अंबिकापुर में 22 करोड़ से अधिक की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं
अंबिकापुर में 22 करोड़ से अधिक की लागत से बन रही सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण के महज दूसरे दिन ही सड़कें उखड़ने लगीं, जिससे नाराज़ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है।भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के सामने बनी सड़क की हालत इतनी खराब है कि लोग उसे हाथों और पैरों से उखाड़ कर घटिया निर्माण का सबूत दिखा रहे हैं।

लोगों का कहना है कि वर्षों बाद सड़क निर्माण हो रहा है, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद गुणवत्ता बेहद खराब है। महापौर मंजूषा भगत ने निर्माण शुरू होने के वक्त लोगों से कहा था कि वे खुद निगरानी करें और घटिया काम पर सवाल उठाएं। अब वही जनता सवाल पूछ रही है, लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार अब खामोश हैं।
सवाल यह है कि जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, तो फिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? क्या 22 करोड़ की लागत में भी गुणवत्ता की गारंटी नहीं मिल सकती? जवाबदेही तय होगी या फिर यह मामला भी धूल फांकता रह जाएगा?

















