वन परिक्षेत्र केल्हारी में पेड़ों की अवैद्य कटाई निरंतर जारी संबंधित अधिकारी रोक लगाने में असमर्थ या नहीं पड़ता उनको फर्क

वन परिक्षेत्र केल्हारी में पेड़ों की अवैद्य कटाई निरंतर जारी संबंधित अधिकारी रोक लगाने में असमर्थ या नहीं पड़ता उनको फर्क

20-Jan-2023    9:43:20 am    137    सावन कुमार- संपादक

मनेन्द्रगढ़/केल्हारी

 

आप को बता दे कि वन परिक्षेत्र केल्हारी में अनियमितता का भरमार लंबे समय से देखा जा रहा है, जहां जंगलों की अवैद्य कटाई का कारनामा थम नहीं रहा है,  वहां के जंगलों में कई मूल्यवान पेड़ कटे नज़र आए, बात करें भालुडांड़ से लगे हुए बीट केल्हारी की तो वहां छोटे बड़े कई मूल्यवान पेड़ जिन्हें बेरहमी से काटा गया है, कहीं कुछ पेड़ों को काट कर ले जाया गया तो कहीं कुछ पेड़ों के कटे हुए हिस्सों को बड़े चालाकी से ले जाने के ताक में छुपा कर रखा गया है, सागौन के प्लांटेशन जैसे एरिया में, यह कोई आम बात नहीं जहां अवैद्य कटाई को इस कदर देखा गया, जिस पर वन विभाग लगाम कसने में अब तक तो असमर्थ ही नज़र आ रहा है।

जिस केल्हारी बीट की बात की जा रही है, असल मायने में वही केल्हारी बीट वन परिक्षेत्र केल्हारी के कार्यालय से मात्र चंद किलोमीटर ही दूर मौजूद है, जहां पर सागौन जैसे महंगे एवं इमारती लकड़ियों वाले पेड़ों की कटाई का मंज़र निरंतर जारी है, जिस पर अभी तक फिलहाल लगाम लगा पाने में वन परिक्षेत्र अधिकारी केल्हारी असमर्थ ही नजर आ रहे हैं, कुछ दिनों पुर्व ही वन परिक्षेत्र केल्हारी के रेंजर जिन्हें दो से तीन अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिसमें कि वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ है मगर जब वन परिक्षेत्र केल्हारी में ही अवैद्य कटाई का सिलसिला थम नहीं रहा है, तो क्या ऐसा ही मंज़र अब वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ का भी देखा जा सकता है?
सवाल कुछ इस तरह खड़े होते नज़र आ रहे हैं कि केल्हारी के  वन विभाग के कार्यालय से मात्र कुछ दूरी में जब इस तरह की अवैद्य कटाई पर केल्हारी के रेंजर साहब रोक नहीं लगा पा रहे हैं साथ ही साथ सुत्रों कि माने तो केल्हारी रेंजर केल्हारी के रेंज ऑफिस से भी अक्सर नदारत नज़र आते हैं, तब क्या वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ का कार्यभार संभालने के बाद वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ में भी वनस्पतियों की अवैद्य कटाई की खबरें सुर्खियों में आएंगी, जिस बात का प्रमाण वन परिक्षेत्र केल्हारी में कटे हुए पेड़ों के रूप में देखा जा ही सकता है।
इन अवैध कृत्यों पर वन परिक्षेत्र अधिकारी मौन क्यों हैं और अभी तक वन विभाग ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए इस पर किसी तरह की बड़ी कार्यवाही करने एवं मुख्य मार्गों के समीप ही ऐसे अवैद्य पेड़ों की कटाई पर रोक लगा पाने में नाकामयाब क्यों है, यह एक बड़े जांच का विषय है?