बस्तर आईजी सुन्दर राज पी द्वारा किया गया कोंडागांव जिले का वार्षिक निरीक्षण
कोण्डागांव खिरेन्द्र यादव
आज बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी. (IPS) द्वारा जिला कोंडागांव का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान रक्षित केंद्र में परेड का निरीक्षण किया गया एवं उनके द्वारा साफ सुथरी व अच्छे टर्न आउट में उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रोत्साहन स्वरूप ईनाम प्रदान किया गया। साथ ही समस्त स्टाफ की परेशानियों के बारे में सुना एवं तत्काल निराकरण करने हिदायत दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों के प्रति संवेदनशील होने, उनकी समस्याओं को ध्यान से सुनने, एवं तत्काल निराकरण करने के साथ जनता से अच्छे व्यवहार करने की समझाइश दी गई, नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति भय को समाप्त कर एक साफ सुथरी स्वच्छ छवि बनाने हेतु निर्देशित किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोण्डागांव एवं रक्षित केन्द्र का निरीक्षण कर साफ सफाई संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किया। साथ ही समस्त अभिलेखों का अवलोकन किया गया, सीसीटीवी, मालखाना, सीसीटीएनएस, स्टोर आदि के रखरखाव एवं कर्तव्य के प्रति सजग रहने आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अपराध नियंत्रण के संबंध में विशेष समझाइश दिया गया।
जिसके पश्चात बस्तर पुलिस महानिरीक्क्ष ने पुनामार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल अंतर्गत ग्राम देव खरगांव में संचालित पुनर्वास केन्द्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केन्द्र में रह रहे पुनर्वासित व्यक्तियों से संवाद कर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं शासकीय योजनाओं के लाभ की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में 35 पुनर्वासित व्यक्तियों को स्मार्टफोन एवं प्रशिक्षण किट का वितरण किया गया। सुंदरराज पी. ने पुनर्वासित व्यक्तियों से चर्चा करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का मार्ग छोड़ चुके लोगों को कौशल प्रशिक्षण एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनें। उन्होंने पुनर्वार्सितों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण अवधि का पूरे उत्साह और लगन के साथ उपयोग करें तथा यहां से सीखकर जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ अपने गांवों तक भी पहुँचाएं। उन्होंने विकास के मार्ग को अपनाने के लिए पुनर्वासित व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना ने पुनर्वास केन्द्र में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण उपरांत पुनर्वासित व्यक्ति स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की जीविकोपार्जन में स्वयं सक्षम हो सके। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने पुनामार्गेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के तहत विभिन्न ट्रेड में दिए जा रहे कौशल प्रशिक्षण एवं शासकीय योजनाओं से जोड़े जाने की प्रक्रिया की जानकारी दी।

















