भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप 3 में मशीनीकृत हाउसकीपिंग लागू सुरक्षा और कार्यकुशलता को नई मजबूती

भिलाई इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप 3 में मशीनीकृत हाउसकीपिंग लागू सुरक्षा और कार्यकुशलता को नई मजबूती

13-Jul-2026    8:15:03 pm    8    सावन कुमार- संपादक

 आधुनिक मशीनों से होगी सफाई, जनशक्ति व लागत में कमी के साथ कार्यस्थल की स्वच्छता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई इस्पात संयंत्र ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और परिचालन दक्षता को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (स्टील मेल्टिंग शॉप-3) में आधुनिक मशीनीकृत हाउसकीपिंग एवं सफाई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत अत्याधुनिक मशीनों और उन्नत सफाई उपकरणों के उपयोग से कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाया जा रहा है।

संयंत्र के अनुसार, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 का विस्तृत कार्यक्षेत्र और चुनौतीपूर्ण औद्योगिक वातावरण हाउसकीपिंग कार्य को अत्यंत श्रम-प्रधान बनाता है। पूर्व व्यवस्था में अधिकांश सफाई कार्य मैन्युअल रूप से किए जाते थे तथा मशीनीकृत सफाई के लिए केवल एक बैकहो लोडर (जेसीबी) उपलब्ध था। सीमित संसाधनों के कारण अपेक्षित स्तर की स्वच्छता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण था। वहीं, कर्मचारियों को हॉट मेटल क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कार्य करना पड़ता था, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बने रहते थे। इसके अलावा संयंत्र के परिधीय मार्ग, हॉट मेटल डीसल्फराइजेशन स्टेशन (हॉट मेटल डीसल्फराइजेशन स्टेशन-एचएमडीएस) क्षेत्र तथा कास्टर सीवी-2 के आसपास की सफाई पूर्व अनुबंध के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं थी।

नई व्यवस्था के अंतर्गत व्यापक स्तर पर मशीनीकृत सफाई प्रणाली विकसित की गई है। इसके लिए डम्पर एवं ट्रक, बैकहो लोडर (जेसीबी), व्हील्ड स्किड स्टीयर लोडर (बॉबकैट), बैटरी संचालित राइड-ऑन स्वीपर, इलेक्ट्रिक एवं बैटरी संचालित स्क्रबर ड्रायर, ग्लास क्लीनिंग किट सहित अन्य आधुनिक उपकरणों की तैनाती की गई है। इन संसाधनों के उपयोग से सफाई कार्य अब अधिक तेज, प्रभावी और सुरक्षित ढंग से किए जा रहे हैं।

नई हाउसकीपिंग व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव संसाधन प्रबंधन पर भी दिखाई दिया है। हाउसकीपिंग कार्य के लिए आवश्यक कुल जनशक्ति 69 से घटकर 44 रह गई है, जबकि कार्य का दायरा और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अनुबंध की कुल लागत भी लगभग 6.37 करोड़ रुपये से घटकर 5.55 करोड़ रुपये हो गई है, जिससे संसाधनों के अधिक प्रभावी और किफायती उपयोग को बढ़ावा मिला है।

संयंत्र प्रबंधन के अनुसार मशीनीकृत सफाई व्यवस्था लागू होने से जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में मैन्युअल कार्य में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हुआ है। इसके साथ ही संयंत्र परिसर की स्वच्छता, औद्योगिक अपशिष्ट एवं मलबे का वैज्ञानिक निष्पादन, परिधीय क्षेत्रों और सड़कों का नियमित रखरखाव तथा समग्र औद्योगिक वातावरण में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। यह पहल सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक कार्यसंस्कृति विकसित करने की दिशा में भिलाई इस्पात संयंत्र का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।