बच्चे का शव मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर खड़ी कुशीनगर एक्सप्रेस की टॉयलेट से बरामद हुआ था. अब इस पूरे मामले का खुलासा हो गया है.
दरअसल, बच्चे का अपहरण किसी और ने नहीं, बल्कि उसके अपने ही रिश्तेदार ने किया था. आरोपी विकास शाह अपनी मां और बहन के साथ कुछ दिनों पहले बिहार से सूरत आया था और यहां अपनी मौसी के घर रह रहा था. इसी दौरान घर में रहने और कामकाज को लेकर उसकी मौसी से कहासुनी हो गई.

मौसी ने उसे घर छोड़ने की बात कही. यही बात विकास को चुभ गई और उसने ऐसा खौफनाक कदम उठाया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. उसने खौफनाक प्लान बना डाला. गुस्से में उसने अपनी ही मौसी के तीन साल के मासूम बेटे का अपहरण कर लिया और उसे मुंबई ले गया.
आरोपी विकास रास्ते भर वह प्लान बनाता रहा और आखिरकार कुशीनगर एक्सप्रेस के AC कोच में उसने ब्लेड से मासूम का गला रेतकर उसकी जान ले ली. उसके बाद शव को ट्रेन की टॉयलेट में फेंककर फरार हो गया.
इधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी. आरोपी अपने साथ बच्चे की मां का मोबाइल भी ले गया था, जिसे वह बार-बार ऑन-ऑफ करता रहा. पुलिस ने इसी लोकेशन के आधार पर सुराग निकाला और मुंबई के बीकेसी इलाके में छापेमारी की. पुलिस को देखते ही आरोपी विकास भागने लगा, लेकिन आखिरकार सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया.
डीसीपी भावेश रोजिया के अनुसार, बच्चे की हत्या का आरोपी विकास पहले ओमान, कतर और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों में नौकरी करता था. छह महीने पहले ही भारत लौटा था. यहां उसके पास कोई काम-धंधा नहीं था. मौसी ने उसे घर में रखने से मना कर दिया तो उसके भीतर बदले की आग भर गई. उसने मासूम पर ही गुस्सा निकाल दिया. सूरत से लेकर मुंबई तक इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी को झकझोर दिया. रिश्तों की तकरार ने तीन साल के बच्चे की जिंदगी छीन ली. पुलिस के द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी विकास ने बच्चे की हत्या की वारदात कबूल कर ली.