आलू के अंदर से फूट आई है जड़ तो खाना चाहिए या नहीं? 1 गलती से शरीर में फैलने लगेगा 'जहर'

आलू के अंदर से फूट आई है जड़ तो खाना चाहिए या नहीं? 1 गलती से शरीर में फैलने लगेगा 'जहर'

03-Sep-2025    8:27:43 pm    17    Anita nishad

 दाल, फलियां और चनों को अंकुरित होने के बाद खाया जाता है। लेकिन आलू के मामले में इसको लेकर थोड़ा डर रहता है। अंकुरित आलू में खतरनाक तत्व होते हैं, जो डायरिया, उल्टी, पेट दर्द और यहां तक कि जानलेवा भी बन सकते हैं।

कई सारी चीजों को अंकुरित करके खाया जाता है। अंकुरित होने से इनका पाचन बेहतर हो जाता है और इनके पोषक तत्व मिलने लगते हैं। दाल, फलियां, चने आदि को अंकुरित करके खाना बेहद स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। तो अंकुरित आलू भी खा सकते हैं?

अंकुरित होने के बाद आलू खाएं या नहीं? अंकुरित आलू कई एक्सपर्ट की नजरों में खतरनाक माना जाता है। आलू का रंग हरा पड़ जाने या इसके अंकुरित होने के बाद लोग फेंक देते हैं। आमतौर पर मानना होता है कि अंकुरित होने पर इसमें जहरीले पदार्थ बढ़ने लगते हैं। आइए जानते हैं कि यह बात कितनी सच है?आलू अंकुरित होने पर क्या होता है?

सोलानाइन और काकोनाइन नाम के दो ग्लाइकोएल्कालोइड कंपाउंड आलू के अंदर होते हैं। जब आलू में अंकुर फूटने लगते हैं तो इनकी मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है। जहां कम मात्रा में यह शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं, वहीं साइंस डायरेक्ट पर मौजूद शोध के मुताबिक ज्यादा मात्रा में इनसे टॉक्सिसिटी (जहर) बना सकते हैं।


ज्यादा ग्लाइकोएल्कालोइड के नुकसान

जैसे जैसे आलू में अंकुर बढ़ने लगते हैं, वैसे वैसे इन कंपाउंड की मात्रा भी बढ़ती जाती है। टॉक्सिन सेवन करने के कुछ घंटों बाद नुकसान दिखना शुरू होता है। यह पेट का काम बिगाड़ सकते हैं, जिससे उल्टी, डायरिया और पेट दर्द हो सकता है।


अंकुरित आलू से मौत का कितना खतरा?

वैसे तो अंकुरित आलू खाने के बाद मौत के मामले ना के बराबर देखे गए हैं। हालांकि कुछ शोध में ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं, लेकिन इसके लिए आलू में ग्लाइकोएल्कालोइड की बहुत ज्यादा मात्रा होनी चाहिए। अत्यधिक मात्रा में ब्लड प्रेशर बहुत कम होना, तेज धड़कन, बुखार, सिरदर्द, कंफ्यूजन भी हो सकती है।


अंकुरित आलू खाने का तरीका

अगर आलू थोड़ा हरा पड़ने लगे या अंकुरित हो जाए तो उसे खाते हुए कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे पहले आप आलू का हरा हिस्सा या अंकुर को काटकर निकाल दें। फिर इन्हें छीलकर फ्राई करके खाएं। माना जाता है कि फ्राई करने पर ग्लाइकोएल्कालोइड की मात्रा कम हो जाती है।


ग्लाइकोएल्कालोइड के फायदे

सीमित मात्रा में इन्हें लेने से कई फायदे मिलते हैं। इन्हें बैक्टीरियल इंफेक्शन के खिलाफ सुरक्षा देने वाला, ब्लड शुगर कम करने वाला औरमाना जाता है। यह टमाटर और बैंगन समेत कई चीजों में होते हैं।