सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र चिरमिरी में रविवार को डाक्टर नहीं रहने से मरीजों को हो रही परेशानी रेगुलर डॉक्टर घर मे काट रहे पर्चा लंबी लगी कतार
कोरिया / छत्तीसगढ़
बता दें कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छतीसगढ़ द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों का रख रखाव, साफ सफाई एवं उच्च गुणवत्ता कायम रखने कायाकल्प योजना संचालित की गई है। अभी के मौसम के बदलाव के चलते टाइफाइड, मलेरिया, स्वाइन फ्लू, जैसे महामारी का दौर चल रहा है जिसके बाद भी रविवार के दिन बड़ीबाजर स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए दूर-दूर से आये मरीजो को हो रही परेशानी शासकीय रिकॉर्ड में एक डॉक्टर की ड्यूटी तो लगाई जाती है पर वह डॉक्टर यहां रविवार के दिन मौजूद नहीं मिलते हैं।

अस्पताल में बड़ीबाजर ही नहीं आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं। वही प्राइवेट डॉक्टरों के यहां फीस 100 रुपये से शुरू होकर 300 रुपए तक हो गई है। अस्पताल में लैब की सुविधा होने के बाद भी प्राइवेट लेब में ब्लड टेस्ट कराना पड़ता है मरीज के लिए एक अलग मुसीबत है उसके बाद बाहर से ही दवा भी खरीदना पड़ता है रविवार के दिन अस्पताल में डॉक्टर ना मिलने पर मरीजों को मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टर के यहां जाना पड़ता है।
वही उसी अस्पताल के रेगुलर डॉक्टर घर पर फीस लेकर मरीजों का इलाज करते नागरिकों ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी से मांग की है कि सरकारी अस्पताल में ऐसे इंतजाम किए जाएं कि रविवार के दिन भी कम से कम एक डॉक्टर मरीजों के इलाज के लिए मौजूद रहे।









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