भाजपा के ट्रीपल इंजन की सरकार मे अपराधियों के हौसले बुलंद पुलिस नाकाम नरेन्द्र देवांगन
कोंडागांव - कोंडागांव जिले मे हुई चाकू बाजी मर्डर सहित प्रदेश मे बढ़ती घटनाओं को देख कोंडागांव शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश मे जबसे भाजपा की सरकार आई है लगातार आये दिन घटनायें बढ़ गयी हैँ अपराधियों के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते जा रहा है यह कहीं न कहीं साय सरकार की नाकामी है पुलिस की कमजोरी है। प्रदेश मे लूट डकैत महिला संबंधी घटना तो आम सी हो गयी है राजधानी से लेकर छोटे छोटे शहरों मे खुलेआम गोलीबारी चाकूबाजी की घटनाएं सुनने देखने को मिल रही है आमजनता कहीं सुरक्षित नहीं है।मीडिया के माध्यम से पता चला है सोमवार रात कोंडागांव मे चाकूबाजी हुई है जिसमे अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गयी, कोंडागांव जैसे शहर मे ऐसी घटना घटित होना कई सवालों को जन्म देती है। जिस जगह घटना घटित होना बताया जा रहा है वहाँ पर पुलिस के कई बड़े अधिकारीयों का निवास है नगर पालिका कार्यालय है कुछ ही दुरी मे आईटीबीपी का कैम्प है ऐसे जगह पर आरोपी अगर इतने बड़े घटना को अंजाम देने की सोंचता है और कामयाब भी हो जाता है तो कहीं न कहीं पुलिस की नाकामी इसमें साफ प्रदर्शित होती है। कोंडागांव जिला मुख्यालय मे इस तरह की घटना के 40 घंटे बाद भी कोंडागांव पुलिस आरोपी को पकड़ने मे नाकामयाब है तो आमजन कैसे सुरक्षित महसूस कर सकता है। जिले के साथ साथ सम्पूर्ण प्रदेश मे युवा नशे की गिरफ्त मे हैँ गांव गांव मे शराब की अवैध बिक्री हो रही है एमपी ओड़िसा के शराब बिक रहें हैँ जगह जगह गांजा बिक रहा है छोटे छोटे बच्चे कई अन्य प्रकार की नशे के शिकार हो चुके हैँ कहीं न कहीं यह नशाखोरी भी अपराध को बढ़ावा दे रहा है,पर सवाल यह उठता है की क्या साय सरकार की पुलिस इन सभी नशे के कारोबारियों तक पहुंचने मे नाकामयाब है या फिर पुलिस के संरक्षण मे यह नशे का कारोबार फल फूल रहा है। घटना घटित होना बड़ी बात नहीं है बड़ी बात यह है की घटना को अंजाम देने की सोंच कैसे सका आरोपी क्या अपराधियों मे पुलिस व क़ानून का खौफ नहीं रहा? कारण चाहे जो भी हो आमजनमानस मे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है क्या यही है सफल पुलिसिंग?क्या केवल बस्तर की खनीज सम्पदा के दोहन की लम्बी प्लानिंग के तहत नक्सलीयों को रास्ते से हटाना ही सरकार का उद्देश्य है जनता को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? छत्तीसगढ़ प्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है परन्तु भाजपा के सरकार मे यहाँ कोई सुरक्षित नहीं है छत्तीसगढ़ जैसा शांत प्रदेश आज पूर्णतः अशांत हो चुका है कभी पुलिस द्वारा बिच बाजार मे आमजन से खुलेआम मारपीट की घटना देखने को मिलती है तो जगह जगह पत्रकारों के साथ मारपीट की बात सुनाई देती है क्या यही है विष्णु का सुशासन? रेत माफियायों के कारनामें हर दिन अख़बार मे पढ़ने को मिल रही है क्या यही है अच्छे दिन? सूरजपुर बलरामपुर हो या गरियाबंद धमतरी सुकमा कोंडागांव हर जगह रेत माफियाओं का आतंक है रेत को अन्य प्रदेश मे बेच रहें हैँ आवाज उठाने पर खुलेआम गुंडागर्दी कर रहें हैँ, आखिर इन माफियायों को किसका संरक्षण है? भाजपा के कुशासन के खिलाफ कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठा रही है आमजन के बिच केवल एक ही बात चर्चा मे है क्या केवल महतारी वंदन के सहारे सरकार बनाना ही भाजपा का उद्देश्य था जनता से कोई सरोकार नहीं है?प्रदेश की जनता अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है क्या यही है मोदी की गारंटी?छत्तीसगढ़ प्रदेश मे सुरक्षा तो नाम मात्र का नहीं रहा महिलाओ के साथ दिन प्रतिदिन हो रहे अनाचार अत्याचार,बढ़ती गुंडागर्दी, दिन प्रतिदिन बढ़ती घटनाएं बता रही है की विष्णुदेव साय सरकार चलाने मे असमर्थ है नैतिकता के आधार पर तत्काल स्तीफा दे देनी चाहिए।

















