जरूरत से ज्यादा आती है नींद और शरीर में आलस? हो सकता है इन बीमारियों का संकेत
कभी-कभी थकान या नींद ज्यादा आना सामान्य बात है। लेकिन अगर आपको रोज़ाना 7–8 घंटे की नींद लेने के बाद भी दिनभर नींद और आलस बना रहता है, तो इसे हल्के में न लें। यह स्थिति हाइपरसोम्निया (Hypersomnia) कहलाती है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकती है।
???? हाइपरसोम्निया क्या है?
हाइपरसोम्निया में व्यक्ति रात में पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिन में सुस्ती, थकान और बार-बार नींद महसूस करता है। यह सिर्फ लाइफ़स्टाइल की गड़बड़ी नहीं, बल्कि अंदरूनी बीमारी की वजह भी हो सकता है।
⚠️ जरूरत से ज्यादा नींद आने के संभावित कारण
1. स्लीप एपनिया
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सोते समय कुछ सेकंड तक सांस रुक जाती है या धीमी हो जाती है।
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दिमाग को ऑक्सीजन कम मिलती है।
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नींद बार-बार टूटती है और दिनभर थकान रहती है।
2. थायरॉयड की समस्या (Hypothyroidism)
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थायरॉयड ग्रंथि के अंडरएक्टिव होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
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ऊर्जा उत्पादन कम होता है, जिससे सुस्ती और नींद ज्यादा आती है।
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लक्षण: वजन बढ़ना, थकान, ठंड अधिक लगना।
3. पोषण की कमी
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आयरन, विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्वों की कमी से शरीर में कमजोरी आती है।
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इससे भी लगातार नींद और आलस महसूस हो सकता है।
4. अवसाद (Depression)
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डिप्रेशन में नींद समस्याओं से बचने का जरिया बन जाती है।
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व्यक्ति सामान्य से कहीं ज्यादा सोता है।
???? कब करें डॉक्टर से संपर्क?
अगर आपको लगातार:
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7–8 घंटे की नींद के बाद भी दिनभर नींद आती है
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थकान और आलस बना रहता है
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वजन बढ़ना, मूड खराब रहना या सांस रुकने जैसी समस्या हो
???? तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
✅ बचाव और उपाय
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नियमित व्यायाम और योग करें
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संतुलित आहार लें (आयरन, विटामिन B12 युक्त भोजन)
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स्लीप रूटीन को ठीक रखें (सोने-जागने का समय तय करें)
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तनाव कम करने की कोशिश करें

















