिक विनिमय कार्यक्रमों के साथ-साथ सहयोगात्मक अनुसंधान पहलों को व्यवस्थित रूप से सुगम बनाने का प्रयास करता है। यह संयुक्त सम्मेलनों, सेमिनारों और विशेष तकनीकी कार्यशालाओं को संचालित करने के लिए संस्थागत सहयोग को भी रेखांकित करता है। इसके अलावा, यह समझौता संकाय (फैकल्टी) और छात्र गतिशीलता कार्यक्रमों, सीमा पार शैक्षणिक साझेदारियों और तुलनात्मक अनुसंधान के लिए मजबूत अवसरों के संरचनात्मक विकास को सुनिश्चित करता है। यह अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन एचएनएलयू के अपने वैश्विक शैक्षणिक पदचिह्न को व्यापक रूप से विस्तारित करने के चल रहे संस्थागत प्रयासों में एक और प्रगतिशील कदम है। इस सहयोग के माध्यम से, विश्वविद्यालय सार्थक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों का निर्माण करना जारी रखे हुए है जो समकालीन अनुसंधान गतिशीलता और वैश्विक शैक्षिक प्राथमिकताओं के सीधे अनुरूप हैं।
चिरमिरी में राममय हुआ वातावरण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रीराम कथा में लिया आशीर्वाद जगदगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज से छत्तीसगढ़ की खुशहाली और विकास की कामना की
एमसीबी, 21 मई 2026/* मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज एमसीबी जिले के चिरमिरी में आयोजित नव दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रख्यात संत जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और विकास के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।


पश्चिम बंगाल में विकास के नए युग की शुरुआत: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री सुवेंदु अधिकारी को दी बधाई एवं शुभकामनाएं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कोलकाता में शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल
रायपुर 9 मई 2026/ पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब श्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लंबे समय से परिवर्तन की प्रतीक्षा कर रही जनता की आशाओं को नई दिशा मिली और पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का सपना साकार हुआ।
एमसीबी जिले में 56 सड़कों के लिए 236.61 करोड़ स्वीकृत, 264.63 किमी सड़क निर्माण से बदलेगी तस्वीर
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले सहित पूरे राज्य में ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज–04 के अंतर्गत सड़कों के निर्माण कार्यों का शिलान्यास एवं शुभारंभ कार्यक्रम 17 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस योजना के तहत राज्य में कुल 774 सड़कों को स्वीकृति मिली है, जिनकी कुल लंबाई 2,426.875 किलोमीटर है। इन कार्यों के लिए 2,225.44 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे

ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा मजबूत होगी और विकास को गति मिलेगी। वहीं, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के अंतर्गत 56 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 264.63 किलोमीटर है। इन परियोजनाओं के लिए 236.61 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह कार्यक्रम 17 अप्रैल 2026 को प्रातः 11 बजे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय ऑडिटोरियम, मनेन्द्रगढ़ में आयोजित होगा, जहां जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास कार्यों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय लोगों को आवागमन में होने वाली समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
भीषण गर्मी का असर — स्कूल बंद करने का बड़ा फैसला! छत्तीसगढ़ सरकार का आदेश अब 20 अप्रैल से ही स्कूलों में छुट्टी
रायपुर, 16 अप्रैल 2026:छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जारी आदेश के अनुसार अब प्रदेश के सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त और अशासकीय स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश पहले से तय समय से पहले लागू किया जाएगा।

इस्पात मंत्रालय सचिव आईएएस संदीप पौंड्रिक ने किया भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा

दिल्ली दौरे से लौटे सीएम साय, कहा- प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात
राशनकार्ड पर अब मिलेगा केरोसिन, सरकार ने जारी किया केरोसिन कोटा: शहरी को 1 लीटर, ग्रामीण को 2 लीटर मिलेगा
रायपुर, 07 अप्रैल 2026। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सरकार ने अप्रैल माह के लिए केरोसिन का बड़ा आबंटन जारी किया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने केंद्र से प्राप्त प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून) के कोटे में से 528 किलोलीटर केरोसिन राशनकार्डधारियों के लिए निर्धारित किया है। यह केरोसिन उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित किया जाएगा, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने मजबूत किया चुनावी अभियान, कोकराझार में भाजपा एवं एनडीए की गठबंधन सरकार के प्रचंड जीत के संकेत
आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने असम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कोकराझार जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क एवं चुनावी सभाओं में सहभागिता कर एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में माहौल को सशक्त किया।


बस्तर में विकास का नया अध्याय—CM साय ने PM मोदी को सौंपा विज़न डॉक्यूमेंट
नई दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की नई रूपरेखा पेश की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर दौरे का निमंत्रण भी दिया।मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद अब सरकार विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार व्यापक प्लान प्रधानमंत्री के सामने रखा।

20 साल कैद के बाद बूढ़े अंधे छोटू वन भैंसा को जंगल में छोड़ने की तैयारी, क्या वह जंगल में विचरण कर पाएगा


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए निर्देश, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के संकेत

स्वास्थ्य मंत्री Shyam Bihari Jaiswal ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi से सौजन्य भेंट की।
*डॉक्टर बिटिया की शादी का न्यौता देने सपरिवार पीएम मोदी के पास पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, प्रधानमंत्री ने दिया स्नेहिल आशीर्वाद*

*संसद भवन में हुई आत्मीय मुलाकात: डॉ. कंचन जायसवाल के सुखद वैवाहिक जीवन के लिए प्रधानमंत्री ने दीं शुभकामनाएँ; इंदौर के पायलट संग 26 अप्रैल को सात फेरे लेंगी बिटिया*
मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के घर जल्द ही शहनाई बजने वाली है। अपनी लाडली बिटिया डॉ. कंचन जायसवाल के विवाह के इस पावन अवसर को और भी यादगार बनाने के लिए मंत्री जायसवाल ने आज देश के प्रधान सेवक नरेन्द्र मोदी से दिल्ली स्थित संसद भवन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सपरिवार प्रधानमंत्री को विवाह समारोह का निमंत्रण पत्र सौंपा और अपनी बिटिया के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका आशीर्वाद लिया।
*भावुक क्षण: पिता का गौरव और प्रधानमंत्री की आत्मीयता*
एक पिता के लिए अपनी बेटी का कन्यादान सबसे बड़ा अनुष्ठान होता है। इसी भाव के साथ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल अपनी पत्नी कांति जायसवाल, बेटी डॉ. कंचन जायसवाल और दोनों बेटे उत्तम जायसवाल और अमित जायसवाल के साथ प्रधानमंत्री के समक्ष उपस्थित हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद सरलता और आत्मीयता के साथ जायसवाल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बिटिया कंचन के सिर पर हाथ रखकर उसे आशीर्वाद दिया और वैवाहिक जीवन की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री के इस सहज और अपनत्व भरे व्यवहार ने पूरे जायसवाल परिवार को भाव-विभोर कर दिया।
*वर्जन*
"प्रधानमंत्री जी का व्यक्तित्व अद्भुत है। उनका अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण तो हम देखते ही हैं, लेकिन एक अभिभावक के रूप में उनका स्नेहिल व्यवहार दिल जीत लेने वाला है। उनसे मिला आशीर्वाद हमारी बिटिया के लिए अनमोल है।"
— श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
*इंदौर के पायलट संग जुड़ा है रिश्ता*
विवाह की तैयारियाँ ज़ोर-शोर से चल रही हैं। मंत्री जायसवाल की सुपुत्री डॉ. कंचन जायसवाल का रिश्ता इंदौर के रहने वाले एक पायलट के साथ तय हुआ है। विवाह की तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस हाई-प्रोफाइल शादी में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की कई नामचीन हस्तियों के जुटने की संभावना है।
*दिल्ली में जुटेगा दिग्गजों का आशीर्वाद*
प्रधानमंत्री से भेंट के बाद, मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल अपनी इस दिल्ली यात्रा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रभारी नितिन नबीन सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के दिग्गज नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। वे व्यक्तिगत रूप से सभी वरिष्ठ नेताओं को शादी का कार्ड देकर आमंत्रित करेंगे।
तोखन साहू ने चुनावी तैयारियों को लेकर कोकराझार में ली भाजपा की अहम बैठक
तोखन साहू ने 24 मार्च 2026 को कोकराझार में भाजपा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक ली, जिसमें आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीति, बूथ प्रबंधन एवं संगठन सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा की गई।


असम के बिजनी विधानसभा में तोखन साहू की उपस्थिति, एनडीए ने दिखाई प्रचंड शक्ति और जनता का उत्साह
बिजनी (चिराग): बिजनी विधानसभा क्षेत्र की पावन धरती पर एनडीए के प्रति जनता का उत्साह और विश्वास ऐतिहासिक संदेश बनकर सामने आया। एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी अरुप कुमार डे के नामांकन अवसर पर उमड़ा विशाल जनसैलाब यह दर्शाता है कि बिजनी विकास, शांति और स्थायी विश्वास के मार्ग पर अग्रसर है।


अग्निवीर योजना 2026: अग्निवीर योजना हेतु ऑनलाइन पंजीकरण जारी अधिकाधिक युवाओं से सहभागिता की अपील
एमसीबी/17 मार्च 2026/* भारतीय सेना में शामिल होकर देशसेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अग्निवीर योजना एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। अग्निवीर भर्ती हेतु ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 13 फरवरी से 01 अप्रैल 2026 तक जारी है, लेकिन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब तक अपेक्षाकृत कम संख्या में आवेदन सामने आए हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में निर्धारित 17,000 पंजीकरण लक्ष्य के मुकाबले एमसीबी जिले से अब तक केवल 33 युवाओं ने ही पंजीकरण कराया है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अग्निवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, जिसके तहत स्कूलों, महाविद्यालयों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से युवाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाई जा रही है। साथ ही युवाओं को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न स्थानों पर पंजीकरण सहायता केंद्र (बूथ) स्थापित किए जाने की तैयारी की जा रही है, जहां अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण में सहायता दी जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://www.joinindianarmy.gov.in के माध्यम से भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी पात्र एवं इच्छुक युवाओं से अपील की है कि वे समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें और भारतीय सेना में सेवा देने के इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएं।












