दिल्ली में जुटे 41 सांसद… स्वच्छता से लेकर सूर्य घर योजना तक, सामने आए चौंकाने वाले नवाचार
रायपुर/दिल्ली। भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ शहरों का देश बनाने के संकल्प के साथ रविवार को नई दिल्ली में एक अभूतपूर्व कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें 14 राज्यों के 41 सांसदों ने भाग लिया और शहरी स्वच्छता, ऊर्जा, स्वास्थ्य, खेल और संस्कृति से जुड़ी योजनाओं पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला का संचालन रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा—
“पिछले 10 वर्षों में हमारे शहरों में जो बदलाव आया है, वह अभूतपूर्व है। आज हम उसी सकारात्मक बदलाव को और मजबूत करने पर चर्चा के लिए एकत्रित हुए हैं। स्वच्छता ही एक स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।”
कार्यशाला का मुख्य फोकस स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) पर रहा। वर्ष 2014 में जहां कचरा प्रसंस्करण मात्र 18% था, वहीं आज यह 75% से अधिक हो गया है। ODF से लेकर ODF++ और Water+ प्रमाणन ने स्वच्छता को एक स्थायी आदत बना दिया है। 'स्वच्छ सर्वेक्षण' और 'स्वच्छता ऐप' जैसे डिजिटल नवाचारों ने इस अभियान को नई ऊंचाइयां दी हैं।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) पर भी चर्चा हुई, जिसका लक्ष्य 2026 तक 131 शहरों में वायु प्रदूषण को 40% तक कम करना है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना पर भी सांसदों ने अपने विचार साझा किए। जुलाई 2025 तक 16.5 लाख से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल चुका है और 58 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 2015 से 2023 के बीच टीबी के मामलों में 17.7% और मृत्यु दर में 21.4% की कमी दर्ज की गई।
सांसदों ने खेल, स्वास्थ्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई सांसद खेल स्पर्धा, तंदुरुस्त बालक स्पर्धा और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इस कार्यशाला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सांसदों को विकसित भारत की दिशा में नए नवाचार अपनाने और अपने क्षेत्रों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के अंत में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा—
“एक-दूसरे से सीखना हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आज की चर्चा ने साबित किया है कि जब हम साथ आते हैं तो सर्वोत्तम समाधान ढूंढ सकते हैं। यही हमें एक स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत की दिशा में आगे ले जाएगा।”

















