14 अगस्त को है हल षष्ठी व्रत: संतान की सलामती के लिए न करें ये 6 गलतियाँ, वरना व्रत हो सकता है निष्फल!
Hal Shashthi Vrat 2025: मां की ममता और धार्मिक आस्था का पर्व
तारीख: 14 अगस्त 2025, गुरुवार
तिथि: भाद्रपद कृष्ण षष्ठी
योग: सर्वार्थ सिद्धि योग (पूरे दिन)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:52 तक
धार्मिक मान्यता: इस दिन व्रती महिलाएं भगवान बलराम, गणेश जी, माता पार्वती और छठ मैया की पूजा कर अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं। यह व्रत विशेष रूप से मातृत्व प्रेम और बलराम जी के प्रतीक हल से जुड़ा हुआ है, जिसे ग्रामीण भारत में गहरी आस्था से मनाया जाता है।
हल षष्ठी में भूलकर भी न करें ये 6 कार्य:
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हल से जोतकर उगाई गई चीजों का सेवन न करें — जैसे गेहूं, चावल, आलू आदि।
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गाय के दूध, दही या घी का प्रयोग न करें।
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महुआ की दातुन से ही दांत साफ करें — कोई और दातुन न लें।
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हल से जोती गई जमीन पर पैर न रखें।
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तामसिक चीजें जैसे लहसुन, प्याज, मांस आदि न खाएं।
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संतान को किसी भी प्रकार का दुःख या कठोर वचन न दें — क्योंकि यह व्रत उन्हीं की भलाई के लिए रखा गया है।
व्रत में क्या खाएं?
सिंघाड़े या महुआ के आटे से बने पकवान
तिन्नी के चावल
भैंस का दूध, दही, घी
फल, कंदमूल, मिठाई (हल रहित)
पूजन विधि:
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सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनें
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चौकी पर गणेश जी, बलराम जी और छठ मैया की प्रतिमा रखें
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रोली, अक्षत, महुआ, दूर्वा, जल से पूजन करें
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बच्चों के सुख और दीर्घायु के लिए संकल्प लें
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व्रत की कथा सुनें और फलाहार करें

















