जितिया पारण की थाली में छिपा है रहस्य! इन 7 व्यंजनों को भूलकर खाई कोई और डिश… तो टूट सकता है व्रत का प्रभाव”
जितिया पारण की थाली में छिपा है रहस्य! इन 7 व्यंजनों को भूलकर खाई कोई और डिश… तो टूट सकता है व्रत का प्रभाव
जितिया का पर्व मातृत्व और संतान के प्रति निष्ठा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस बार 14 सितंबर को माताएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए यह कठिन व्रत रखेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जितिया पारण की थाली में अगर सही व्यंजन न हों, तो व्रत का पूरा प्रभाव टूट सकता है।
परंपरा कहती है कि पारण के दिन सात खास पकवान बनाना बेहद जरूरी है। इन्हें पूजा के बाद प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है। जानिए कौन-सी हैं वो सात चीजें, जिनके बिना जितिया पारण अधूरा और अशुभ माना जाता है—
-
अरवा चावल – सामान्य चावल नहीं, अरवा चावल ही पकाना शुभ माना गया है।
-
दाल – चना, मूंग या अरहर की दाल; इसके बिना थाली अधूरी है।
-
नोनी साग – ठंडी तासीर और व्रत के बाद ऊर्जा देने वाला व्यंजन।
-
कद्दू की सब्जी – चने की दाल के साथ बनी मसालेदार कद्दू की सब्जी खास महत्व रखती है।
-
कंदा (अरबी) की सब्जी – लगभग हर घर की थाली में अनिवार्य पकवान।
-
मडुआ की रोटी/लड्डू – व्रत और प्रसाद दोनों के लिए सबसे पवित्र व्यंजन।
-
सतपुतिया (झिंगी) की सब्जी – हल्की, पचने में आसान और धार्मिक मान्यता से जुड़ी डिश।
कहा जाता है कि इन सात व्यंजनों की थाली के बिना व्रत का पारण अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि यदि भूलवश इन पकवानों की जगह कोई और डिश परोसी जाए तो व्रत का प्रभाव कम हो सकता है।

















