महासमुंद जिले का झलप विद्युत वितरण केंद्र,अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है, जिससे हो रहें हैं ग्रामीण परेशान
महासमुंद/ छत्तीसगढ़
महासमुंद जिले के झलप विद्युत वितरण केन्द्र के अधीनस्थ बावनकेरा गॉव मे बिजली विभाग महीनों के ऊपर हो गया ख़म्भे लाकर गड्ढे खोद कर किसी बड़ी अनहोनी का महीनों से इंतजार कर रहा है, महीनों से गड्ढा खोदकर खम्भो को लगाना विभाग भूल गया है,जबकि बरसात का समय है किसानों को गांव वालों को बिजली की सख्त जरूरत है,इसके बावजूद बिजली विभाग बारिश,किसानी को देखते हुए कोई सुविधा देना तो दूर की बात इसके विपरीत गड्डे खोद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है

आप को बतादें तीन खम्भा बावनकेरा मजार के पास है और गड्ढा भी खुदा हुआ है,वही दो ख़म्भे गांधी चौक के पास पड़ा हुआ है जिसे बिजली विभाग रखकर बड़ी दुर्घटना का इंतजार महीनों से कर रहा है। देख कर ऐसा प्रतीत होता है की किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही बिजली विभाग के अधिकारी इस और अपना ध्यान केंद्रित करेंगे,
इतना ही नही
हमेशा से अपने कारनामो के लिये मशहूर महासमुंद जिले के झलप विद्युत वितरण केन्द्र के अधिकारी,कर्मचारी कुछ ना कुछ कारनामा करते रहते है विभाग के उच्च अधिकारी भी इनके कारनामो को हमेशा नजरअंदाज कर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं करते जैसे की ग्रामीण जनता बिजली की कोई समस्या के लिए फोन करती है तो फोन नहीं उठाना,मौखिक कोइ शिकायत करने पर लिखित शिकायत की मांग करना,ऐसे बहुत से कारनामे शामिल है वहीं अंगद कि पेर की तरह बरसो से जमे अधिकारी का ट्रांसफर न होना सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करता है,किसी तरह की कोई शिकायत मिलने पर उसकी जांच न करना अंधेर नगरी चौपट राजा वाला दृश्य देखने को मिलता है यहाँ के कर्मचारियों व अधिकारियों के रवैये से ग्रामीण जनता पूरी तरह से त्रस्त है इनके कार्य शैली से ग्रामीण जनता परेशान हैं, वहीं विद्युत केंद्र में
एक अकुशल लेबर नाम सुल्तान है,जिसके द्वारा झलप विद्युत केंद्र का पूरा कार्य संचालित किया जा रहा है इतना ही नही उसी अकुशल लेबर से 33/11केवी लाइन का भी कार्य लिया जाता है,ग्रामीणों की शिकायत है कि बिना अकुशल लेबर सुल्तान के विद्युत केंद्र में पत्ता नही हिलता जिसको लेकर सब स्टेशन जूनियर इंजीनियर व वहां के और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करने पर जवाब मिलता है स्टॉफ की कमी के कारण हमें अकुशल लेबर सुल्तान से मज़बूरी वस काम कराना पड़ता है, इतना ही नही अकुशल लेबर सुल्तान किंस मद से किसके आदेश से किंस ठीकेदार द्वारा नियुक्त किया गया है ये भी संदेहास्पद है, इन सब कारनामों को देखते हुए सरकार पर सवालिया निशान खड़ा होना लाजमी है क्या बिजली विभाग किसी दबाव मे किसी तरह की कार्यवाही करने से डर रहा है, यहाँ बरसो से जमे अधिकारी का ट्रांसफर नहीं होना है सभी बाते विचारणीय है?

















