कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री  वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम उमापुर में किया वृक्षारोपण साथ ही उमापुर गौठान का निरीक्षण किया

कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री  वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम उमापुर में किया वृक्षारोपण साथ ही उमापुर गौठान का निरीक्षण किया

07-Jun-2021    1:34:39 pm    92    Sawankumar

 रिपोर्ट- सुमन्त साहू

सूरजपुर -   आज कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह, एसपी श्री राजेश कुकरेजा एवं डीएफओ ने मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत ग्राम उमापुर तहसील रामानुजनगर में वृक्षारोपण किया। मौके पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री नरेश राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य शशि सिंह एवं उषा सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष माया सिंह, इस्माइल खान एवं अन्य जन प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना 01 जून से लागू चुकी है जिसका विधिवत उद्घाटन कार्य आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया। इसी तारतम्य में सूरजपुर जिले में भी ग्राम उमापुर में एक निजी किसान की निजी भूमि में वृक्षारोपण कार्य संपन्न हुआ। शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर डाॅ. गौरव कुमार सिंह ने योजना के उद्देश्य में बताया कि निजी क्षेत्र, कृषकों, शासकीय विभागों एवं ग्राम पंचायतों की भूमि पर ईमारती, गैर ईमारती प्रजातियों के वाणिज्यिक, औद्योगिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देना, पर्यावरण में सुधार लाकर जलवायु परिवर्तन के विपरीत प्रभावों को कम करना है। कृषकों की आय में वृक्षारोपण के माध्यम से वृद्धि करते हुये उनके आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार लाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिक, निजी भूमि की उपलब्धता अनुसार तथा सभी ग्राम पंचायतों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियां योजना का लाभ लेने हेतु पात्र होंगे। जिस वन, राजस्व वन भूमि पर वनअधिकार पत्र दिये गये है, उस भूमि पर भी हितग्राहियों की सहमति से ईमारती, फलदार, बांस, लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों का रोपण किया जायेगा   कलेक्टर के कहा कि निजी क्षेत्र में पूर्व से खड़े वृक्ष तथा रोपित वृक्षों के लिये कटाई के अनुमति के प्रावधानों को और अधिक सरल तथा सुगम बनाया जायेगा। नागरिकों द्वारा स्वयं रोपित वृक्षों को परिवहन अनुज्ञा की अनिवार्यता से मुक्त किये जाने हेतु भारत सरकार के दिशा निर्देशों एवं अन्य राज्य में लागू प्रावधानों के अनुरूप ही नियम बनाये जायेंगे। ग्राम पंचायतों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जायेगा तो एक वर्ष बाद सफल वृक्षारोपण की दशा में संबंधित ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इससे भविष्य में पंचायतों की आय में वृद्धि हो सकेगी।  उन्होनें कहा कि किसानों ने खरीफ वर्ष 2020 में धान की फसल ली हो, यदि वे धान की फसल के बदले अपने खेतों में वृक्षारोपण करते हैं तो उन्हें आगामी 3 वर्षों तक प्रतिवर्ष रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।   कलेक्टर ने कहा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के पास उपलब्ध राशि से यदि वाणिज्यिक आधार पर राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया जाता है तो पंचायत की तरह ही संबंधित समिति को एक वर्ष बाद रूपये 10,000 (दस हजार) प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वृक्षों को काटने एवं विक्रय का अधिकार संबंधित समिति का होगा।   इस योजना के तहत किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा, वृक्षारोपण को प्रोत्साहन मिलेगा तथा वृक्षों से प्राप्त होने वाले फलों से आमदनी भी होगी। किसान खेत, भूमि में धान के अलावा सब्जी या अन्य इसी तरीके की आमदनी हेतु लगा सकते है।  कलेक्टर ने वहां उपस्थित गांव के लोगो को संबोधित करते हुए पर्यावरण की देखभाल करना और उसका संरक्षण करना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इससे हमें अपनी जरूरतों की पूर्ति तो होती ही है साथ ही साथ हम अपनी भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ एवं स्वच्छ वातावरण निर्मित कर पाते हैं। प्रकृति एवं पर्यावरण से जुड़ाव से ही हम स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकेंगे। कलेक्टर गाँव वालों से आग्रह किया कि उमापुर गांव को इस योजना के तहत पूरे राज्य में सबसे अच्छा काम करके दिखाना होगा। उन्होंने बताया कि वन अधिकार पट्टे प्राप्त किसान भी अपनी उस जमीन पर हरियाली प्रसार योजना के तहत 4 रुपए प्रति पौधे के हिसाब से 2500 पौधा लगाकर 10000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन प्राप्त कर सकेंगे।