शिक्षक एवम् स्कूल बिल्डिंग के आभाव में नौनिहाल बच्चे
बताते चले कि कवर्धा ,पंडरिया विकासखंड के प्राणखैरा स्कूल के एक ही कमरें में दो दो क्लास के बच्चे पढ़ रहे हैं पहली से पांचवीं तक संचालित इस स्कूल में पढ़ाने के लिये सिर्फ एक ही शिक्षक हैं शहरों में

आत्मानंद स्कूल खुल जाने से शिक्षा का स्तर सुधर जायेगा ये सोचना उचित नहीं है ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्ता पूरी तरह से गर्त में चला गया है एक ही कक्षा में पहली दूसरी और चौथी पांचवी लग रही है अब सोचने वाली बात ये है की छात्र किस असमंजस के साथ पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं पांच क्लास के लिऐ एक शिक्षक ही उपलब्ध है शिक्षक एक क्लास में पढ़ाई कर रहे हैं तो बांकी क्लास के बच्चे उठ के भाग जा रहे हैं,अब शिक्षक बच्चों को ढूंढते फिरे या पढ़ाये अश्वनी यदु ने कहा 97 छात्र छात्राओं के लिए एक ही शिक्षक जल्द उक्त विषय को लेकर जिला शिक्षा आधिकारी से मांग करेंगे

















