मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान: कृषि के सीजन में आंगनबाड़ी तक ना आ सकने वाली महिलाओं के पोषण का पूरा ख्याल, 1 महीने में खेत-खलिहानों तक पहुंचाये गए 16 हजार से अधिक टिफिन

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान: कृषि के सीजन में आंगनबाड़ी तक ना आ सकने वाली महिलाओं के पोषण का पूरा ख्याल, 1 महीने में खेत-खलिहानों तक पहुंचाये गए 16 हजार से अधिक टिफिन

27-Aug-2022    3:07:04 pm    139    Sawankumar

प्रदेश को एनीमिया मुक्त बनाने की मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिले में विभिन्न नवाचार किये जा रहे हैं।
 
इन नवाचारों के तहत जिले में गर्भवती एवं शिशुवती एनीमिक महिलाओं को चिन्हांकित कर निकट की आंगनबाड़ी केंद्रों में सुपोषण थाली के रूप में गरम भोजन दिया जा रहा है, इसके साथ ही खेती-बाड़ी के सीजन में आंगनबाड़ी केंद्रों तक आने में असमर्थ महिलाओं को उनके घर एवं कार्यक्षेत्रों तक पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा टिफिन के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 
 
 
अब तक 16 हजार से अधिक टिफिन के माध्यम से पहुंचे पोषण आहार-* 
महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में विगत 18 जुलाई से जिले के कुछ क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों तक आने में असमर्थ महिलाओं को उनके घर, खेतों तथा अन्य कार्यक्षेत्रों तक टिफिन के माध्यम से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की शुरुआत की गई। वर्तमान में पूरे जिले में प्रतिदिन औसतन 600 टिफिन पहुंचाए जा रहे हैं। अब तक 16 हजार से ज्यादा टिफिन के माध्यम से महिलाओं तक पोषण आहार पहुंचाए गए जिनमें परियोजना बैकुण्ठपुर में 3 हज़ार 818, परियोजना मनेन्द्रगढ़ में 2 हज़ार 66, परियोजना खड़गवां में 3 हज़ार 200, परियोजना सोनहत में 4 हज़ार 990, परियोजना भरतपुर में 2 हजार तथा परियोजना चिरमिरी में 1 हजार 358 टिफिन पहुंचाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि सप्ताह में 05 दिन गरम भोजन दिए जाने के साथ नियमित रूप से हीमोग्लोबिन जांच की भी जा रही है। सभी महिलाओं को आयरन की टेबलेट और आवश्यकता अनुसार आयरन सुक्रोस के डोज़ भी दिए जा रहे हैं।