सांसद ज्योत्सना महंत पर डॉ रश्मि सोनकर का पलटवार। छत्तीसगढ़ में बढ़ रहे अपराधों पर कब गंभीर होगी सरकार
मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ महतारी हुंकार रैली की सफलता को देखकर कांग्रेस सरकार हिल गयी है। कांग्रेस के नेताओं को महिलाओं की अपार संख्या हजम नही हो रही है। हजम होगी भी कैसे। छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के कुशासन से त्रस्त हो गई है। आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब जरूर देगी।
उक्ताशय का बयान जारी करते हुए भाजपा कार्यकर्ता डॉ रश्मि सोनकर ने कहा की 2-3 महिने मे ही छत्तीसगढ़ भाजपा ने सबसे पहले बेरोजगारी को लेकर युवा मोर्चा मे हजारों की संख्या मे युवाओं ने छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भवन का घेराव किया था। दूसरी बार अमित शाह के छत्तीसगढ़ आगमन पर बुथ स्तर से कार्यकर्ता ने हजारों की भीड़ मे राजधानी मे कुच किया था और तीसरी बार 11 नवम्बर 2022 को छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को महिलाओं ने छठी का दुध याद दिला दिया है।
सांसद ज्योत्सना महंत द्वारा स्मृति ईरानी के बारे में दीये बयान की अब उनको मंहगाई याद आ रही है और उन्हें शर्म आनी चाहिए। इस पर स्मृति ईरानी का बचाव करते हुए डॉ रश्मि सोनकर ने कहा की मै सांसद महोदया से पूछती हूँ की क्या आप शराब का समर्थन करती है? जिन वादो को लेकर छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस की सरकार बनी वह सत्ता पाकर सिर्फ तिजोरी भरने का काम कर रही है। आपके संसदीय क्षेत्र मे लगातार बलात्कार के मामले सामने आ रहे है तब आप चुप रहती है और आज भाजपा के तेज तर्रार नेत्री स्मृति ईरानी के दहाड़ से आपको तकलीफ हो गयी। तकलीफ होनी भी चाहिए आपकी सरकार ने सिर्फ वादा किया है और कुछ नही।
भरतपुर सोनहत के विधायक गुलाब कमरो दुसरे राज्यों की स्थिति बताने मे लग गये। विधायक जी आप दूर मत जाये। आपके ही जिले मे आपके ही विधानसभा क्षेत्र मे आपके ही कांग्रेस पार्टी का ब्लॉक अध्यक्ष जो गैंगरेप का मुख्य आरोपी था। तब आप विरोध नही किये। झगराखांड थाने के अंतर्गत छिपछिपी उप स्वास्थ्य केंद्र मे नर्स सुरक्षित नही। दिनदहाड़े बंदी बनाकर बलात्कार होता है। विधायक जी का क्षेत्र ही ग्रामीण है। जाइये महिलाओं से पता करिये जब पति दिन भर की कमाई को शराब मे उड़ा दे फिर परिवार कैसे रहता है।
नरवा गरवा घुरवा असल मे क्या है सबको पता है। हमारे क्षेत्र के दोनों कांग्रेस नेता ज्योत्सना महंत और गुलाब कमरो मुझे और आम जनता को बतायें। स्वसहायता समूह की महिलाओं का कर्जा माफ कब करेंगे?
छत्तीसगढ़ से गायब 2000 बेटियों को छत्तीसगढ़ मे कब वापस लायेंगे?
22 हजार रेडी टु इट संचालित करने वाली बहनो से न्याय कब करेंगे?
छत्तीसगढ़ मे गरीब जनता के 16 लाख मकान कब तक देंगे?
25 हजार आदिवासी बच्चियों की मौत कुपोषण से हुये है सुधार कब तक करेंगे?
और सबसे बड़ा सवाल छत्तीसगढ़ की बेटियों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के विरोध मे प्रियंका गांधी कब आयेंगी?
सीधी बात है छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को जनता मे रुचि नही है वो सिर्फ तिजोरी भर रही है जिसके खुलासे ईडी आये दिन कर रही है।
थोड़ी बहुत शर्म बाकी है तो जनता से किये वादे निभाये या फिर कुर्सी छोड़ दें। जनता जाग चुकी है। अगले चुनाव मे विपक्ष के लायक भी कांग्रेस सरकार नही बचेगी।

















