थाना फरसगांव पुलिस को 05 अंतर्राज्यीय सायबर अपराधियों को पकड़ने में मिली सफलता। एसडीओपी फरसगांव के नेतृत्व में गठित की गयी थी विशेष टीम आरोपियों को बिलासपुर और प्रयागराज से पकड़ा गया
थाना फरसगांव पुलिस को 05 अंतर्राज्यीय सायबर अपराधियों को पकड़ने में मिली सफलता। एसडीओपी फरसगांव के नेतृत्व में गठित की गयी थी विशेष टीम आरोपियों को बिलासपुर और प्रयागराज से पकड़ा गया।
11 राज्यों के कुल 17 मामलों में एक करोड़ सत्तर लाख के सायबर फाड में फरार थे ये आरोपी ।
पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा 14C-MHA से प्राप्त सायबर अपराध में शामिल म्यूल एकाउण्ट के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु दिये गये निर्देश में पुलिस अधीक्षक कोण्डागांव वाय अक्षय कुमार एंव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन सभी थानों एवं अनुविभाग को उक्त सायबर अपराधों के त्वरित निकाल हेतु निर्देशित किया गया था। इस तारतम्य में विशेष टीम गठित की गई थी जिसमें सायबर सेल के सदस्य लगातार पेडिंग सायबर फाड और भागे हुये आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने का लगातार प्रयास कर रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप फरसगांव पुलिस को 05 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त हुयी है। गौर तलब है कि उक्त आरोपियों के विरूद्ध कुल 11 राज्यों में 17 अलग-अलग स्थानों पर एक करोड़ सत्तर लाख के सायबर फाड के मामलें दर्ज हुए है। थाना फरसगांव में 4 अलग - अलग अपराध में भी उक्त आरोपीगण फरार थे।

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देश के आधार पर थाना फरसगांव में सर्व प्रथम अपराध दर्ज किया गया जिसमें म्यूल एकाउण्ट धारक एवं प्रथम लेयर के आरोपी भावेश तारम को गिरफ्तार कर विस्तृत पूछताछ की गयी। जिसके परिणामस्वरूप म्यूल एकाउण्ट के लेयर 2. लेयर 3 के शातिर आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गयी। थाना फरसगांव में 03 अन्य म्यूल एकाउण्ट के विरूद्ध भी । विश्लेषण में पाया गया कि चारों अपराध के तार आपस में जुडे हुये है और एक ही समूह के अपराधियों के द्वारा इन अपराधों को अंजाम दिया गया है।
सायबर अपराध को अजाम देने के लिए म्यूल एकाउण्ट की आवश्यकता होती है जिस व्यक्ति के नाम से म्यूल एकाउण्ट खुलवाया जाता है उसे कुछ रूपय देकर उसके एकाउण्ट का पूरा किट (एटीमए, पास बुक, पिन, एटीएम सिम) एकाउण्ट खुलवाने वाले आरोपी अपने पास रख लेते है। यदि पैसों के लालच में साशय एकाण्ट खुलवाया जाता है तो म्यूल खाता धारक भी लेयर 1 का आरोपी होता है लेयर-2 का आरोपी लेयर 1 से म्यूल एकाउण्ट लेकर लेयर 3 को अधिक कीमत पर बेचता है जो या तो स्वयं स्कैमर (एण्ड यूजर) होता है या और अधिक कीमत पर लेयर 4 को बेच देता है उक्त एकाउण्ट का उपयोग राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय सायबर फ्राड मार्केट में किया जाता है (=
इसके अलावा इन एकाउण्ट का प्रयोंग सेक्सटार्शन, ट्रेडिंग स्कैम, ऑनलाईन अवैध वेटिंग आदि के लिए भी किया जाता है। गौरतलब है कि फरसगांव पुलिस को उक्त अपराध में लेयर एंव लेयर 4 के शातिर आराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।
अपराध में प्रथम गिरफ्तार आरोपी भावेश तारम के विस्तृत पूछताछ पर आरोपी प्रभाकर राय एवं उनके अन्य लेयर 3 और लेयर 4 के साथियों की पहचान की गयी। जिस पर फरसगांव पुलिस लगातार उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने में प्रयासरत् थी। आरोपीगण द्वारा स्वयं को छुपाने के एव पुलिस के कार्यवाही बचने हेतु हर सम्भव प्रयास किया गया था लेकिन एसडीओपी अभिनव उपाध्याय एवं उनके टीम को गहन तकनीकी विशलेषण के पश्चात आरोपी प्रभाकर राय का बिलासपुर में होना पता चला जिसे दबिश देकर गिरफ्तार किया गया तथा पूछताछ पर लेयर 3 एंव लेयर 4 के इसके अन्य साथीगण के बारे में जानकारी प्राप्त हुई इस पर से थाना प्रभारी फरसगांव की टीम को भिलाई रवाना किया गया। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही आरोपी फ्लाईट बुक कर रायपुर से प्रयागराज की ओर भाग खड़े हुये थे लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर CISF और प्रयागराज पुलिस से प्रयागराज एयरपोर्ट आथोरिटी से तत्काल संपर्क स्थापित कर करते हुये आधे घंटे के अन्दर ही सभी आरोपियों के संबंध में रायपुर एयर पोर्ट से जानकारी जुटाई और वहाँ संपर्क कर जानकारी देकर सफल समनवय से 04 शातिर आरोपियों को एयर पोर्ट प्रयागराज में ही रोक लिया गया और उन्हे गिरफ्तार करने हेतु टीम के द्वारा उन सभी को वहाँ से विधिवत् ट्रजिस्ट रिमाण्ड पर यहाँ लाया गया और माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया
उक्त आरोपीगणों के कुल 34 अन्य खातों की जानकारी प्राप्त हुयी है। जिसमें 9 लाख 39 हजार 824 रूपये है जिनके होल्ड की कार्यवाही की जा रही है।

















