जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का घेराव
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने युक्तियुक्तकरण नीति के तहत सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। दुर्ग में हुए इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए।विरोध की शुरुआत दुर्ग बस स्टैंड से रैली के रूप में हुई,जो जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंची और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।।

दुर्ग जिला शिक्षा कार्यालय के घेराव की तैयारी के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और बेरिकेडिंग लगाई गई थी। लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता पहले बेरिकेडिंग को तोड़ते हुए कार्यालय की ओर बढ़े, जिसके बाद दूसरी बेरिकेडिंग पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसी दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार का यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में तुगलकी फरमान जैसा है। उनके अनुसार, 10,463 स्कूलों को बंद करने से लगभग 45,000 शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे। साथ ही स्कूलों में कार्यरत रसोइया, चपरासी, सफाई कर्मचारी, महिला सहायता समूह के सदस्य और अन्य कर्मचारी भी बेरोजगार हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि यह फैसला गरीब, अनुसूचित और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर गंभीर प्रभाव डालेगा। ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में खोले गए करीब 700 आत्मानंद स्कूलों को भाजपा सरकार कमजोर कर रही है न तो पर्याप्त शिक्षक दे रही है, न ही समय पर वेतन।इस प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। लेखा अधिकारी राजेंद्र ओझा ने बताया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार तक भेजा जाएगा और स्कूलों को बंद करने पर पुनर्विचार की सिफारिश की जाएगी।

















