भाई बना अपहरणकर्ता: चचेरे भाई का किया अपहरण, 10 लाख की फिरौती की थी योजना, पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

भाई बना अपहरणकर्ता: चचेरे भाई का किया अपहरण, 10 लाख की फिरौती की थी योजना, पुलिस ने 48 घंटे में किया खुलासा

27-Aug-2025    10:09:13 pm    10    Anita nishad

 

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़):

लगरा गांव से लापता हुए 8 वर्षीय मासूम के अपहरण की गुत्थी को पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझाते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि बच्चे के ही चचेरे भाई ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दिया था। जमीन विवाद और पैसों के लालच में यह साजिश रची गई थी।

अपहरण की कहानी:
25 अगस्त को मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम लगरा से एक 8 साल का बच्चा लापता हो गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज किया और बच्चे की तलाश शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर टीम ने गांव के भीतर व बाहर सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।

संदेह की सुई चचेरे भाई पर:
जांच के दौरान पुलिस को एक टेम्पो ट्रैक्स वाहन (सीजी 11 बीएन 0720) की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जो लापता बालक के चचेरे भाई राहुल टंडन का था। पूछताछ में शुरू में राहुल ने खुद को पुलिस का सहयोगी दिखाने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और उसके बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस को शक गहरा गया।

रची थी 10 लाख की फिरौती की साजिश:
कड़ाई से पूछताछ में राहुल ने स्वीकार किया कि उसने जमीन विवाद और पैसों की लालच में आकर अपहरण की साजिश रची थी। उसने अपने दो दोस्तों – प्रशांत मैना और उमेश दिवाकर उर्फ ननकी – के साथ मिलकर बच्चे को अगवा किया। फिरौती की रकम 10 लाख रुपये तय की गई थी, जिसे तीनों में बांटने की योजना थी।

ऐसे दिया घटना को अंजाम:
राहुल ने मासूम को घुमाने के बहाने बुलाया और उसे नावागांव तालाब के पास ले जाकर अपने साथियों को सौंप दिया। वहां से वे किराए के वाहन (CG 11 BH 3441) में बच्चे को लेकर पेड्रा रोड के जंगल की ओर निकल गए। योजना के अनुसार, राहुल खुद को निर्दोष दिखाते हुए घर लौट आया और पुलिस की पूछताछ में सहयोगी बनने का नाटक करने लगा।

पुलिस की सतर्कता से बची बड़ी अनहोनी:
पुलिस की टीम ने जब पूरी घटना की परतें खोलीं तो यह चौंकाने वाला मामला सामने आया। अंततः पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया।

गिरफ्तार आरोपी:

  1. राहुल टंडन, पिता शिवचरण टंडन, उम्र 25 वर्ष, निवासी लगरा

  2. प्रशांत कुमार मैना, पिता अभिमन्यु मैना, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी

  3. उमेश दिवाकर उर्फ ननकी, पिता संतू दिवाकर, उम्र 19 वर्ष, निवासी खपरी

पुलिस की तत्परता की सराहना:
जांजगीर-चांपा पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ से न केवल एक मासूम की जान बची, बल्कि अपहरण जैसी बड़ी साजिश का भी पर्दाफाश हुआ। यह मामला इस बात की मिसाल है कि आपराधिक सोच रखने वाले चाहे जितनी भी चालाकी से अपराध करें, कानून की नजर से बच नहीं सकते।