करमा तिहार के रंग में डूबा CM हाउस: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की पूजा-अर्चना, कही बड़ी बात संस्कृति और परंपरा पर…
रायपुर, 04 सितम्बर 2025।
राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में गुरुवार को करमा तिहार 2025 का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की और करमा दलों को सम्मानित किया।
✨ CM बोले – संस्कृति हमारी धरोहर
मुख्यमंत्री साय ने कहा – “हमारी संस्कृति और परंपरा हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसे जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व समाज को एकजुट करते हैं और आपसी स्नेह व सौहार्द की भावना को मजबूत करते हैं।”
उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति में करमा तिहार कई रूपों में मनाया जाता है – एकादशी करमा, दशहरा करमा और जियुत पुत्रिका करमा। ये पर्व बेटियों के अच्छे वर, गृहस्थ जीवन और संतान के दीर्घायु जीवन की कामना के प्रतीक हैं।
???? आदिवासी संस्कृति पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का योगदान अमूल्य रहा है। छत्तीसगढ़ में अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। नया रायपुर में बनने जा रहे ट्राइबल म्यूजियम में इन्हें प्रदर्शित किया जाएगा, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
साय ने यह भी कहा कि आदिवासी सशक्तिकरण के लिए नई उद्योग नीति बनाई गई है, जिसमें बस्तर और सरगुजा क्षेत्र को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। साथ ही आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य में ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की जा रही है।
???? “करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व”
वन मंत्री केदार कश्यप ने करमा पर्व को गौरवशाली परंपरा बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर पांडुम ओलंपिक जैसे आयोजनों ने छत्तीसगढ़ की पहचान को नई ऊँचाई दी है।
अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति की संरक्षक मती कौशिल्या साय ने कहा – “आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है और इसके संरक्षण में महिलाओं की अहम भूमिका है।”
???? कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद रहे
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित कई मंत्री, विधायक और कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

















