Breaking News
स्वास्थ
शानदार प्रदर्शन की बदौलत एमसीबी जिला प्रदेश में प्रथम, एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) राष्ट्रीय लक्ष्य को किया प्राप्त एमसीबी जिले की स्वास्थ्य सेवाएं हुई है बेहतर
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने रचा इतिहास: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना एमसीबी*
चिरमिरी में पहली बार संभाग स्तरीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन, 94 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा
चिरमिरी (एमसीबी)। एमसीबी जिले के चिरमिरी में पहली बार संभाग स्तरीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता-2026 का भव्य आयोजन हल्दीबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। चिरमिरी शतरंज संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में संभाग के विभिन्न जिलों से आए 94 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी रणनीतिक सोच, कौशल और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

AIIMS रायपुर ने राष्ट्रीय क्रैनियोवर्टेब्रल जंक्शन सर्जरी कार्यशाला का आयोजन किया जिससे उन्नत न्यूरोसर्जिकल प्रशिक्षण को मजबूती मिली
अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, रायपुर ने न्यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के तत्वावधान में राष्ट्रीय क्रैनियोवर्टेब्रल जंक्शन (सीवीजे) सर्जरी कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जो उन्नत न्यूरोसर्जिकल शिक्षा और कौशल विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उच्च स्तरीय शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान के एनाटॉमी विभाग में स्थित अत्याधुनिक कैडेवरिक प्रयोगशाला में आयोजित किया गया, जिसमें देश भर के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन, विशेषज्ञ, रेजिडेंट डॉक्टर और प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।

क्रेनियोवर्टेब्रल जंक्शन एक अत्यंत महत्वपूर्ण शारीरिक क्षेत्र है जहाँ मस्तिष्क रीढ़ की हड्डी के ऊपरी भाग से जुड़ता है। यह श्वसन, संतुलन, गति समन्वय और अन्य आवश्यक शारीरिक गतिविधियों सहित महत्वपूर्ण तंत्रिका संबंधी कार्यों को नियंत्रित करता है। इस क्षेत्र में विकार से गर्दन में लगातार दर्द, अंगों में कमजोरी, चलने-फिरने में कठिनाई, निगलने में परेशानी और कुछ मामलों में जानलेवा तंत्रिका संबंधी क्षति जैसी गंभीर नैदानिक जटिलताएं हो सकती हैं।
अपनी जटिलता को देखते हुए, क्रेनियोवर्टेब्रल जंक्शन क्षेत्र में सर्जरी को न्यूरोसर्जरी की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है, जिसके लिए उन्नत शारीरिक रचना की समझ, उच्च तकनीकी सटीकता, आधुनिक इमेजिंग सहायता और परिष्कृत सर्जिकल उपकरणों की आवश्यकता होती है। उन्नत इमेजिंग प्रौद्योगिकियों, सर्जिकल नेविगेशन प्रणालियों और न्यूनतम चीर-फाड़ तकनीकों के एकीकरण ने सर्जिकल परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है, जिससे न्यूरोसर्जरी चिकित्सकों के लिए निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण आवश्यक हो गया है।
9L2I.jpeg)
इस कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दिए गए व्याख्यान, पैनल चर्चाएँ, केस स्टडी पर विचार-विमर्श और शव परीक्षण प्रदर्शन शामिल थे। प्रतिभागियों को आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों, पूर्व-ऑपरेशन योजना, उन्नत उपकरणों के उपयोग और जटिल क्रैनियोवर्टेब्रल जंक्शन विकारों के प्रबंधन रणनीतियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान का व्यापक मिश्रण प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि एम्स रायपुर उन्नत न्यूरोसर्जिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशालाएँ और सतत चिकित्सा शिक्षा पहल मध्य भारत में विश्व स्तरीय न्यूरोसर्जिकल विशेषज्ञता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, साथ ही क्षेत्र के रोगियों को साक्ष्य-आधारित उन्नत उपचार तक पहुँच सुनिश्चित करती हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष और न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक शल्य चिकित्सा प्रशिक्षण के बीच के अंतर को कम करना था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रेनियोवर्टेब्रल जंक्शन सर्जरी के लिए गहन शारीरिक रचना, सटीक योजना और उच्च स्तरीय तकनीकी दक्षता की आवश्यकता होती है, और ऐसे प्रशिक्षण मंच युवा न्यूरोसर्जनों को इस क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों से सीधे सीखने का अवसर प्रदान करते हैं।
शरीर रचना विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. सौमित्र त्रिवेदी ने कहा कि कार्यशाला ने शवों पर आधारित प्रत्यक्ष प्रदर्शन प्रशिक्षण के माध्यम से एक अनूठा और अमूल्य शिक्षण अनुभव प्रदान किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी.के. त्रिपाठी ने भी इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और नैदानिक दक्षता बढ़ाने के लिए वर्तमान युग में ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आवश्यक हैं।
इस कार्यशाला में लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान के प्रोफेसर अरुण कुमार श्रीवास्तव और भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रोफेसर आदेश श्रीवास्तव सहित कई प्रख्यात न्यूरोसर्जन और देश भर के अन्य प्रमुख विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों ने जन्मजात विकृतियों, आघात, अपक्षयी विकारों, ट्यूमर, संवहनी विकारों और कपाल-रीढ़ की हड्डी के जोड़ की अस्थिरता के प्रबंधन में अपने नैदानिक अनुभव साझा किए।
सत्रों में जटिल शल्य चिकित्सा मामलों में निर्णय लेने, ऑपरेशन के दौरान होने वाली जटिलताओं से बचने की रणनीतियों और साक्ष्य-आधारित नैदानिक पद्धतियों के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। कार्यशाला उत्साहपूर्ण माहौल में समाप्त हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने और जटिल शल्य चिकित्सा तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर की सराहना की, जिससे भारत में न्यूरोसर्जिकल शिक्षा को आगे बढ़ाने में इस तरह की शैक्षणिक पहलों के महत्व को और बल मिला।
राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 2026 का होगा आयोजन, 28 जून को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा 34 हजार से अधिक बच्चों को दी जाएगी पोलियो की खुराक, 341 बूथों पर रहेंगी टीमें तैनात
कोरिया, 24 जून 2026/* जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान 2026 का आयोजन 28 जून 2026 को किया जाएगा।अभियान के अंतर्गत 28 जून को बूथ स्तर पर तथा 29 एवं 30 जून 2026 को घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
जिले में आयोजित हुआ तीन दिवसीय KAYAKALP एवं NQAS प्रशिक्षण, 180 स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
मनेंद्रगढ़, 19 जून। बीते दिवस जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) एवं KAYAKALP के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, मनेंद्रगढ़ में एक दिवसीय प्रशिक्षण तीन सत्रों में आयोजित किया गया। जिले में पहली बार सभी स्वास्थ्य संस्थानों के विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए इस प्रकार का व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह बैठक आयोजित, 11 बच्चों को वितरित किए गए यूडीआईडी कार्ड
प्रतिवर्ष 19 जून को विश्व सिकल सेल दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य सिकल सेल रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करना तथा रोग से प्रभावित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। इसी क्रम में 18 जून 2026 को जिला चिकित्सालय चिरमिरी में रोगी सहायता समूह (Patient Support Group) की प्रथम जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में खड़गवां एवं जनकपुर विकासखंड के 35 सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने सहभागिता की।
एनएमसी ने बताई कमियां, जिसे दूर करने जुटी सरकार : डॉ. मिश्रा नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता में कोई दिक्कत नहीं सभी पत्राचार केवल प्रक्रियाओं का एक हिस्सा मात्र
रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर कांग्रेस द्वारा एनएमसी के रोक के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एनएमसी ने पांच मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान दिसंबर माह में कुछ कमियां पाई थी, इसमें भवन और उपकरण शामिल है। राज्य शासन को पहले से यह मालूम था कि कमियां मिलेगी, इसलिए उन कमियों को अब दूर कर लिया गया है। यह संस्थागत प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हर बार नए कॉलेज के निरीक्षण के दौरान इस तरह की कठिनाईयां आती है, जिसे समय रहते सरकार ने दूर कर लिया है,बुधवार को एनएमसी का जो पत्र आया है,उसमें केवल कमियां बताई गई है और उन कमियों को दूर

करने के लिए कहा गया है,ऐसे में यह कहना उचित नहीं है कि एनएमसी ने नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर रोक लगा दी है, जबकि अभी नीट का एक्जाम भी नहीं हुआ है और न ही नतीजे घोषित हुए है। डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को इस बात की खुशी हैं कि एनएमसी मान्यता पर रोक लगा रही है,जबकि भाजपा नए मेडिकल कॉलेज राज्य में खोलने के लिए लगातार काम कर रही है। अधूरी जानकारी में कांग्रेस के नेता बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, इसे प्रदेश की जनता भलीभांति समझती है।
सेहत के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, संस्थागत प्रसव में राष्ट्रीय औसत को पछाड़ा NFHS-6 की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
एमसीबी, 03 जून 2026।छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर एक बड़ी और सुखद तस्वीर सामने आई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य ने स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु कल्याण के कई महत्वपूर्ण पैमानों पर शानदार कामयाबी हासिल की है। सबसे बड़ी उपलब्धि संस्थागत प्रसव (अस्पतालों में डिलीवरी) के क्षेत्र में मिली है, जहां छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, बस्तर और आदिवासी अंचलों में एनीमिया (खून की कमी) और बच्चों में स्टंटिंग जैसी पुरानी चुनौतियां अब भी सरकार के सामने एक कठिन परीक्षा की तरह खड़ी हैं।
जिला अस्पताल पहुंचकर कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा अस्पताल जांच-उपचार के साथ-साथ लोगों की उम्मीद डॉक्टर और स्टॉफ मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें'- कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव
कोरिया, 28 मई 2026/* कोरिया कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नए मरीजों के पंजीयन कक्ष, विभिन्न वार्डों तथा बुजुर्ग स्वास्थ्य देखभाल केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

सुशासन तिहार में गांव-शहर पहुंच रहा प्रशासन नगर पंचायत पटना शिविर में बड़ी संख्या में जुटे नगरवासी, 207 आवेदन प्राप्त
कोरिया, 20 मई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत नगर पंचायत पटना में बुधवार को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। नगर पंचायत पटना के मिनी ग्राउंड में आयोजित शिविर में सभी वार्डों के निवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।

मनेंद्रगढ़ 220 बिस्तर अस्पताल में तीन माह में 1500+ मरीजों का सफल उपचार, गंभीर मरीजों को मिली राहत, बढ़ा भरोसा

मनेंद्रगढ़ की बड़ी छलांग: स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने किया फिजियोथेरेपी कॉलेज का भूमिपूजन, बनेगा संभाग का 'मेडिकल हब'


रायपुर: लैब अटेंडेंट भर्ती के लिए काउंसलिंग 1 और 2 अप्रैल को, अभ्यर्थियों का इंतजार हुआ खत्म देखे सूची
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा संचालनालय ने प्रयोगशाला परिचारक (लैब अटेंडेंट) के पदों पर सीधी भर्ती के लिए चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग की तिथि घोषित कर दी है।

लंबे समय से प्रतीक्षित इस प्रक्रिया के तहत मेरिट सूची में शामिल 430 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए आमंत्रित किया गया है।




100 दिवसीय “टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम का भव्य आयोजन


दांतों एवं ओरल हेल्थ के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाना और लापरवाही बरतना गंभीर बीमारियों को न्योता देने सम्मान : डॉ.नवाज
आगामी 20 मार्च ओरल हेल्थ डे (मौखिक स्वास्थ्य दिवस) के उपलक्ष्य डॉ.एम.एस.नवाज ने बताया कि दांतों एवं मुंह के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाना लापरवाही बरतना हमारे दांत एवं मुंह के साथ साथ पूरे शरीर को भी नुकसान पहुंचा सकती है मौखिक स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशीलता दिखाना शरीर के लिए भी घातक साबित हो सकता है| क्यों जरूरी है ओरल हेल्थ!कैसे बनाए रखें ओरल!खराब ओरल हेल्थ हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकती है एवं अन्य कौन कौन सी बीमारी हो सकती है एवं खराब ओरल हेल्थ हमारे सामान्य स्वास्थ्य पर कैसे प्रभाव डाल सकती है!क्यों मनाया जाता है ओरल हेल्थ डे! एवं क्यों जरूरी है अच्छी ओरल हेल्थ का होना!
संकल्प पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: स्वास्थ्य मंत्री
मनेन्द्रगढ़ का ‘मेडिकल पुनर्जागरण’ दशकों के संघर्ष को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दी विकास की उड़ान, मेडिकल कॉलेज बनने का कार्य जारी
एमसीबी,मनेन्द्रगढ़। वर्षों की प्रतीक्षा, अनगिनत उम्मीदें और लंबा जन-संघर्ष—अब साकार होने जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ की धरती पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना केवल एक शासकीय घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय उपेक्षा के खिलाफ जीत की ऐतिहासिक गाथा है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से यह महत्वाकांक्षी परियोजना अब धरातल पर उतर चुकी है। यह मेडिकल कॉलेज न केवल इलाज का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि शिक्षा, रोजगार और अर्थव्यवस्था के लिहाज से पूरे कोयलांचल अंचल की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा।
संकल्प बजट 2026-27: एमसीबी जिले को बहुआयामी सौगात स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले — यह बजट विकास का रोडमैप
चिरमिरी। खड़गवां।*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत संकल्प बजट 2026-27 ने मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले को ऐतिहासिक सौगात दी है। बजट प्रस्तुतीकरण के बाद सामने आए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि यह केवल बजटीय घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास का ठोस खाका है। उन्होंने कहा कि नगरीय सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रावधान किए गए हैं। जिससे ना सिर्फ एमसीबी जिले का समग्र विकास निहित होगा बल्कि जनअपेक्षाओं के अनुरूप विधानसभा मनेंद्रगढ़ विकास के नए सोपान का स्वाद भी चखेगा, यह पूरा बजट 2047 के अनुरूप विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़, विकसित विधानसभा को लेकर है। श्री जायसवाल ने मनेंद्रगढ़, खड़गवां और चिरमिरी को लेकर आंकड़ेवार जानकारी दी, उन्होंने बताया कि बजट में चिरमिरी, मनेंद्रगढ़, खड़गवां समेत एमसीबी जिले को क्या क्या मिला है?


क्षेत्र की शैक्षणिक प्रगति एवं स्वास्थ्य सेवा मे उन्नति के लिए भाटापारा मे मेडिकल कॉलेज की मांग उठ रही

राज्यभर में सामूहिक दवा सेवन ( MDA ) अभियान, 1.58 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभराज्यभर में सामूहिक दवा सेवन ( MDA ) अभियान, 1.58 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ












