खास बात यह है कि कर्मचारियों को इसके लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना होगा।
आकस्मिक मृत्यु, प्राकृतिक मृत्यु, हवाई दुर्घटना या विकलांगता जैसी परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों को 1.60 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध होगा। यह योजना मौजूदा बीमा स्कीम की तुलना में कई गुना ज्यादा लाभकारी है।
1 करोड़ रुपये तक का आकस्मिक बीमा कवर
भारतीय रेल और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच हुए समझौते के तहत कर्मचारियों को अब पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। एमओयू के मुताबिक, एसबीआई में सैलरी अकाउंट रखने वाले प्रत्येक रेल कर्मचारी को आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध होगा। इसका मतलब यह है कि किसी भी दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना में यदि कर्मचारी की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद तुरंत दी जाएगी। इससे परिवार को न केवल आर्थिक स्थिरता मिलेगी बल्कि भविष्य की अनिश्चितताओं से भी बचाव होगा।
इतना ही नहीं, यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से होती है, तब भी उसके परिवार को 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा।
हवाई दुर्घटना पर 1.60 करोड़ का कवर
इस योजना में रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों को हवाई दुर्घटना में 1.60 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा, पूर्ण स्थायी विकलांगता पर 1 करोड़ और आंशिक स्थायी विकलांगता पर 80 लाख रुपये का लाभ दिया जाएगा।
सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए भी राहत
योजना का दायरा सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। रिटायर्ड कर्मचारियों को भी 30 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। साथ ही, उनके परिवार के चार सदस्यों को 5-5 लाख रुपये यानी कुल 20 लाख रुपये का लाभ भी दिया जाएगा।
अभी तक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी समूह बीमा योजना (CGEGIS) के तहत कर्मचारियों को केवल 1.20 लाख, 60,000 और 30,000 रुपये तक का कवर मिलता था। लेकिन एसबीआई और रेलवे के नए समझौते से बीमा राशि में कई गुना बढ़ोतरी की गई है।