काली मंदिर के पास मिली नन्हीं जान… हरिश्चंद्र की दरियादिली देख आप भी हो जाएंगे भावुक
महाराजगंज से बड़ी खबर:
झाड़ियों में बेसहारा पड़ा एक नवजात बच्चा… कांपती चीखें और भूख से तड़पती मासूम सांसें। नजारा ऐसा कि देखने वालों का दिल दहल जाए। लेकिन उसी वक्त वहां पहुंचे एक सब्जी बेचने वाले हरिश्चंद्र ने जो किया, उसने इंसानियत को नई पहचान दे दी।
मौत के मुंह से बचाई नन्हीं जान
घटना उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के घुघली नगर की है। बुधवार को काली मंदिर के पास, छोटी गंडक नदी किनारे झाड़ियों में एक मासूम बच्चा बेसहारा पड़ा था। ठंड और भूख से तड़पते हुए इस बच्चे की चीख सुनकर रेलवे ढाला निवासी हरिश्चंद्र वहां पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया, गर्म कपड़ों में लपेटा और सीने से लगा लिया। यही पल उसकी जिंदगी के लिए जीवनदान साबित हुआ।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को जिला अस्पताल के एनआईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा अब पूरी तरह सुरक्षित है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई दरियादिली
हरिश्चंद्र की यह इंसानियत भरी कहानी जैसे ही सामने आई, पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ईश्वर का भेजा फरिश्ता बता रहे हैं। हर कोई उनकी दरियादिली को सलाम कर रहा है।
₹2 लाख के ऑफर को किया ठुकरा दिया
इस घटना के बाद कहानी में एक नया मोड़ तब आया जब कई लोग हरिश्चंद्र से बच्चे को गोद लेने की इच्छा जताने लगे। कुछ लोग तो ₹2 लाख रुपये तक देने को तैयार थे। लेकिन हरिश्चंद्र ने साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है –
"ये बच्चा मेरे लिए ईश्वर का आशीर्वाद है। किसी भी कीमत पर मैं इसे किसी को नहीं दूंगा।"
पुलिस जांच में जुटी
इस मामले में घुघली थाने के प्रभारी कुंवर गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बच्चे को सुरक्षित हाथों में सौंपा जाएगा।
???? यह घटना सिर्फ एक बच्चे की जिंदगी बचाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि आज भी इंसानियत जिंदा है।

















