सुकमा की पहाड़ियों में नक्सलियों का खुफिया जखीरा! कंट्रीमेड रायफल से लेकर 480 आयरन क्लैंप तक – जवानों की सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता

सुकमा की पहाड़ियों में नक्सलियों का खुफिया जखीरा! कंट्रीमेड रायफल से लेकर 480 आयरन क्लैंप तक – जवानों की सर्च ऑपरेशन में बड़ी सफलता

24-Aug-2025    2:13:13 pm    10    Anita nishad

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक बड़ा खुफिया डंप बरामद करने में सफलता मिली है। यह डंप नक्सलियों ने गुप्त रूप से कोईमेंटा पहाड़ी में छिपाकर रखा था।

सूत्रों के अनुसार, 23 अगस्त को मेट्टागुड़ा कैंप से निकली 203 कोबरा बटालियन, 241 बस्तर बटालियन (सीआरपीएफ) और जिला बल की संयुक्त टीम को यह कामयाबी मिली।


???? क्या-क्या मिला डंप से?

बरामद सामग्री की सूची चौंकाने वाली है:

  • कंट्रीमेड रायफल

  • बीजीएल लांचर और उसका बैरल

  • टूटा हुआ UAV नेत्रा प्रोपेलर

  • इलेक्ट्रिक होल्डर वेल्डिंग मशीन

  • बेंच वाइस और स्टील पाइप

  • 480 भारी आयरन क्लैंप

  • 47 पोल एंगलर (8 किलो वजनी)

  • 45 लोहे के बेस प्लेट (2 किलो वजनी)

  • 7 लोहे की छड़

  • काला वर्दी, एम्युनेशन पाउच

  • इन्वर्टर बैटरी (टूटी हुई)

  • 20 मीटर इलेक्ट्रिक वायर

  • इलेक्ट्रिकल एक्सटेंशन बोर्ड

इसके अलावा, 35 ग्राउंड सपोर्टर, विभिन्न आकार के क्लैंप्स और एक टी-टाइप क्लैंप भी बरामद हुए हैं।


????️ सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से टला बड़ा खतरा

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के साथ आमना-सामना नहीं हुआ, लेकिन जिस विस्फोटक और तकनीकी सामान की बरामदगी हुई है, उससे साफ है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे।

सुरक्षाबलों ने यह कार्रवाई ग्राम बोटेलंका, ईरापल्ली, कोईमेंटा, दारेली और आस-पास के क्षेत्रों में की। यह अभियान सटीक खुफिया सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया।


???? क्यों है यह बरामदगी महत्वपूर्ण?

  • इस डंप में तकनीकी और इलेक्ट्रिकल सामान की मौजूदगी से अंदेशा है कि नक्सली IED और अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार करने की फिराक में थे।

  • UAV के प्रोपेलर और वेल्डिंग मशीनें यह दर्शाती हैं कि वे हाई-टेक तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।


???? जवानों की सतर्कता ने एक और बड़ा हमला रोका

इस ऑपरेशन ने न केवल एक बड़ा खतरनाक जखीरा जब्त किया, बल्कि संभावित जवानों या नागरिकों पर होने वाले हमले को भी नाकाम किया। सुकमा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है।