तपती गर्मी में बच्चों की मजबूरी! चिलचिलाती धूप में स्कूल जाने को मजबूर नन्हे कदम
16-Apr-2026
8:03:26 am
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भीषण गर्मी में भी नहीं मिल रही स्कूली बच्चों को राहत, तपती धूप में स्कूल जाने को मजबूर नौनिहाल अ
अप्रैल माह की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्कूली बच्चों को अभी तक किसी प्रकार की राहत नहीं मिल पा रही है। एक ओर जहां तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं दूसरी ओर कई स्कूल—विशेषकर DAV और केंद्रीय विद्यालय—अब भी अपने निर्धारित समय पर ही संचालित हो रहे हैं। इस कारण छोटे-छोटे नौनिहालों को भीषण गर्मी और लू के बीच दोपहर करीब 3 बजे घर लौटना पड़ रहा है।
गर्मी का सबसे अधिक असर बच्चों पर ही पड़ता है। अप्रैल के महीने में ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाना अब सामान्य हो गया है। ऐसे में स्कूल से लौटते समय बच्चों को चिलचिलाती धूप, तपती सड़कें और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ता है। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, अत्यधिक थकान और लू लगने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
इधर, अभिभावकों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है। वे स्कूल प्रशासन से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि या तो स्कूलों के समय में बदलाव किया जाए या फिर कुछ समय के लिए अवकाश घोषित किया जाए। देश के कई राज्यों में सरकारें भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल समय में परिवर्तन या छुट्टियां घोषित कर चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ संस्थानों में अभी भी पुराने समय के अनुसार कक्षाएं जारी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परिस्थितियों का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण बच्चों की एकाग्रता क्षमता कम हो जाती है, जिससे उनके सीखने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
ऐसे में समय की मांग है कि स्कूल प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर स्थिति को समझें और तुरंत ठोस कदम उठाएं। सुबह के समय कक्षाएं आयोजित करना, स्कूल समय में कटौती करना या अस्थायी अवकाश देना जैसे निर्णय बच्चों को इस भीषण गर्मी से राहत दिला सकते हैं।
अंततः, बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है। शिक्षा का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब विद्यार्थी स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकें। इसलिए आवश्यक है कि इस दिशा में संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र उचित निर्णय लिए जाएं, ताकि नौनिहालों को इस झुलसाती गर्मी से राहत मिल सके।