दोस्ती या धोखा? यश शर्मा मर्डर केस में 4 दोषियों को उम्रकैद – 48 घंटे की बर्बरता की कहानी जो रूह कंपा दे

दोस्ती या धोखा? यश शर्मा मर्डर केस में 4 दोषियों को उम्रकैद – 48 घंटे की बर्बरता की कहानी जो रूह कंपा दे

14-Aug-2025    8:34:53 pm    321    Anita nishad

 रायपुर:छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यश शर्मा हत्याकांड ने जब पूरे शहर को झकझोर दिया था, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि दोस्ती की आड़ में रची गई यह साजिश इतनी वहशियाना होगी। अब इस दिल दहलाने वाले केस में एट्रोसिटी कोर्ट ने 4 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

तीन महीने के भीतर आए इस फैसले ने साबित कर दिया कि न्याय में देर नहीं, लेकिन दरकार सख्ती की है।



 4 दोस्त, 1 प्लान और 48 घंटे की दरिंदगी

  • दोषी:

    • तुषार पाहुजा

    • यश खेमानी

    • चिराग पंजवानी

    • तुषार पंजवानी

मृतक यश शर्मा, 20 वर्षीय युवक, सिंधी समाज में पंडिताई का कार्य करता था। 13 अक्टूबर 2024 को एक कथित पार्टी का बहाना बनाकर उसे बुलाया गया। फिर शुरू हुआ दरिंदगी का खेल, जो अगले 48 घंटे तक चलता रहा।



 कैसे हुई थी हत्या की शुरुआत?

  • पार्टी का बहाना बनाकर यश को कार में बिठाया गया।

  • रिंग रोड के पास एक कैफे के बाहर उसे बांस के डंडों से पीटा गया

  • फिर शगुन फॉर्म हाउस ले जाकर दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।

  • इस दौरान उस पर शारीरिक और मानसिक अत्याचार किए गए।

  • सिगरेट से जलाई गईं कलाईयां, जबरन शराब, और छाती पर मार –
    हॉस्पिटल के डॉक्टर भी यश की हालत देखकर सन्न रह गए।



 जेल की हवा खा रहे चारों दोषी, अब ताउम्र सलाखों के पीछे

  • कोर्ट में पेश किए गए 28 गवाहों के बयानों और यश के मरने से पहले के बयान के आधार पर न्यायालय ने चारों को आजन्म कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई।

  • केस की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे स्पीड ट्रायल के तहत चलाया गया।



 सवाल अब भी बाकी हैं...

क्या ये हत्या किसी पुराने झगड़े का बदला थी?
या फिर था इसमें कोई बड़ा गैंग या रैकेट?
पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल छोड़े हैं, जिनकी गहराई से जांच बाकी है।



 इस केस की हाईलाइट्स:

  • वारदात की तारीख: 13 अक्टूबर 2024

  • FIR दर्ज: 19 अक्टूबर 2024

  • गिरफ्तारी: दिसंबर 2024 - फरवरी 2025

  • सजा सुनाई गई: अगस्त 2025

  • पीड़ित का बयान: AIIMS में इलाज के दौरान दिया गया

  • कोर्ट: स्पेशल जज एट्रोसिटी कोर्ट, रायपुर