उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की सुरक्षा अब CRPF के हाथ में, दिल्ली पुलिस की भूमिका बदली
नई दिल्ली। 15वें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की सुरक्षा व्यवस्था में गृह मंत्रालय ने बड़ा बदलाव किया है। अब उनकी सुरक्षा पूरी तरह सीआरपीएफ (CRPF) के जिम्मे होगी। दिल्ली पुलिस अब केवल उपराष्ट्रपति के आवास के बाहर सुरक्षा और गाड़ियों के प्रवेश की जिम्मेदारी संभालेगी।
✦ CRPF की जिम्मेदारियां
गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ को निर्देश दिए हैं कि ब्लू-बुक 2025 के प्रावधानों के अनुसार उपराष्ट्रपति के:
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निवास
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ठहरने की जगह
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आसपास का इलाका
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मोबाइल और काफिले की सुरक्षा
की पूरी जिम्मेदारी संभाले।
✦ दिल्ली पुलिस की भूमिका
दिल्ली पुलिस अब केवल प्रवेश सुरक्षा और उपराष्ट्रपति आवास के आसपास सुरक्षा का काम करेगी। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव वीवीआईपी सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए किया गया है।
✦ उपराष्ट्रपति को मिलती है Z+ सुरक्षा
सीपी राधाकृष्णन को देश की सबसे उच्च स्तर की Z+ सुरक्षा मिली है। इसमें लगभग 50 जवान शिफ्ट में काम करते हैं और उपराष्ट्रपति के काफिले तथा आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। प्रधानमंत्री और उनके परिवार के लिए SPG कवर के बाद यह देश की दूसरी सबसे उच्च सुरक्षा मानी जाती है।
✦ ब्लू बुक क्या है?
ब्लू-बुक गृह मंत्रालय द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइन है, जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े प्रावधान और सिक्योरिटी जवानों की संख्या, प्रोटोकॉल और अन्य विवरण शामिल होते हैं।
✦ सीपी राधाकृष्णन के बारे में
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महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं।
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कोयंबटूर से दो बार सांसद रह चुके हैं।
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16 साल की उम्र में आरएसएस में शामिल हुए।
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उपराष्ट्रपति चुनाव में उन्हें 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट ही मिले।
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