वेस्ट चिरमिरी पोंड़ी बना अवैध कारोबार करने वालो का अड्डा किन अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा कोयले के चोरी का अवैध व्यापार

वेस्ट चिरमिरी पोंड़ी बना अवैध कारोबार करने वालो का अड्डा किन अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा कोयले के चोरी का अवैध व्यापार

22-Jul-2023    10:09:51 pm    150    सावन कुमार- संपादक

जिला एमसीबी के अंतर्गत आने वाली काले हीरे की नगरी चिरमिरी पोंडी में इन दिनों कोल माफिया और अवैध कारोबार करने वाले के हौसले इस कदर बुलंद है कि जैसे ही शाम होती है कोयले से भरी हुई ट्रैक्टर  जंगलों में नए पौधो को कुचलते हुए कोयले का अवैद्य उत्खनन कर कर परिवहन कर रहे हैं कुछ दिनों पहले समाज के चौथे स्तंभ के रूप में काम करने वाले पत्रकार से भी मारपीट किया गया था क्योंकि उसके द्वारा अवैध खनन का मुद्दा उठाया गया था
 पत्रकार के साथ मारपीट करने के दौरान पत्रकार द्वारा पोड़ी थाना में कोल माफियाओं के ऊपर केस दर्ज कराया गया था लेकिन डेढ़ से 2 महीने गुजरने के बावजूद जानकारी मिला की  अभी तक थाना प्रभारी द्वारा कोर्ट में चालान पेश नहीं किया गया है इसे थाना प्रभारी की लापरवाही समझे या फिर अवैध माफिया के हाथो में बिक गए है ऐसा कहना गलत नही होगा। 
इसी तरह से पोंडी थाना से लगा हुआ नगर निगम के सामने ही बस्ती प्रेमनगर नाम से प्रसिद्ध है जहा धड़ल्ले से कच्ची शराब का व्यापार किया जा रहा है इसका शुध लेने वाला अभी तक ऐसा कोई अधिकारी  पोंडी थाना में नहीं आया और पोंडी थाना के अंतर्गत कई ऐसे अवैध कारनामे फल फूल रहे है जैसे की पौड़ी से लगा हुआ चिताझोर या 96 या  कठहर पारा में जुआ की महफिल सुबह से शाम तक लगती है पोंडी थाना को इसकी कोई जानकारी नहीं रहती है या फिर पोंडी थाना जान के अनजान बनती रहती  है  पोंडी थाना के अंतर्गत मोहल्लों में  नसीली इंजेक्शन का भी व्यापार लगातार सुचारू रूप से चालू है। जिसके  खिलाफ छोटी मोटी कार्यवाही  कर खानापूर्ति होती  रहती है


: आपको बता दें कि काले हीरे की नगरी कहे जाने वाले चिरमिरी के पोड़ी क्षेत्र में कोयले के अवैध कारोबारी इन दिनों बिना किसी डर भय के जहां एक तरफ कोयले का अवैध उत्खनन कर रहे हैं और सासन प्रशासन के कहे अनुसार कबाड़ बंद है फिर पोंडी की बंद खदानों से बड़ी मात्रा में लोहे को इस प्रकार काट कर और निकाल कर चोरों द्वारा ले जाके इतनी बड़ी मात्रा में खपत कहा की जा रही है सासन प्रशासन के ऊपर यह सवाल चिन्ह खड़ी होती है वही पर पुलिस वन विभाग और एसईसीएल प्रबंधन असहाय होकर सिर्फ तमाशा देख रहा है और कोयला चोरों द्वारा ट्रैक्टर और घोड़े के मदद से चोरी करके परिवहन किया जा रहा है।पत्रकार से मार पीट होने के बाद थाना प्रभारी पौड़ी द्वारा कुछ दिनों के लिए निगम से जेसीबी मशीन लेकर कोयला चोरी करने वाले रास्ते में गड्ढा खुदवा दिया गया था जो की फिर से कोल माफियाओं द्वारा पाट दिया गया है और कोयले का अवैध परिवहन फिर से चालू कर दिया गया है समझने और सोचने की बात तो यह है कि थाना से कुछ ही दूरी पर इस तरह से अवैध  परिवहन कार्य चलता है और थाना प्रभारी को पता तक नहीं रहता 
   
अब देखने वाली बात होगी कि चिरमिरी क्षेत्र के कोल माफियाओं पर एसईसीएल प्रबंधन और पुलिस और  वन विभाग किस प्रकार से कार्यवाही करता है या फिर कोयला चोरों और अवैध कारोबार करने  वालो के सामने नत मस्तक हो जाते  है यह तो समय ही बताएगा लेकिन एक बात कहना होगा कि पत्रकार के साथ जिस प्रकार से कोल माफिया मारपीट करने से भी नही डर रहे हैं बल्कि थाना के अंदर भी पत्रकार को कोयला चोर द्वारा दुबारा देख लेने की धमकी भी दी जाती है इससे साफ पता चलता है कि क्षेत्र में पुलिस और एसईसीएल प्रबंधन किस प्रकार से सक्रिय हैं