दसवी बोर्ड की परीक्षा मे प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त करने वाली सानिया मरकाम के कहने पर दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव ने टॉपर बच्ची को उसके जेल मे बंद पिता से मुलाकात कराई ।
दसवी बोर्ड की परीक्षा मे प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त करने वाली सानिया मरकाम के कहने पर दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव ने ट
दुर्ग के केंद्रीय जेल में बच्ची के पिता हत्या के मामले में निरुद्ध है।दुर्ग एसपी के प्रयास से जब दोनो पिता पुत्री ने मुलाकात किया,तो इस भावुक पल काफी समय तक यूं ही बना रहा।
जानकारी के मुताबिक दुर्ग के पोलसाय पारा की रहने वाली सानिया मरकाम दसवी बोर्ड की परीक्षा में प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त की। तब जिले के कप्तान अभिषेक पल्लव टॉपर बच्ची को अपनी शुभकामनाएं देने उसके घर पहुंचे। इस दौरान सानिया ने जेल में निरुद्ध पिता से मिलने की इच्छा जाहिर की। तब दुर्ग एसपी ने बच्ची के पिता के मर्म को समझते हुऐ,जेल अधीक्षक से फौरन चर्चा की। इसके बाद जेल प्रबंधन ने बच्ची के पिता से मुलाकात कराने की व्यवस्था की।दुर्ग एसपी खुद बच्ची को लेकर जेल पहुंचे।अपने पिता बलराम मरकाम से मिलकर सानिया भावुक हो गई। उसके पिता ने भी अपना प्यार दिखाते हुए उसे आशीर्वाद दिया।दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव ने इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुऐ कहा, की कोई परिवार अपराधी नहीं होता है,यदि परिवार का कोई सदस्य अपराध करता है, तो उस परिवार का तिरस्कार नही करना चाहिए।इस बच्ची के पिता ने पारिवारिक विवाद के चलते हत्या का अपराध किया।वह जेल में तीन वर्षो से निरुद्ध है।बच्ची ने आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई करके प्रदेश का मान बढ़ाया है।उसने पिता से मिलने की इच्छा जताई। पिता से मिलाया गया है। बच्ची की पढ़ाई के लिए शासन प्रशासन सहित पुलिस विभाग से भी जो मदद होगी उसे उपलब्ध कराया जायेगा।जेल में बंद पिता से मिलने के बाद सानिया मरकाम ने भी अपनी प्रतिक्रिया मीडिया को दी।।।

सानिया मरकाम की माने तो उसके पिता ने अपराध किया है,उसको लेकर उन्हें पश्चाताप भी है,साथ ही इस बात की खुशी भी है, की उनकी बेटी ने प्रदेश में टॉप कर उनके नाम को
रौशन किया है,जनतंत्र टीवी के लिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग से सुनील चौहान की रिपोर्ट।।

















