बस्तर प्रवास पर पहुंचे CPI सांसद, कहा– आदिवासियों पर हो रहा अन्याय, सरकार दिखा रही दोहरा चेहरा
कोण्डागांव से खिरेन्द्र यादव की रिपोर्ट
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्यसभा सांसद एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी पी. संतोष कुमार अपने बस्तर प्रवास पर कोंडागांव पहुंचे। यहाँ पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पार्टी को मज़बूती से आगे बढ़ाने और जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति पर चर्चा की।
सांसद ने कहा कि राज्य सरकार निर्दोष आदिवासियों और आम जनता से झूठ बोलकर सत्ता में आई है। सरकार दोहरी नीति अपना रही है—एक ओर आदिवासी समाज के अधिकार और विकास की बातें करती है, तो दूसरी ओर उन्हीं के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने कहा कि CPI की जिम्मेदारी है कि सरकार के असली चेहरे को उजागर कर जनता के बीच रखा जाए ताकि लोग समझ सकें कि भाजपा किस तरह छल और भ्रम की राजनीति कर रही है।
आदिवासियों के साथ अन्याय पर जताई चिंता

पत्रकारों से चर्चा में सांसद पी. संतोष कुमार ने कहा कि बस्तर के जनजातीय समाज के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। माओवाद के नाम पर स्थानीय युवाओं की हत्याएँ हो रही हैं। CPI कभी भी माओवाद का समर्थन नहीं करती, बल्कि माओवादी हिंसा से पार्टी को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने बताया कि चुनाव के समय माओवादियों ने CPI की गाड़ियों को जला दिया था और कार्यकर्ताओं पर हमले किए थे।
सांसद ने कहा, “माओवाद के नाम पर जिस नौजवान की हत्या हो रही है, वह भी इसी समुदाय से है और जो हत्या कर रहा है, वह भी इसी समाज से है। यदि किसी पर आरोप है तो उसे सीधे मौत के घाट उतारने की बजाय कानून के हवाले किया जाना चाहिए। यह देश संविधान से चलता है और टेक्नोलॉजी के इस युग में कोई भी अपराधी बच नहीं सकता।”
महंगाई और बेरोजगारी पर बोले सांसद
सांसद ने कहा कि आज महंगाई चरम पर है और बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। रोजगार के अभाव में स्थानीय नौजवान भटकाव का शिकार हो रहे हैं और इन्हीं हालात का फायदा उठाकर उन्हें माओवाद की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि CPI इन सवालों को मजबूती से उठाएगी और जनता के हक की लड़ाई लड़ेगी।
आगामी कार्यक्रमों की झलक
सांसद ने विश्वास जताया कि CPI की नीतियाँ और संघर्षशील राजनीति ही बस्तर के आदिवासी समाज को न्याय दिला सकती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर जनता के बीच सच को पहुँचाएँ और संगठन को मज़बूत करें

















