झारखंड से नक्सलवाद का सफाया? 24 नक्सली ढेर…मार्च 2026 तक राज्य होगा पूरी तरह नक्सलमुक्त….
रांची। झारखंड को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ चल रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने इस साल अब तक बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी से लेकर सितंबर तक 24 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें कई बड़े इनामी भी शामिल हैं।
ताज़ा सफलता – 10 लाख के इनामी नक्सली का खात्मा
रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र की बुर्जुवा पहाड़ी पर मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर कर दिया। बोकारो का रहने वाला यह दुर्दांत नक्सली 60 से अधिक वारदातों में वांटेड था और बीस से अधिक बार पुलिस मुठभेड़ से बच निकला था।
साल की बड़ी मुठभेड़ें
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21 अप्रैल, बोकारो: 1 करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी समेत 8 माओवादी मारे गए।
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16 जुलाई, बोकारो: 25 लाख के इनामी कुंवर मांझी ढेर।
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24 मई, लातेहार: जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा (10 लाख इनामी) और प्रभात गंझू (5 लाख इनामी) मारे गए।
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5 अगस्त, गुमला: पीएलएफआई कमांडर मार्टिन केरकेट्टा (15 लाख इनामी) का खात्मा।
नक्सलियों की स्थिति
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वर्तमान में झारखंड में सिर्फ 100-150 माओवादी सक्रिय।
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58 नक्सली इनामी सूची में, जिन पर कुल 5.46 करोड़ का इनाम।
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13 मोस्ट वांटेड में मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल पर 1-1 करोड़ का इनाम।
पुलिस का दावा
डीजीपी अनुराग गुप्ता का कहना है कि राज्य से 95% नक्सलवाद का सफाया हो चुका है। इस बार बरसात में भी अभियान जारी रखा गया और विकास योजनाओं की पहुँच ने नक्सलियों का आधार कमजोर कर दिया। पुलिस और एजेंसियों का दावा है कि आने वाले आठ महीनों में शेष उग्रवादियों का भी खात्मा कर दिया जाएगा।
झारखंड का खून-खराबा – एक नज़र
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अब तक 823 नक्सली मारे गए।
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554 पुलिसकर्मी शहीद हुए।
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836 ग्रामीणों की नक्सलियों ने हत्या की।
सवाल यह है कि क्या वाकई झारखंड 2026 तक पूरी तरह नक्सल मुक्त हो पाएगा या अभी भी जंगलों में छुपे उग्रवादी एक बड़ी चुनौती बनेंगे?

















