शिक्षक की कमी विद्यार्थी समेत पालक परेशान जिस गांव को प्रधानमंत्री ने लिया गोद वहां के 85 बच्चों में 1 शिक्षिका कमार जनजाति के लिए चलाई जाने वाली योजना यहां नहीं कर रही काम
धमतरी जिले में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी द्वारा गोद लिए गए ग्राम दुगली में इन दिनों पालक और विद्यार्थी शिक्षकों की कमी से परेशान हैं। सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में गुहार लगाने पहुंचे पालकों का कहना है कि ग्राम दुगली के अंतर्गत प्राथमिक शाला दुगली सन् 1927 (ब्रिटिश काल) से संचालित है.... चूंकि प्रशासन के नियमानुसार युक्तियुक्तकरण के तहत आश्रम प्राथमिक शाला दुगली को प्राथमिक शाला दुगली में समायोजन किया गया है। समायोजन होने के बाद प्राथमिक शाला दुगली में विद्यार्थियों की कुल दर्ज संख्या 85 है

जिसमें विशेष पिछड़ी जनजाति (कमार) बच्चे भी अध्ययनरत है वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य शासन के द्वारा इनके लिए विशेष सुविधा एवं योजना चलाई जा रही है। बावजूद इसके यहां पर वर्तमान में एक ही शिक्षिका पदस्थ है एकल शिक्षकीय शाला होने के कारण शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है।
अपनी इस गंभीर मांग को लेकर पहुंची महिला ने बताया कि शाला में एक ही शिक्षिका है जिसे आधे से ज्यादा समय तक कार्यालयीन कार्य करना पड़ता है, जिसके कारण वह भी पूरी तरह से विद्यार्थियों को अध्यापन कार्य नहीं करवा पा रही है। जबकि ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या से बीते लगभग 2 सालों से ग्रामीणों के अलावा विद्यार्थी ग्रस्त हैं, जिसके कारण शाला के परीक्षा परिणाम भी बेहतर नहीं हो पा रहे हैं।
ग्राम दुगली से लगभग 50 की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग समेत जिला प्रशासन को चेतावनी दिए हैं कि यदि 17 जुलाई तक शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो 18 जुलाई दिन शुक्रवार को वे स्कूल में तालाबंदी करने बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

















