सकुशल कार्यों के लिए बहुचर्चित एस डि ओ अखिलेश मिश्रा... आनंदपुर नर्सरी बना वनस्पतियों के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केन्द्र...
बैकुंठपुर। वन मंडल बैकुंठपुर अंतर्गत आनंदपुर नर्सरी जो कि लंबे समय से वनस्पतियों के संरक्षण को देखते हुए एक एहम भुमिका निभाते चला आ रहा है, आज के समय में वन विभाग की कड़ी मेहनत का सकारात्मक परिणाम स्वरूप वन मंडल बैकुंठपुर के वन परिक्षेत्रों में हरे भरे पेड़ों एवं घने जंगलों के रूप में देखा जा सकता है।
वन मंडल बैकुंठपुर में यूं तो कई अधिकारियों की पदस्थापना हुई, सबने जंगलों के लिए हर तरह के हितकारी प्रयास भी किए, मगर इन सबमें सबसे ज़्यादा बहुचर्चित एवं सकुशल नेतृत्व करने वाले सक्षम अधिकारी अखिलेश मिश्रा का नाम खासतौर पर लिया जाता है, जो कि ना सिर्फ वन मंडल बैकुंठपुर एवं जिला कोरिया में प्रसिद्ध हैं मगर संभागीय स्तर से ले कर छत्तीसगढ़ राज्य में भी अखिलेश मिश्रा को वन विभाग के उच्च अधिकारीयों से ले कर क्षेत्र के प्रभावी नेताओं ने भी उनके सकुशल कार्यों को देखते हुए पुरजोर प्रोत्साहित किया एवं सदैव करते आए हैं।

इनके बारे में और गहराई से बात की जाए तो वन मंडल बैकुंठपुर में अभी अखिलेश मिश्रा उप वन मंडलाधिकारी के पद पर विराजमान हैं, कुछ माह पुर्व ही इनके सकुशल नेतृत्व को देखते हुए इनकी पदोन्नति की गई, इसके पुर्व अखिलेश मिश्रा वन मंडल बैकुंठपुर के वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर में वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद में विराजमान थे, जिनके कार्यकाल में उनके द्वारा वन संरक्षण को ले कर तमाम लाभकारी योजनाओं के तहत कई बड़े कार्य किए गए, साथ ही साथ जंगलों में वनस्पतियों की अवैद्य कटाई से ले कर अवैद्य उत्खनन एवं लकड़ियों के अवैद्य कटाई के पश्चात परिवहन पर भी लगाम कसा गया, उनके कार्यालय में इस तरह की बड़ी कार्यवाहियों के फल स्वरूप, वन परिक्षेत्र बैकुंठपुर को आज के समय में हरा भरा एवं वनस्पतियों की हरी चादर से ढंका हुआ एक खूबसूरत नज़ारा देखा जा सकता है, वनांचल के छोटे बड़े क्षेत्रों में जंगली जानवरों से पीड़ित ग्रामिणों द्वारा भी इनकी भरपूर प्रशंसा की जाती है, जहां इनके द्वारा सहयोग एवं समर्थन के नाम पर जनहित की ओर अक्सर तत्पर देखा गया है, जिसके बावजूद, इनकी छवि को धूमिल करने के लिए कुछ इक्का दुक्का राह चलते पत्रकार द्वारा अनवरत खबरें प्रकाशित की जाती हैं, मगर अपनी ऐसी व्यर्थ प्रयासों इस प्रकार के लोग सफल नहीं हो पाते हैं, सुत्रों की मानें तो दर बदर भटकने वाले ऐसी ओछी मानसिकता के पत्रकार को वन मंडल बैकुंठपुर अंतर्गत कई
वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा अनियमित एवं झूठे खबरों के प्रकाशन एवं सक्षम अधिकारियों के कार्यक्षेत्र पर सवाल ना खड़े करते हुए उनके निजी जीवन पर हस्तक्षेप करने जैसे मामलों पर उनके नाम से नोटिस भी जारी की गई मगर अपने ओछी मानसिकता से ग्रस्त ऐसे लोग बाज नहीं आते हैं ष जिस पर कई अधिकारियों द्वारा उन्हें डांट फटकार भी दिया जाता है।

उप वन मंडलाधिकारी अखिलेश मिश्रा के सकुशल नेतृत्व में आनंदपुर नर्सरी को देखा जा सकता है, जहां आनंदपुर नर्सरी में अक्सर नए नए प्रजाति के पौधों को लंबे समय से तैयार किया जाता है, जैसे कि कुछ माह पुर्व ही पीपल के एवं बरगद के क़रीबन बीस हज़ार के पौधों को तैयार किया गया, कुछ दिनों पुर्व पूरे भारत में महाराष्ट्र के घने जंगलों में पाए जाने वाले लाल चंदन के पौधों को भी लाया गया, ऐसे कई प्रकार के औषधियुक्त पौधें जो कि आज के ज़माने में विलुप्त हो चुके थे, ऐसे कई वनस्पतियों के उपार्जन को महत्वत्ता देते हुए आनंदपुर नर्सरी फल फुल रहा है, कहीं ना कहीं इसका श्रेय वन मंडल बैकुंठपुर के उप वन मंडलाधिकारी अखिलेश मिश्रा को दिया जाता है, जिनके कुशल नेतृत्व में एवं शासन प्रशासन द्वारा दी गई ज़िम्मेदारियों का निर्वाहन सम्पूर्ण इमानदारी का प्रमाण एवं परिणाम वनस्पतियों, जन जीवों, एवं खुशहाल ग्रामिण क्षेत्रों के आम जनमानसों के रूप में देखा जाता है, ऐसे सक्षम, कर्मठ एवं निष्ठावान अधिकारियों का वन विभाग में होना आज के ज़माने में बेहद ज़रूरी है, इनके द्वारा इस तरह का सकुशल कार्य उनके छवि को धूमिल करने वालों जुबां पर ताला लगाने के समान है।

















