स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली

स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली

06-Nov-2023    4:24:39 pm    83    Ibtesam Deshmukh

 बीते वर्षों में हमारे त्योहारों के साथ देश का एक नया संकल्प भी जुड़ा है। आप सब जानते हैं, ये ‘वोकल फॉर लोकल’ का संकल्प है। पॉलिथीन का हानिकारक कूड़ा स्वच्छता का पालन करने वाले हमारे त्योहारों की भावना के विपरीत है। इसलिए, हमें केवल स्थानीय रूप से निर्मित गैर-प्लास्टिक बैग का ही उपयोग करना चाहिए। हमारा कर्तव्य है कि हम त्योहारों के अवसर पर इन्हें बढ़ावा दें और स्वच्छता के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण का भी ध्यान रखें।” – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी

दिवाली का त्योहार अब बेहद नजदीक है और हर-घर इस पर्व की खुशियों से सराबोर हो रहा है। दीवाली से पहले ही लोग घरों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में व्यस्त हो जाते हैं, इसलिए स्वच्छता हर घर के केंद्र में आ जाती है। दिवाली के दौरान साफ-सफाई केवल घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि सभी समुदाय यह सुनिश्चित करने के लिए एक साथ आगे आते हैं ताकि उत्सव का जश्न मनाने से पहले हमारी सड़कें, बाजार और पड़ोस साफ-सुथरे हो सकें। पुरानी और अप्रयुक्त वस्तुओं को नई वस्तुओं से बदलना भी इस त्योहार का एक पारंपरिक हिस्सा रहा है। ऐसे में जब पूरे देश में उत्सव का माहौल है, तो उसी के अनुरूप आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तत्वावधान में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 ने 6 से 12 नवंबर 2023 तक स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छ भारत की यात्रा और पर्यावरण के लिए जीवनशैली (मिशन LiFE) के सिद्धांतों के साथ-साथ दिवाली के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करना है।मिशन LiFE के मूल सिद्धांतों को दोहराते हुए, जिसका उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना है, जीवनशैली में ‘प्रो-प्लैनेट’ व्यवहार परिवर्तन लाना है, स्वच्छ दिवाली शुभ दिवाली की अवधारणा स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल उत्सव के महत्व पर जोर देती है। इस पहल का उद्देश्य सभी लोगों को स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों का चुनाव करने, सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त दिवाली मनाने समेत दिवाली से पहले व बाद में स्वच्छता को प्राथमिकता देने के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए प्रेरित करके पर्यावरण एवं समुदायों के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। ऐसा करके, यह अभियान त्योहार के प्रति स्थायी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता वाले दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की पहल है।