गौतमबुद्ध नगर: यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चपेट में 18 गांव, 3700 से ज्यादा लोग प्रभावित
गौतमबुद्ध नगर। यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से गौतमबुद्ध नगर जिले में बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पूर्ति, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ समेत तमाम विभाग राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं।
⚡ 18 गांव बाढ़ की चपेट में
अब तक जनपद के 18 गांव बाढ़ की जद में आ चुके हैं, जिनमें सदर तहसील के 12 और दादरी तहसील के 6 गांव शामिल हैं। लगभग 3700 लोगों की आबादी प्रभावित हुई है। इनमें से 3396 लोगों को सुरक्षित शरणालयों तक पहुंचाया जा चुका है। शरणालयों में भोजन, पानी और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है।
⚡ रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
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एनडीआरएफ की टीम जेवर तहसील के मेहंदीपुर में तैनात
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एसडीआरएफ सेक्टर-135 (सदर तहसील) में सक्रिय
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पीएसी 44 बटालियन नॉलेज पार्क क्षेत्र में मौजूद
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फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम सेक्टर-128 (दादरी) में तैनात
कुल मिलाकर 5 टीमें और 14 नावें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इनके साथ आपदा मित्र और होमगार्ड भी सक्रिय हैं।
⚡ स्वास्थ्य और पशु सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग की 6 मेडिकल रेस्पॉन्स टीमें शरणालयों में रह रहे लोगों को दवाएं और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध करा रही हैं। वहीं सेक्टर-135 ग्रीन बेल्ट पुश्ता रोड पर बनाए गए पशु शिविर में 1471 गौवंश को सुरक्षित रखा गया है।
⚡ राहत सामग्री और कंट्रोल रूम
अब तक दादरी क्षेत्र में 182 राहत किट और सदर क्षेत्र में 410 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 24×7 कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। आपात स्थिति में लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं –
???? 0120-2978231, 2978232, 2978233
⚡ डीएम की अपील
डीएम मेधा रूपम ने जनता से अपील की है कि नदी-नालों के किनारे न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विस्थापित लोग शरणालयों में ही रहें और पशुपालक अपने मवेशियों को प्रशासन द्वारा बनाए गए शिविरों में भेजें।









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