Online Food मंगवाने वालों को लग सकता है झटका, GST Council के नए फैसले से बड़ी हलचल
05-Sep-2025
2:30:55 pm
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Anita nishad
सरकार के नए फैसले से जोमैटो और स्विगी जैसी बड़ी फूड डिलीवरी कंपनियों पर टैक्स का नया बोझ आ गया है। ये कंपनियां कह रही हैं कि वे यह खर्च अपने ग्राहकों से वसूल सकती हैं यानी आने वाले दिनों में डिलीवरी चार्ज बढ़ सकते हैं और जेब पर थोड़ा और बोझ पड़ सकता है।
जीएसटी काउंसिल ने फैसला किया है कि अब फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स को डिलीवरी चार्ज पर 18% जीएसटी देना होगा। इससे पहले डिलीवरी बॉय पर यह टैक्स लागू नहीं था यानी उनकी डिलीवरी फीस पर GST नहीं लगता था। इसका मतलब यह है कि जोमैटो और स्विगी को हर साल लगभग 180-200 करोड़ रुपए अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा।
कंपनियों का कहना है कि इस टैक्स का असर ग्राहकों तक पहुंचेगा। जोमैटो ने इशारा किया है कि इसका कुछ हिस्सा डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई से और कुछ ग्राहकों पर बढ़े हुए शुल्क के रूप में वसूला जा सकता है। स्विगी ने भी संकेत दिया है कि टैक्स का भार अंततः उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।
ग्रोथ पर असर
दोनों कंपनियों की ग्रोथ हाल के महीनों में धीमी पड़ी है। अप्रैल-जून 2025 तिमाही में जोमैटो को ₹451 करोड़ और स्विगी को ₹192 करोड़ का मुनाफा हुआ था लेकिन डिलीवरी बिजनेस में बढ़ोतरी 20% से कम रही।
विवाद का कारण
यह मामला CGST एक्ट की धारा 9(5) से जुड़ा है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपने सर्विस प्रोवाइडर की ओर से टैक्स जमा करने को बाध्य करती है। सरकार का कहना है कि जब प्लेटफॉर्म डिलीवरी फीस लेते हैं तो टैक्स भी वही भरें, जबकि कंपनियों का तर्क है कि यह रकम सीधे डिलीवरी पार्टनर्स को दी जाती है।