वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रदर्शन

01-Jul-2026    6:46:35 pm    17    सावन कुमार- संपादक

 पहली तिमाही में 44.10 मिलियन टन कोयला उत्पादन, 48.79 मिलियन टन कोयला प्रेषण और 99.36 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) के साथ दर्ज किया गया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

कोयला मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी मिनी रत्न कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. कंपनी ने कोयला उत्पादन, प्रेषण (ऑफटेक) तथा ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) – इन तीनों प्रमुख परिचालन मानकों पर अब तक का सर्वश्रेष्ठ और ऐतिहासिक प्रदर्शन दर्ज किया है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के दौरान एसईसीएल ने 44.10 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है. इसी प्रकार, समीक्षाधीन अवधि में कंपनी का कुल कोयला प्रेषण 48.79 मिलियन टन रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.29 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है. इसके अतिरिक्त, ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) के मोर्चे पर भी कंपनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 99.36 मिलियन घन मीटर ओबीआर दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.62 प्रतिशत अधिक है।

विशेष रूप से जून 2026 का महीना एसईसीएल के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है. इस माह में कंपनी ने अब तक का सर्वाधिक मासिक कोयला उत्पादन एवं प्रेषण दर्ज किया. इसके साथ ही, कंपनी ने 34.05 मिलियन घन मीटर ओबीआर कर एक नया मासिक रिकॉर्ड स्थापित किया, जो निर्धारित मासिक लक्ष्य से लगभग 10 प्रतिशत अधिक तथा जून 2025 की तुलना में 17.3 प्रतिशत की भारी वृद्धि को प्रदर्शित करता है. ओबीआर का यह बेहतरीन प्रदर्शन आगामी मानसून के महीनों में भी कोयला उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने के लिए एक मजबूत परिचालन आधार प्रदान करेगा.  पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ खनन पद्धतियों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, एसईसीएल ने कोयले के मैकेनाइज्ड परिवहन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) प्रणाली के माध्यम से 19.58 मिलियन टन कोयले का प्रेषण किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.7 प्रतिशत अधिक है. एफएमसी आधारित साइलो लोडिंग प्रणाली ने देश में तेज, स्वच्छ और पूरी तरह से धूलरहित कोयला परिवहन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है"।


एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन ने कहा -"कोयला उत्पादन, प्रेषण एवं ओवरबर्डन रिमूवल के क्षेत्र में पहली तिमाही का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हमारे कर्मियों की प्रतिबद्धता और परिचालन उत्कृष्टता के प्रति हमारी सतत प्रतिबद्धता का परिणाम है। एफएमसी आधारित कोयला लोडिंग में उल्लेखनीय वृद्धि दक्ष एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मानसून को देखते हुए हमारी सभी खदानों में व्यापक तैयारियां पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी हैं और हम निर्बाध कोयला आपूर्ति के माध्यम से देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं"।

देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में एसईसीएल ने अपनी केंद्रीय भूमिका को और मजबूत किया है. पहली तिमाही के दौरान कंपनी ने देश की विभिन्न विद्युत उत्पादन इकाइयों (पावर प्लांट्स) को 37.79 मिलियन टन कोयले की निर्बाध आपूर्ति की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.4 प्रतिशत अधिक है. इसके साथ ही, भूमिगत खनन के क्षेत्र में भी एसईसीएल ने नया इतिहास रचा है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भूमिगत खदानों से 3.17 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.35 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्शाता है. यह पिछले छह वर्षों में पहली तिमाही का अब तक का सर्वश्रेष्ठ भूमिगत उत्पादन प्रदर्शन है.  एसईसीएल का यह चौतरफा रिकॉर्ड प्रदर्शन कंपनी की उच्च परिचालन दक्षता, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन और राष्ट्र के प्रति इसकी जवाबदेही को रेखांकित करता है. यह महत्वपूर्ण उपलब्धि पैरेंट कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के वित्तीय वर्ष 2026-27 के समग्र उत्पादन एवं प्रेषण लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगी"।