लाल रंग में नहाया आसमान… 122 साल बाद दिखा पितृपक्ष संग ‘ब्लड मून’ का अद्भुत नजारा
नई दिल्ली। साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण शनिवार रात देशभर में अद्भुत नजारा लेकर आया। रात 9:58 बजे शुरू हुआ यह ग्रहण देर रात 1:26 बजे तक चला। इस दौरान आसमान में चांद लाल रंग में चमकता दिखाई दिया, जिसे वैज्ञानिक ‘ब्लड मून’ कहते हैं।
खगोलविदों के मुताबिक पृथ्वी के वातावरण में मौजूद धूल और गैसें सूर्य की रोशनी को रोक देती हैं और केवल लाल किरणें चंद्रमा तक पहुंच पाती हैं। यही वजह रही कि इस बार पूरा चांद खून-सा लाल नजर आया। खास बात यह रही कि 122 वर्षों बाद यह घटना पितृपक्ष के महासंयोग में घटी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय मंत्र-जप और भजन करना शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रह दोषों से राहत पाने और पितरों की आत्मा की शांति के लिए ग्रहण के मोक्ष काल यानी रात 2:24 बजे दान करना अत्यंत फलदायी होगा।
विशेषज्ञों ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और वृद्धजनों को ग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस अद्भुत खगोलीय घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और अध्यात्म का संगम चांदनी रात में कितना रहस्यमयी हो सकता है।

















