सब बह गया, मैं जीकर क्या करूं… बाढ़ में बर्बाद हुई फसल तो आत्महत्या करने लगा किसान, VIDEO

सब बह गया, मैं जीकर क्या करूं… बाढ़ में बर्बाद हुई फसल तो आत्महत्या करने लगा किसान, VIDEO

30-Aug-2025    5:50:26 pm    10    Anita nishad

 Maharashtra Farmer Viral Video: बीते कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश से देश के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात है. पहाड़ी राज्यों में जान-माल का ज्यादा नुकसान हुआ है. वहीं मैदानी राज्यों में पानी कोसों-कोस तक फैला हुआ है.

जिससे किसानों की फसल बुरी तरह से बर्बाद हो गई है. बाढ़ में फसल बर्बाद होने से किसान बुरी तरह से परेशान है. ऐसे ही एक परेशान किसान का वीडियो सामने आया है. जो बाढ़ में फसल बर्बाद होने के बाद आत्महत्या करने की जिद करता नजर आ रहा है.

यह वीडियो महाराष्ट्र के लातूर जिले से सामने आया है. जहां एक किसान बाढ़ में फसल बर्बाद होने पर आत्महत्या की जिद करता नजर आ रहा है.

वायरल वीडियो में किसान पानी भरे खेत में बिलख रहा है. वो कह रहा है, “सब बह गया, मुझे मर जाने दो, जी कर क्या करूँ? घर में बच्चे हैं! “…. किसान के साथ एक और युवक है, जो उसे रोकने की भरसक कोशिश करता नजर आ रहा है.

लातूर में तीन दिन से हो रही भारी बारिश से फसल बर्बाद

मालूम हो कि पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण लातूर जिले के किसानों की स्थिति बेहद खराब है। खेतों में पानी घुसने और फसलें बर्बाद होने से किसान भारी नुकसान में हैं। अहमदपुर तालुका के ब्रह्मवाड़ी गाँव के एक बुजुर्ग किसान का वीडियो चर्चा में है जिसमें वह अपने खेत में पानी घुसता देख गुस्से में चीख रहा है। और आयमहत्या करने की ज़िद कर रहा है, ग्रामीणों ने उसे समझाबुझा कर रोका.

रोते हुए कह रहा किसान- सब कुछ बर्बाद हो गया

वीडियो में मराठी में बुज़ुर्ग किसान यह कहता है, “मेरी ज़मीन चली गई, फसल बर्बाद हो गई, क्या करूँ? थोड़ा बहुत जो था, वो भी चला गया… बच्चे हैं… मुझे मर जाने दो! मैं जीऊँगा नहीं! मैं नहीं जीऊँगा! कैसे जियूं? सब कुछ बर्बाद हो गया, सारी फसल भी चली गई! क्या करूँ?”

सरकार कितना दे देगी? बच्चे क्या खाएंगे…

किसान आगे कह रहा है, “सरकार क्या कर रही है? मुझे जाने दो… मुझे जाने दो…बाढ़ आ गई, पानी भर गया, ज़मीन चली गई, सब बह गया, फसल चली गई, मैं क्या करूँ? मुझे मर जाने दो! क्या करूँ? जी कर क्या फायदा है? सरकार कितना दे देगी? मुझे मर जाने दो… बच्चे क्या खाएंगे, मैं क्या करूँ?