चिरमिरी में पहली बार संभाग स्तरीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन, 94 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

चिरमिरी में पहली बार संभाग स्तरीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन, 94 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा

13-Jul-2026    6:37:49 pm    83    सावन कुमार- संपादक

चिरमिरी (एमसीबी)। एमसीबी जिले के चिरमिरी में पहली बार संभाग स्तरीय रैपिड शतरंज प्रतियोगिता-2026 का भव्य आयोजन हल्दीबाड़ी स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया। चिरमिरी शतरंज संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में संभाग के विभिन्न जिलों से आए 94 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी रणनीतिक सोच, कौशल और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।



प्रतियोगिता का उद्देश्य क्षेत्र में शतरंज खेल को बढ़ावा देना और नई प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना रहा। महिला, पुरुष एवं विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों के बीच सात राउंड तक रोमांचक मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता में मोहम्मद हसनैन अली ने प्रथम, श्रेयांश मिश्रा ने द्वितीय तथा श्रीमती श्रेया शिल्पी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं राजेश कुमार मिश्रा चौथे और अरुण सिंह पांचवें स्थान पर रहे।
आयोजन समिति के अनुसार, चिरमिरी में पहली बार अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों के अनुरूप विशेषज्ञ आर्बिटरों की देखरेख तथा छत्तीसगढ़ शतरंज संघ के मार्गदर्शन में इस स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता को


खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों का भरपूर सहयोग एवं सराहना मिली। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस सफल आयोजन से भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
प्रतियोगिता का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। उद्घाटन समारोह में प्रो. भागवत प्रसाद दुबे मुख्य अतिथि तथा क्षेत्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.के. बिराजी ने अध्यक्षता की। समापन समारोह में चिरमिरी महापौर रामनरेश राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान छत्तीसगढ़ शतरंज संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
देर शाम आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने चिरमिरी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सफल शतरंज प्रतियोगिता के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में बौद्धिक खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।