राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव
भारत देश की खूबसूरती और हमारे कल्चर का व्याख्यान दिखाने आजादी के इस 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय जनजातीय साहित्य महोत्सव के साथ साथ राज्य स्तरीय कला, चित्रकला प्रतियोगिता और आदिवासी नृत्य महोत्सव आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास के लिए भारत सरकार जनजाति कार्य मंत्रालय के सहयोग से होने जा रहा है । इस सम्मेलन में झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल ,मेघालय ,आंध्रप्रदेश ,तेलंगाना मध्यप्रदेश, कर्नाटक और भी जगह से विद्वान साहित्यकार भाग ले रहे है
समारोह का मुख्य उद्देश्य देश भर में पारंपरिक और समकालीन साहित्य से परिचय कराना है ,साथ ही शोधकर्ता, साहित्यकारों और रचनाकारों को मंच प्रदान करना है
19 अप्रैल 2022 को दीनदयाल उपाध्याय ऑडोटोरियम रायपुर में मुख्यमंत्री इस साहित्य महोत्सव का उदघाटन करेंगे 20 अप्रैल 2022 को तृतीय सत्र में जनजातीय साहित्य में लिंग संबध मुद्दे , सामाजिक सांस्कृति संघर्ष और चुनौतियों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे
21 अप्रैल 2022 को पंच सत्र में जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका और योगदान पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे 21 अप्रैल 2022 को शाम 7 बजे आयोजित कार्यकम राज्यपाल की उपस्थिति में समापन होगा*प्रेसवार्ता-आमंत्रण*
बाइट आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

















