स्वतंत्रता दिवस समारोह में शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
रायपुर: राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया।
इस सांस्कृतिक स्पर्धा में मदर्स प्राइड स्कूल रायपुर ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ने दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने विजेताओं को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया।
मदर्स प्राइड स्कूल की प्रस्तुति
मदर्स प्राइड स्कूल के 250 बच्चों ने "ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय", "डारा लोर गेहे रे" और "हमर पारा तुहर पारा" जैसे रिमिक्स गीतों पर देशभक्ति से ओत-प्रोत नृत्य-गीत प्रस्तुत किए। इस प्रस्तुति में बच्चों ने भारतीय सेना की वीरता को दर्शाया, जिन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह न करते हुए सेवा दी। साथ ही, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को भी प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया।
लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्रस्तुति
लक्ष्मी नारायण कन्या उ.मा.वि. के 200 विद्यार्थियों ने "हाय कहे गजरी" गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में राऊत नाचा समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न पारंपरिक नृत्यों का समावेश था। साथ ही, स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के त्यौहारों और लोक नृत्यों के योगदान को भी उजागर किया गया।
सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रस्तुति
सालेम इंग्लिश स्कूल के 250 बच्चों ने "छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे" गीत पर मनोरम लोक नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ की प्रकृति और लोक संस्कृति की विविध झलकियां देखने को मिलीं। खासतौर पर कर्मा लोक नृत्य को बच्चों ने बड़ी ही भावपूर्ण और जीवंत तरीके से प्रदर्शित किया।
यह आयोजन न सिर्फ विद्यार्थियों की प्रतिभा का प्रदर्शन था, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और देशभक्ति की भावना को भी जीवंत करने वाला एक यादगार अवसर साबित हुआ।

















