राज्य शासन की मंशा एवं कलेक्टर धावड़े के पहल पर गांव-घर के नजदीक मिली जाति, आय, निवास, राशनकार्ड बनवाने की सुविधाएं
06-Aug-2021
5:44:58 pm
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Sawankumar
कोरिया- राज्य शासन की मंशा अनुरूप आम जन को सरलता से जाति प्रमाण पत्र जारी करने की दिशा में कलेक्टर श्री श्याम धावड़े की संवेदनशील पहल का परिणाम है कि जिले में अब तक 25 हज़ार से ज्यादा लोगों से जाति प्रमाण पत्र हेतु आवेदन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर श्री धावड़े के द्वारा लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांव में शिविर आयोजित करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए। यह शिविर लोगों के लिए एक पथ बहुतेरे काज साबित हो रहे हैं। जाति प्रमाण पत्र के साथ ही यहां लोगों को आय, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, केसीसी कार्ड, ऋणपुस्तिका आदि भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। जिसका बड़ा फायदा विशेष पिछड़ी जनजाति सहित अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को मिल रहा है।
जाति प्रमाण पत्र हेतु 25 हज़ार से ज्यादा लोगों ने किया आवेदन, परीक्षण की कार्यवाही भी जारी
कलेक्टर श्री धावड़े के नेतृत्व में जिला प्रशासन की इस पहल को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। जानकारी के अनुसार विकासखंड भरतपुर में 13 हज़ार 950 लोगों ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया है। इसमें विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के 3 हजार 372 एवं चेरवा जाति के 805 आवेदन सहित कुल 10 हजार 57 अनुसूचित जनजाति, 1 हजार 28 अनुसूचित जाति, एवं 2 हजार 865 अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदन शामिल हैं। मनेन्द्रगढ़ में प्राप्त कुल 2 हज़ार 337 आवेदनों में मनेन्द्रगढ़ तहसील मे 762 अनुसूचित जनजाति, 113 अनुसूचित जाति व 22 विशेष पिछड़ी जनजाति तथा 146 अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से कुल 225 जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं।
इसी तरह, सोनहत में प्राप्त कुल 1 हजार 658 जाति प्रमाण पत्र हेतु आवेदनों में अनुसूचित जाति व जनजाति के 1 हजार 183, अन्य पिछड़ा वर्ग के 475 आवेदन प्राप्त हुए एवं आय प्रमाण पत्र के 839 तथा निवास प्रमाण पत्र के 836 आवेदन प्राप्त हुए हैं। खड़गवां से प्राप्त कुल 2 हजार 750 आवेदनों में अनुसूचित जनजाति के 2 हजार 23, अनुसूचित जाति के 201, अन्य पिछड़ा वर्ग के 526 आवेदन शामिल है। बैकुंठपुर से प्राप्त कुल 4 हजार 417 आवेदनों में अनुसूचित जाति के 1 हजार 860, अनुसूचित जाति के 281 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 2 हजार 276 आवेदन शामिल हैं। इनमें दस्तावेज सहित दस्तावेज विहीन दोनों ही आवेदन शामिल हैं। दस्तावेजों के परीक्षण एवं ग्राम सभा की कार्यवाही भी प्रारंभ हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोगों को जाति प्रमाण पत्र (सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र) जारी करने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। इससे अब जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करना आसान हो गया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (सामाजिक प्रास्थिति के प्रमाणीकरण का विनियमन) नियम 2013 के प्रावधानों के तहत जहां जाति को प्रमाणित करने हेतु कोई दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं हो तो ग्राम सभा द्वारा आवेदक की जाति के संबंध में पारित संकल्प को मान्य करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए। इसी तरह से नगर पंचायत या नगरपालिका परिषद अथवा सामान्य सभा द्वारा की गई उद्घोषणा को जाति तथा मूल निवासी के संबंध में साक्ष्य के रूप में मान्य करते हुए नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाए।