VSK ऐप की तकनीकी खामियों से शिक्षक परेशान, उपस्थिति प्रभावित, तकनीकी गलती की सजा शिक्षकों को देने का फेडरेशन ने किया विरोध

VSK ऐप की तकनीकी खामियों से शिक्षक परेशान, उपस्थिति प्रभावित, तकनीकी गलती की सजा शिक्षकों को देने का फेडरेशन ने किया विरोध

19-Sep-2026    2:17:55 pm    8    सावन कुमार- संपादक

एमसीबी। शिक्षा विभाग की डिजिटल निगरानी व्यवस्था के तहत संचालित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर जिले के शिक्षक परेशान हैं। शिक्षकों का कहना है कि ऐप में बार-बार अपडेट, सर्वर एवं लॉगिन की समस्या, मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होना और नेटवर्क संबंधी दिक्कतों के कारण विद्यालय में उपस्थित रहने के बावजूद कई शिक्षकों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है।

शिक्षकों के अनुसार कुछ मामलों में VSK ऐप में विद्यालय में मौजूद शिक्षक भी अनुपस्थित प्रदर्शित हो रहे हैं। वहीं, विभागीय सिस्टम में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने के कारण कई शिक्षकों को ऐप आधारित उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी हो रही है। ऐसी परिस्थितियों में कुछ शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात भी सामने आई है।

तकनीकी खामी के लिए शिक्षक जिम्मेदार क्यों?

छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला इकाई एमसीबी ने इस मामले को लेकर चिंता जताई है। फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक डिजिटल व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐप या विभागीय तकनीकी व्यवस्था में आई खामी के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने पर शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।

फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार नेताम ने कहा कि यदि कोई शिक्षक विद्यालय में उपस्थित है और तकनीकी समस्या के कारण उसकी उपस्थिति ऐप में दर्ज नहीं हो पाती है, तो कार्रवाई करने से पहले वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन किया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग से VSK ऐप की तकनीकी कमियों को दूर करने तथा शिक्षकों को अनावश्यक नोटिस और कार्रवाई से राहत देने की मांग की।

वहीं, प्रदेश सहायक मीडिया प्रभारी पंकज कुमार लहरे ने कहा कि मोबाइल नंबर अपडेट, सर्वर, लॉगिन, GPS और नेटवर्क से संबंधित समस्याओं का समाधान विभाग को प्राथमिकता से करना चाहिए। तकनीकी त्रुटि को शिक्षक की लापरवाही मानकर कारण बताओ नोटिस जारी करना उचित नहीं है।

फेडरेशन ने रखीं प्रमुख मांगें

फेडरेशन ने मांग की है कि तकनीकी कारणों से अनुपस्थित प्रदर्शित होने वाले शिक्षकों को केवल ऐप रिकॉर्ड के आधार पर अनुपस्थित नहीं माना जाए। मोबाइल नंबर अपडेट की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और VSK ऐप की तकनीकी खामियों को दूर किया जाए। नेटवर्क या सर्वर की समस्या वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक उपस्थिति व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा तकनीकी त्रुटि के आधार पर जारी कारण बताओ नोटिस की समीक्षा करने तथा तकनीकी समस्या के कारण किसी शिक्षक का वेतन या सेवा संबंधी लाभ प्रभावित नहीं करने की मांग भी की गई है।

फेडरेशन के पांच सवाल

फेडरेशन ने शिक्षा विभाग के समक्ष सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि शिक्षक विद्यालय में मौजूद है और तकनीकी समस्या के कारण ऐप में अनुपस्थित दिखाई देता है तो क्या केवल ऐप का रिकॉर्ड ही अंतिम प्रमाण माना जाएगा? जिन शिक्षकों के मोबाइल नंबर विभागीय सिस्टम में अपडेट नहीं हुए हैं, उसकी जिम्मेदारी किसकी है? कार्रवाई से पहले वास्तविक उपस्थिति और तकनीकी लॉग की जांच क्यों नहीं की जाती? ऐप में बार-बार होने वाले अपडेट के संबंध में शिक्षकों को पर्याप्त तकनीकी जानकारी और सहायता क्यों नहीं दी जा रही है? साथ ही फेडरेशन ने पूछा है कि क्या विभाग ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाएगा, जिससे तकनीकी त्रुटि के कारण किसी शिक्षक की उपस्थिति, वेतन या सेवा संबंधी लाभ प्रभावित न हो।

फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक विद्यालयों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। डिजिटल तकनीक व्यवस्था को बेहतर बनाने का माध्यम होनी चाहिए, न कि तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण। जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार नेताम और प्रदेश सहायक मीडिया प्रभारी पंकज कुमार लहरे ने शिक्षा विभाग से VSK ऐप की समस्याओं का स्थायी समाधान करने तथा तकनीकी त्रुटियों का खामियाजा शिक्षकों को नहीं भुगतने देने की मांग की है।