कांकेर में साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़: 90 लाख की संदिग्ध राशि उजागर, दो आरोपी गिरफ्तार
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा करीब 90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई भारत सरकार के गृह मंत्रालय से प्राप्त साइबर क्राइम पोर्टल की इनपुट के आधार पर की गई।
कैसे हुआ खुलासा?
जांच के दौरान पाया गया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, शाखा कांकेर के खाता क्रमांक 10181380466 में धोखाधड़ी से अर्जित रकम को अवैध रूप से जमा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी यह जानते हुए भी इस खाते का उपयोग कर रहे थे कि इसमें साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि जमा है।
पुलिस ने इस खाते से जुड़े म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) की भी पहचान शुरू कर दी है और कई खातों को फ्रीज करा दिया गया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपी
कांकेर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
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अमन पासवान (30 वर्ष), पिता श्रीराम पासवान, निवासी पंखाजुर, थाना पंखाजुर।
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सुजित मजुमदार (38 वर्ष), पिता सुधीर मजुमदार, निवासी गढ़चिरौली, महाराष्ट्र।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस पूरे मामले में थाना कांकेर में अपराध क्रमांक 305/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा
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317(2) – अवैध लाभ अर्जित करने हेतु तकनीकी साधनों का उपयोग,
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317(4) – वित्तीय धोखाधड़ी,
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317(5) – साइबर माध्यम से अपराध,
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318(4) – डिजिटल साक्ष्य को छुपाना या नष्ट करना,
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111 BNS – अपराध में संलिप्तता के लिए सजा
लगाकर प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा विवेचना जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।









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